दैनिक यूपी ब्यूरो
26/07/2021  :  10:34 HH:MM
सावन का पहला सोमवार : महादेव के रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों के बाहर लगी लंबी कतारें
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श्रावण मास के पहले सोमवार के आगमन के साथ ही राजधानी लखनऊ समेत आसपास के जिलों के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई हैं। मंदिरों पर सुबह से ही भक्‍त महादेव के रुद्राभिषेक के लिए जुट गए हैं। श्रावण मास में देवादिदेव महादेव का नाम लेने मात्र से सारे दु:ख दूर हो जाते हैं। उनकी महिमा का बखान कर रुद्राभिषेक करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान शिव की आराधना के इस महीने के सोमवार को महिलाएं व्रत रखकर सुख समृद्धि की कामना करती हैं। इस दौरान जहां मंदिरों में विशेष इंतजाम होंगे, वहीं रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें भी लगेंगी।



लखनऊ,(दैनिक यूपी ब्यूरो)। श्रावण मास के पहले सोमवार के आगमन के साथ ही राजधानी लखनऊ समेत आसपास के जिलों के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई हैं। मंदिरों पर सुबह से ही भक्‍त महादेव के रुद्राभिषेक के लिए जुट गए हैं। श्रावण मास में देवादिदेव महादेव का नाम लेने मात्र से सारे दु:ख दूर हो जाते हैं। उनकी महिमा का बखान कर रुद्राभिषेक करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान शिव की आराधना के इस महीने के सोमवार को महिलाएं व्रत रखकर सुख समृद्धि की कामना करती हैं। इस दौरान जहां मंदिरों में विशेष इंतजाम होंगे, वहीं रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें भी लगेंगी। 

राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में सुबह चार बजे उज्जैन की तर्ज पर महाकाल की भस्म आरती का आयोजन किया जा रहा है। तो मनकामेश्वर मंदिर के कपाट भी भोर में ही खोल दिए जाएंगे। महंत देव्या गिरि के महाआरती के साथ ही मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर में क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं।

पूजन सामग्री व प्रसाद की दुकानों को सुव्यवस्थित लगाने के मंदिर प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। अन्य शिव मंदिरों में पूजन को लेकर तैयारियां जहां अंतिम दौर में पहुंच चुकीं हैं तो वहीं, कई मंदिरों में अभिषेक के लिए समय देने का कार्य पूरा हो गया है। चौक रानी कटरा स्थित  छोटा व बड़ा शिवाला में भी पहले सोमवार को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोनेश्वर मंदिर के साथ ही सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी अभिषेक को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। आशियाना के सेक्टर-एच स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, बंगलाबाजार के श्री रामजानकी मंदिर, इंद्रेश्वर मंदिर, मौनी बाबा मंदिर व गुलाचिन मंदिर के अलावा सिद्धेश्वर मंदिर, सैसोवीर मंदिर, गोमतेश्वर मंदिर व विन्ध्याचल मंदिर के अलावा शहर के सभी शिव मंदिर पूजन के लिए तैयार हैं। स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर, इंदिरानगर भूतनाथ मंदिर, महानगर के सिद्धेश्वर मंदिर, राजाजीपुरम, सआदतगंज, आलमबाग, चिनहट के अलावा बख्शी का तलाब के मां चंद्रिका देवी मंदिर के चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर, इटौंजा के रत्नेश्वर महादेव मंदिर, टीकाश्वर महादेव मंदिर के साथ ही शहर के सभी छोटे बड़े शिव मंदिरों पर तैयारियां पूरी होने के साथ ही मंदिरों को झालरों से सजाया गया है। 


पंडित दीपक कुमार दुबे ने बताया कि वैसे तो भगवान शिव की पूजा कैसे भी करिए वह प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन विधि विधान से पूजन के नियम भी हैं। इसके तहत सुबह भोले के पूजन के लिए भगवान को फल, पुष्प, काले तिल, बेलपत्र, गंगाजल, शहद, घी, गौदुग्ध, दही, शर्करा, वस्त्र, मिष्ठïान, मौसमी फल, भांग, धतूरा फल, गन्ने का रस, बेल और बेर अर्पण कर पंचाक्षर जप से आराधना करनी चाहिए। देशी घी व कर्पूर से आरती उतार कर पूजन का समापन उत्तम होता है। 

मनकामेश्वर मंदिर में इस बार गंगा जल से अभिषेक के साथ ही कन्या रक्षा और धर्म रक्षा के साथ ही कोरोना मुक्ति के लिए विशेष अभिषेक किया जाएगा। मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि गोद ली गई शिव प्रिये और सर्व मंगला के माध्यम से श्रावण के सभी सोमवार को महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। आचार्य आनंद दुबे ने बताया कि भगवान शिव को मन से याद करने वाले की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। श्रावण मास का हर दिन खास होता है। 

मान्यता है कि श्रावण मास सोमवार को महिलाएं व युवतियां व्रत रखती हैं तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आचार्य शक्तिधर त्रिपाठी ने बताया कि इस दिन अभिषेक करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। अभिषेक अपनी श्रद्धानुसार किया जा सकता है। श्रावण मास के सोमवार को 'ओम नम: शिवायÓ का 108 बार जाप करने मात्र से संपूर्ण बाधाएं दूर होने के साथ ही मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

पंडित दीपक कुमार दुबे ने बताया कि श्रावण के सोमवार को व्याधियों के अनुरूप भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इनका ध्यान रखकर मनोकामनाएं पूरी की जा सकती हैं।

-श्रावण मास में जल या गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करें।
-शत्रु प्रभाव व प्रेत बाधा दूर करने के लिए नारियल के पानी या सरसों के तेल से अभिषेक करें।
-कानूनी अड़चनों के लिए तिल्ली के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करें।
-विवाह बाधा दूर करने के लिए दूध में हल्दी मिलाकर शिव का अभिषेक करना उत्तम होगा।
-विद्या प्राप्ति के लिए दूध मिले शहद से अभिषेक करना उत्तम होगा।
-यदि कारोबार में अड़चनें आ रहीं हों तो घी और इत्र या सुगंधित तेल से शिव का अभिषेक करना चाहिए।
-असाध्य रोगों को समाप्त करने के लिए अमर बेल, गिलोय व अनेक तरह की औषधियों से शिवलिंग पर अभिषेक करें।
-यदि कर्ज अधिक हो या उधार दिया धन वापस न आए तो दूब के रस से शिव जी का अभिषेक करें। -पारिवारिक कलह व अचानक नुकसान से बचने के लिए दही से अभिषेक करें।
-संतान सुख के लिए गुड़ मिले दूध या कुमकुम के जल से शिवजी का अभिषेक करें।






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