दैनिक यूपी ब्यूरो
04/10/2021  :  11:35 HH:MM
पट्टाभिषेक रस्‍म में जुटेगी भीड़, श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में कल कोरोना जांच टीम भी रहेगी सक्रिय
Total View  26

जनपद के श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में पांच अक्टूबर को प्रस्तावित पट्टाभिषेक और षोडशी भंडारे की रस्म के दौरान वहां काफी भीड़ जुटने की संभावना है जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की एक टीम कोरोना जांच के लिए मठ में मौजूद रहेगी। मठ में आने वाले लोगों की जरूरत पड़ने पर जांच की जाएगी।

प्रयागराज, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। जनपद के श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में पांच अक्टूबर को प्रस्तावित पट्टाभिषेक और षोडशी भंडारे की रस्म के दौरान वहां काफी भीड़ जुटने की संभावना है जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की एक टीम कोरोना जांच के लिए मठ में मौजूद रहेगी। मठ में आने वाले लोगों की जरूरत पड़ने पर जांच की जाएगी।

पांच अक्‍टूबर को श्रीमठ बाघम्‍बरी गद्दी में सभी 13 अखाड़े के संत और महंत शामिल होंगे। कार्यक्रम हालांकि कोरोना प्रोटोकाल के चलते सीमित रहेगा लेकिन संतों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उच्चाधिकारियों ने व्यवस्था कर ली है। कहा जा रहा है कि यह स्वैच्छिक जांच शिविर होगा। मठ में ब्रम्हलीन महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी बलवीर गिरि का पट्टाभिषेक होना है, उसी दिन षोडशी भंडारा भी होगा।

जिला सर्विलांस अधिकारी डा. एके तिवारी ने कहा है कि कोरोना जांच के लिए टीम तैयार कर दी गई है। श्रीमठ माघम्‍बरी गद्दी में कई राज्यों से संत महंतों को आना है। स्थानीय लोग भी रहेंगे। कोरोना संक्रमण होने की संभावना अभी बनी हुई है। एक दूसरे की सुरक्षा जरूरी है। इसलिए जब तक मठ में बड़ी तादाद में लोगों की उपस्थिति रहेगी तब तक जांच टीम को सक्रिय रखा जाएगा।  

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की षोडशी व श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में नए महंत के रूप में बलवीर गिरि का पट्टाभिषेक मंगलवार पांच अक्टूबर को होना है। श्रीनिरंजनी अखाड़ा की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मलित होने के लिए महात्माओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि प्रयाग आने लगे हैं। महात्माओं के आने का सिलसिला मंगलवार की सुबह तक जारी रहेगा। महंत नरेंद्र गिरि के षोडशी भंडारे में लगभग 10 हजार महात्माओं के शामिल होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर बाघम्बरी गद्दी में तैयारी शुरू हो गई है। पंडाल लगाने का काम पूरा हो गया है। अब खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है। साधु-संतों के ब्रह्मलीन (मृत्यु) होने के 16वें दिन शांति हवन व भोज करने का विधान है, जिसे षोडशी संस्कार कहा जाता है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3694119
 
     
Related Links :-
अयोध्या गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड: नवम गुरु तेगबहादुर ने यहां किया था 48 घंटे का अखंड तप
सारे पापों का निवारण मात्र प्रभु का नाम है : कर्म योगी परमहंस
पट्टाभिषेक रस्‍म में जुटेगी भीड़, श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में कल कोरोना जांच टीम भी रहेगी सक्रिय
बलवीर गिरि होंगे नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी, महंत ने सुसाइड नोट में सौंपी थी विरासत
पितृ पक्ष की शुरूआत आज से, जानिए पितरों के पूजन की खास विधि और तिथियां
आगरा: युवाओं ने डेंगू मरीजों के लिए किया रक्तदान, मंदिर में बांटे तुलसी के पौधे और भोजन
इटावा: जमीन के लालच में पुत्र ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर की सौतेले पिता की हत्या
नाग पंचमी पर करें काल सर्प दोष की पूजा, इस दिन भोलेनाथ भी होते हैं प्रसन्न
मुहर्रम पर कोविड-19 गाइड लाइन का सख्ती से होगा पालन : अंकित कुमार
सावन का पहला सोमवार : महादेव के रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों के बाहर लगी लंबी कतारें
 
CopyRight 2016 DanikUp.com