दैनिक यूपी ब्यूरो
10/07/2021  :  09:12 HH:MM
लखनऊ में इस वर्ष नही निकलेगी जगन्नाथ यात्रा, सड़क की जगह एफबी पर देगी दिखाई
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जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर करीब 100 साल पहले राजधानी लखनऊ में शुरु हुई रथयात्रा इस बार सड़कों पर नही फ़ेसबुक पर दिखाई देगी। दरअसल, रथयात्रा के आयोजक श्री शुभ संस्कार समिति ने बताया है कि कोरोना महामारी के संक्रमण से सुरक्षा के चलते इस बार यात्रा नहीं निकलेगी।

लखनऊ,(दैनिक यूपी ब्यूरो)। जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर करीब 100 साल पहले राजधानी लखनऊ में शुरु हुई रथयात्रा इस बार सड़कों पर नही फ़ेसबुक पर दिखाई देगी। दरअसल, रथयात्रा के आयोजक श्री शुभ संस्कार समिति ने बताया है कि कोरोना महामारी के संक्रमण से सुरक्षा के चलते इस बार यात्रा नहीं निकलेगी।

दरअसल, यूपी के लखनऊ में भगवान जगननाथ की यात्रा की शुरुआत चौक के रानी कटरा स्थित चारों धाम मंदिर के निर्माणकर्ता कुंदनलाल-कुंजबिहारी लाल ने की थी। यहां के निवासी विष्णु त्रिपाठी 'लंकेश' ने बताया कि छोटी काशी के स्वरूप इलाके में नजर आता है। चौपटिया के रानी कटरा में चारों धाम मंदिर निर्माण के पीछे कथानक है कि कुंज बिहारी लाल ऐसे लोगों को यात्रा की अनुभूति कराना चाहते थे जो आर्थिक तंगी या समय के अभाव में यात्रा नहीं कर पाते थे। मंदिर में रावण दरबार के अलावा चारों धाम मंदिर व स्वर्ग-नर्क का मंदिर भी मौजूद है। रामकुमार अग्रवाल ने इसका जीर्णोद्धार कराया और इसे विस्तार दिया। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार मंदिर परिसर में ही भगवान की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। श्री भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र को फूलों की पालकी में स्थापित किया जाता है। 

तहजीब के शहर में 12 जुलाई को पुरी की तर्ज पर भले ही इस बार भगवान जगन्नाथ की यात्रा नहीं निकलेगी, लेकिन श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह और श्रद्धा उतनी ही रहेगी। पुराने लखनऊ से लेकर अलीगंज और अमीनाबाद से लेकर हजरतगंज तक रथयात्रा में श्रद्धालुओं का हुजूम नहीं दिखेगा लेकिन वर्षों पुरानी परंपरा को डिजिटल स्वरूप में दिखाने का प्रयास किया जाएगा। डालीगंज से निकली यात्रा इस बार नहीं निकलेगी। प्रवक्ता अनुराग साहू ने बताया कि 56 भोग लगाकर भगवान की पूजा होगी और श्री भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगेंगे। फेसबुक पेज पर भगवान नजर आएंगे। भगवान श्री जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को छप्पन भोग लगाकर चांदी का मुकुट धारण कराया जाएगा।

अमीनाबाद की मारवाड़ी गली से निकली यात्रा भी आरती और फेसबुक तक सीमित रहेगी। आरती के दौरान सेंट के साथ फूलों की वर्षा होगी। 1924 को महंत शत्रुघ्नदास ने अमीनाबाद की मारवाड़ी गली से श्री भगवान जगन्नाथ यात्रा की शुरुआत की थी। सूर्य पाठक, बृजकिशोर महेश्वरी के अलावा कई श्रद्धालु चने की दाल, मूंग और मोठ का प्रसाद चढ़ाएंगे और आरती उतारेंगे।

कपूरथला के श्री भगवान जगन्नाथ मंदिर से नवविग्रह संग जगन्नाथ रथयात्रा भले ही न निकाली जाए लेकिन सोने-चांदी की झाड़ू लगाकर आरती की जाएगी। संयोजक अनिल तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा नहीं निकलेगी। पूजन होगा।






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