सुभासपा अध्यक्ष का उल्टा पड़ा दांव, पुलिस ने राजभर और उनके दोनों बेटे के खिलाफ दर्ज किया केस

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समाजवादी पार्टी (सपा) के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं विधायक ओमप्रकाश राजभर पर मंगलवार को गाजीपुर स्थित उनके विधानसभा क्षेत्र जहूराबाद में कथित रूप से हमले का आरोप लगाया था। लेकिन उनका यह दांव उलटा पड़ गया है। पुलिस ने ओम प्रकाश राजभर और उनके दोनों बेटों के खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया है। हमले के आरोपियों की तरफ से पुलिस ने ओपी राजभर, उनके बेटे अरुण और अरविंद राजभर के साथ सपा प्रत्याशी मदन चौहान को नामजद करते हुए 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बता दें कि ओपी राजभर पर हुए हमले को लेकर सपा ने ट्विटर के माध्यम से राजभर का एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में राजभर ने कहा था कि मैं अपने साथियों के साथ एक मृतक के परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र गाजीपुर के जहूराबाद में गांव सभा गोशलपुर पहदरिया पहुंचा था। मैं बातचीत कर ही रहा था तभी लाठी-डंडे लिये 10-12 लोगगाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए तैयार हो गये।

प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजभर ने इसी वीडियो में कहा कि समर्थकों के बीच बचाव करने और सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से उन्हें वहां से बचाकर निकाला गया। उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा भाजपा के लोग इस बात का ढिंढोरा पीट रहे हैं कि कानून-व्यवस्था ठीक है। जब विधायक के साथ इस तरह का सुलूक हो रहा है तो आम जनता के बारे में क्या कहा जाए। अगर हमने कंट्रोल नहीं किया होता तो यहां बवाल काफी बढ़ गया होता। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे कितने खोखले हैं यह थानों में बलात्कार की आए दिन हो रही घटनाओं से प्रमाणित है। भाजपा सरकार में विपक्ष को अपमानित करने की घटनाएं घोर निंदनीय है।

यादव ने कहा पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के जीवन को खतरा है। उन पर पिछले दिनों कई हमले हुए है फिर भी उनकी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की जा रही है। विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। यादव ने मांग की है कि सभी विपक्षी नेताओं की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए, जिससे उन्हें जनता के बीच जाने और उसकी आवाज उठाने में कोई खतरा न हो। राजभर को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अश्वासन मिला था, लेकिन इससे पहले दूसरी ओर से दी गई तहरीर पर उनके खिलाफ ही केस दर्ज हो गया। करीमुद्दीपुर पुलिस ने विश्वकर्मा सिंह की तहीर पर 16 नामजद और एक अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है। मुकदमे में ओपी राजभर के दोनों बेटों अरविंद और अरुण राजभर पर सोशल मीडिया में भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया है।

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