दैनिक यूपी ब्यूरो
21/07/2021  :  10:45 HH:MM
मकान मालिक व किरायेदारों के बीच कम होगा विवाद,यूपी सरकार ला रही है नियमावली
Total View  570

मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश नगरीय किरायेदारी विनियमन अध्यादेश 2021 के तहत उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन नियमावली 2021 तैयार की है। इससे जहां मकान मालिक व किरायेदारों के बीच विवादों में कमी आएगी। वहीं, मकान मालिक की संपत्ति भी सुरक्षित रहेगी।

लखनऊ, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश नगरीय किरायेदारी विनियमन अध्यादेश 2021 के तहत उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन नियमावली 2021 तैयार की है। इससे जहां मकान मालिक व किरायेदारों के बीच विवादों में कमी आएगी। वहीं, मकान मालिक की संपत्ति भी सुरक्षित रहेगी।

यूपी सरकार की ओर से प्रस्तावित नियमावली पर 27 जुलाई तक विभिन्न माध्यमों से सुझाव मांगे गए हैं। उचित सुझावों को शामिल करने के बाद योगी मंत्रिमंडल नियमावली को अंतिम रूप देगा और फिर इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

दरअसल, राज्य सरकार ने मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवाद को निपटाने के लिए पुराने कानून के स्थान पर नया कानून तो पहले ही बना लिया था, लेकिन अब तक नियमावली नहीं बनी थी। अब आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने नियमावली तैयार कर उस पर 27 जुलाई की शाम पांच बजे तक सुझाव मांगे हैं। सुझाव विभागीय वेबसाइट या एनेक्सी स्थित आवास विभाग के कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

प्रस्तावित नियमावली के अनुसार अनुबंध के बगैर किराये पर मकान नहीं मिलेगा। सरकार किराया प्राधिकरण गठित करेगी। अनुबंध की एक कापी किराया प्राधिकारी के यहां जमा होगी। प्राधिकारी द्वारा किरायेदारी संबंधी पूरा ब्योरा डिजिटल प्लेटफार्म पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही पक्षकारों को विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी) प्रदान की जाएगी।

विवाद संबंधी मामले निस्तारित करने के लिए किरायेदारी अपीलीय अधिकरण का गठन किया जाएगा। किराया प्राधिकारी के किसी भी आदेश के खिलाफ इसमें अपील की व्यवस्था होगी। मकान मालिक या किरायेदार की मृत्यु की सूचना विधिक वारिस को 90 दिनों में किराया प्राधिकारी को देनी होगी। बेदखली के लिए मकान मालिक को किराया प्राधिकरण में आवेदन करना होगा।

किरायेदार से बकाया आदि की जानकारी देनी होगी। किराया न देने की दशा में मकान मालिक के आवेदन के खिलाफ किरायेदार द्वारा दिए गए पत्र पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन के साथ मकान मालिक या उसके वकील का ईमेल आईडी और वाट्सएप या मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। सालाना पांच से सात फीसद किराया बढ़ाने की व्यवस्था रहेगी।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   6098580
 
     
Related Links :-
ओलंपिक मैडल जीतने पर मीराबाई चानू को भाजपा ने दी बधाई
टीकाकरण कराने में मुस्लिम धर्म गुरुओं की भूमिका महत्वपूर्ण : जीसी यादव
डीजीपी पहुंचे अयोध्या, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ करेंगे रामलला के दर्शन-पूजन
सीतापुर हादसा : श्रद्धालुओं से भरी ट्राली ट्रक से टकराई; चार की मौत, 36 घायल
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी, गुरु चरणों में नवाया शीश
जुमे की नमाज पढ़ते समय गिरी मस्जिद की दीवार, दो की मौत
26 जुलाई को लखनऊ में स्वास्थ्य महानिदेशालय दफ्तर का होगा घेराव
शाहजहांपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग, 28 जुलाई तक प्रभावित रहेगा कुछ ट्रेनों का आवागमन
भाजपा सरकार ने दिया भ्रष्टाचार मुक्त शासन : उमेश राणा
स्थानीय लोगों को भायी समाजवादी पाठशाला, गरीब बच्चों को मिल रही है निःशुल्क शिक्षा
 
CopyRight 2016 DanikUp.com