दैनिक यूपी ब्यूरो
06/10/2021  :  12:18 HH:MM
अब रोबोट बनाएंगे भूकंपरोधी मकान, करीब डेढ़ लाख में होगा तैयार
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भूकंप, बाढ़, बारिश व आंधी-तूफान रोधी और ईको फ्रेंडली मकान महज डेढ़ लाख रुपये की लागत में बनाए जा सकेंगे। इससे जहां पक्के घर का सपना देख करोड़ों लोगों का सपना साकार होगा। वहीं, कम लागत में मजबूत मकान पाने की चाहत भी पूरी होगी। यह जानकारी मंगलवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान के अर्थ हाल में जुटे देशभर के आइआइटी प्रोफेसरों, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआइआर-सीबीआरआइ) के विज्ञानियों ने दी।

लखनऊ, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। भूकंप, बाढ़, बारिश व आंधी-तूफान रोधी और ईको फ्रेंडली मकान महज डेढ़ लाख रुपये की लागत में बनाए जा सकेंगे। इससे जहां पक्के घर का सपना देख करोड़ों लोगों का सपना साकार होगा। वहीं, कम लागत में मजबूत मकान पाने की चाहत भी पूरी होगी। यह जानकारी मंगलवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान के अर्थ हाल में जुटे देशभर के आइआइटी प्रोफेसरों, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआइआर-सीबीआरआइ) के विज्ञानियों ने दी।  

विशेषज्ञों के मुताबिक, 250 से 450 वर्गफीट तक के मकान रोबोट की सहायता से देखते ही देखते घंटों में बनकर तैयार हो जाएंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चलाए जा रहे आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के दौरान इस तरह की 75 नई तकनीकों का परिचय कराया गया।

 इनमें से कई तकनीक को सरकार की संस्तुति भी मिल चुकी है। विज्ञानियों के अनुसार, नई तकनीक से बनाए जाने वाले घरों में चावल-भूसी, प्लास्टिक, लकड़ी, प्राकृतिक फाइबर आधारित लैमिनेट, पैनल, शीट व जूट और सीसल फाइबर के उत्पाद, सीमेंट बोर्ड व पैनल, कंक्रीट, प्लाइवुड, वेनीर, फ्लाई ऐश व ईंटों का इस्तेमाल जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। बिल्डि‍ंग मैटेरियल एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन काउंसिल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डा. शैलेश अग्रवाल ने बताया कि इन तकनीक का इस्तेमाल कहीं न कहीं माडल के तौर पर हो चुका है। इनमें से कुछ को अनुमित दी जा चुकी है। बाकी को एक्सपर्ट कमेटी के सामने रखा जाएगा। ताकि सुंदर, मजबूत, सस्ते, टिकाऊ और कम समय में मकान बनकर तैयार हो सकें।


गरीबों के लिए पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों के अतिरिक्त अन्य सभी तरह के भवन और घरों के निर्माण में स्मार्टनेस, सुरक्षा, टिकाऊपन, लचीलापन, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता के साथ आपदा प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह भूकंप के साथ ही अग्नि व भूस्खलन की स्थिति में भी सहनशील और ऊष्मा संवेदी होंगे ताकि भवन के अंदर का वातावरण आरामदायक रहे।






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