18 दिन सपा में रहने के बाद भाजपा में वापिस आये बाला प्रसाद अवस्थी

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यूपी के धौरहरा से भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने महज 18 दिन साइकिल की सवारी करने के बाद सोमवार को लखनऊ में प्रायश्चित करते हुए भाजपा में घर वापसी कर ली। लखनऊ में भाजपा मुख्यालय में डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उनकी भाजपा में वापसी करवाई। दूसरी बार भाजपा में घर वापसी के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह कुछ करीबियों के षडयंत्र का शिकार हो गए थे। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे राजीव अवस्थी को राजनीतिक उत्तराधिकारी बताते हुए कहा कि राजीव उनकी विरासत संभालेंगे और भाजपा को जिताने में मदद करेंगे।

जनवरी में जिले की सियासत का पारा कदर गरम था। नेताओं की दल बदलने की खबरें सुर्खियों में रहीं। इस बात को उस वक्त बल मिला जब 13 जनवरी को लखनऊ में धौरहरा से भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देकर सपा का दामन थाम लिया था। भाजपा के अन्य विधायकों के दल बदलने की खबरें हवा में तैरती रहीं। मजबूरन गोला से भाजपा विधायक अरविंद गिरि और पलिया से भाजपा विधायक रोमी साहनी को बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दल बदलने की अटकलों को खारिज करना पड़ा।
वहीं, जब भाजपा ने 21 जनवरी को धौरहरा को छोड़कर जिले की सभी आठ विधान सभा सीटों पर प्रत्याशियों को दोहराने का एलान किया तो बाला प्रसाद अवस्थी को तगड़ा झटका लगा। उन्हें एक और झटका तब लगा जब 27 जनवरी दिन बृहस्पतिवार को उनके बेटे राजीव अवस्थी की जगह समाजवादी पार्टी ने अपने भरोसेमंद रहे पूर्व मंत्री और मरहूम यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी नीलू को टिकट दे दिया। बेटे को टिकट न मिलने से नाराज विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने सपा के टिकट के एलान के चार दिन बाद सोमवार को भाजपा में घर वापसी कर ली।

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