दैनिक यूपी ब्यूरो
23/09/2021  :  13:45 HH:MM
मेयर के खर्च मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय को नहीं पता
Total View  611

जनपद में नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के पास आगरा के मेयर के सार्वजनिक खर्चों की जानकारी नहीं है। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी को ये भी नहीं पता कि आगरा के मेयर के ऑफिस और अन्य गतिविधियों पर कितना खर्च होता है और मेयर के कितने कार्यालय नगर निगम के द्वारा संचालित किये जाते हैं?

आगरा, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। जनपद में नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के पास आगरा के मेयर के सार्वजनिक खर्चों की जानकारी नहीं है। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी को ये भी नहीं पता कि आगरा के मेयर के ऑफिस और अन्य गतिविधियों पर कितना खर्च होता है और मेयर के कितने कार्यालय नगर निगम के द्वारा संचालित किये जाते हैं?

यह जानकारी सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के जनरल सैकेट्री अनिल शर्मा की आरटीआई के जवाब में आगरा नगर निगम ने उपलब्ध कराई है। इस आरटीआई के प्रत्युत्तर में लेखा आधिकारी के द्वारा ये भी कहा गया है कि इस सम्बन्ध में कोई फाइल अकाउंट सेक्शन के द्वारा तैयार नहीं की जाती है। 

जन सूचना के एक अन्य बिन्दु के सम्बन्ध में बताया गया है कि स्टाफ कार ,स्टेशनरी, राष्ट्रीय  व अंतरराष्ट्रीय  यात्राओं के खर्च के सम्बन्ध में कोई भी फाइल एकाउंट सेक्शन के द्वारा तैयार नहीं की जाती है। अगर उपरोक्‍त जानकारियां लेनी हो तो किसी भी कार्यदिवस पर सम्बंधित कार्यालय में देखी जा सकती हैं।

शर्मा ने अपनी आर टी आई में वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-15, 2015-16,2016-17 और 2017-18, 2018-19, 2019-20 के महीने वार खर्चे अपेक्षित किये थे। इसके जवाब में बताया गया है कि उपरोक्‍त सूचनायें किसी भी कार्य दिवस पर संबंधित कार्यालय से प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्य वित्त एवं लेख अधिकारी के द्वारा उपरोक्‍त जानकारियां दी गई हैं उनको लेकर आश्‍चर्य है। क्योंकि उन्होंने नगर निगम के जनसूचना अधिकारी को जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन किया था। फिर उनका आवेदन पत्र उस कार्यालय को क्यों अग्रसारित किया गया जो अपेक्षित की गयी सूचनाओं को देने में सक्षम नहीं है। श्री शर्मा ने कहा कि निगम के मुख्य वित्त  एवं लेखा अधिकारी के द्वारा दिये गये उत्तर से असंतुष्‍ट हैं और उन्होंने इस जबाब के विरूद्ध प्रथम अपील भी कर दी है।

शर्मा ने यह भी कहा है कि अब उनकी दिलचस्पी उस शासनादेश या प्रशासनिक आदेश की जानकारी को लेकर भी है। जिसके तहत नगर निगम आगरा के लेखा संबधी व्यवस्था संचालित है जिसमें मेयर ऑफिस के खर्च और उनके मदो की जानकारी को वित्त एवं लेखा विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा है कि नगर निगम के मुख्य वित्त  एवं लेखा अधिकारी के अधिकार क्षेत्र नगर निगम के परिप्रेक्ष्‍य में अत्यंत व्यापक होते हैं अगर इसमें किसी प्रकार का बदलाव या संशोधन किया गया है तो उनकी कोशिश होगी कि इसे जन जानकारी में भी लाया जाये। श्री शिरोमणि सिंह, पार्षद और सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के अध्यक्ष ने कहा/पूछा है -1.मेयर जनता के द्वारा चुने जाते हैं और नगर निगम, उत्तर प्रदेश का सार्वजनिक इस्टेविलिसमेन्ट है. जिस का ऑडिट हर साल अकाउंटेंट जनरल उत्तर प्रदेश करता है (लोकल सेल्फ बॉडीज). इस की रिपोर्ट विधान सभा के पटल पर रखी जाती है. 

2.बड़ी विडंबना है, जहाँ एक ओर देश का प्रधान मंत्री इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित कर भ्रष्ट्राचार को खत्म करने का प्रयास कर रहा है,तो दूसरी ओर प्रदेश का मुख्यमंत्री, प्रदेश के नगर निगमों को बांड इशू करके अच्छा करने के प्रयास में है. वहीँ, ऐसा लगता है, नगर निगम आगरा, वित्त  लेखा जोखा रखने में अपने आप को सक्षम नहीं मान रहा. जब नगर निगम बांड जरी कर के धन एकत्रित करना चाहता है, इस में पब्लिक ही नहीं इन्वेस्टर भी चाहेगा के उसे मालूम हो जो इन्वेस्टमेंट वो करेगा, उस पर आमदनी कैसे होगी? क्या खर्च हो रहा है, और क्या आमदनी है. यह लेखा जोखा तो सेबी और इन्वेस्टर को बताना होगा 3. उन्होंने  ने नगर आयुक्त से पूछा है, यह जानकारी देने के लिए कौन जिम्मेदार है और कौन सा डिपार्टमेंट मेयर पर हो रहे खर्च का लेखा जोखा रखता है. आशा है नगर आयुक्त, नगर निगम के मुखिया होने के नाते सही जानकारी देंगे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   7159112
 
     
Related Links :-
सीतापुर में दो ट्रैक्टर-ट्रालियों की भिडंत, दो की मौत; एक गंभीर
योग के लाभ जन -जन तक पहुंचाने के लिए भारत स्वाभिमान विधि प्रकोष्ठ का गठन
कसेरूखेड़ा में मेले की तैयारी पूरी, मैदान में खड़ा हुआ 70 फुट उंचा रावण
सुब्रत राय ने नेटफ्लिक्स पर किया मानहानि का मुकदमा, कंपनी के 3 अधिकारी विशेष अदालत में तलब
गांव से लेकर शहर में विद्युत आपूर्ति हुई सामान्य, त्योहारों के मद्देनजर योगी सरकार ने खरीदी महंगी बिजली
कलाम के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारें : डॉ अंकिता राज
संचारी रोगों पर हो सीधा वार, ग्राम पंचायतों में चलाया जाए फागिंग अभियान : अनुज सिंह
आगरा: अछनेरा में लगेगा उत्तर भारत का पहला कूड़ा शोधन प्लांट
यूपी की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए योगी सरकार ने बनाई योजना, खर्च होंगे 10 हजार करोड़ रुपये
सपाइयों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को किया याद
 
CopyRight 2016 DanikUp.com