दैनिक यूपी ब्यूरो
12/06/2021  :  18:26 HH:MM
उत्तर प्रदेश में तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस लेना हुआ अनिवार्य
Total View  570

यूपी सरकार ने राज्य में तंबाकू की बिक्री के नियमन के लिए तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस की शर्त को बनाया अनिवार्य

लखनऊ, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। तंबाकू के सेवन से बढ़ती समस्याओंं और जनस्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि राज्य में सिर्फ उन्हीं विक्रेताओं को तंबाकू, सिगरेट और संबद्ध उत्पाद बेचने की इजाजत होगी जिनके पास नगर निगम से जारी लाइसेंस होंगे।


उधर, तंबाकू से होने वाले नुकसान को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने वाले वालंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। दरअसल, सरकार ने राज्य में तंबाकू की बिक्री के नियमन के लिए तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस की शर्त को अनिवार्य बना दिया गया है।

यानी अब तंबाकू उत्पादों तक पहुंच का नियमन करने के लिए तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। देश के लोगों को तंबाकू जैसे लती उत्पादों से होने वाली जीवनभर की पीड़ा से बचाने के लिए तंबाकू तक पहुंच का नियमन आवश्यक है और यह बेचने वालों के लिए लाइसेंसिंग को अनिवार्य किए बिना संभव नहीं है। सिगरेट, बीड़ी, खैनी आदि बेचने वाले विक्रेताओं के लिए लाइसेंसिंग जरूरी करने से तंबाकू नियंत्रण के लिए लागू नियमों और नीतियों का प्रभावी प्रवर्तन शुरू होगा।

वालंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मुख्य कार्यकारी भावना मुखोपाध्याय ने कहा, “तंबाकू के उपयोग के नुकसानदेह प्रभाव सुस्थापित हैं और वैश्विक स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं। इस आदेश से राज्य के लोगों को तंबाकू के नुकसान से बचाने में सहायता मिलेगी और इससे महत्वपूर्ण होगा कि बच्चों के लिए तंबाकू उत्पादों को देखना और खरीदने का मौका निकालना मुश्किल हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा स्थापित मजबूत मिसाल का पालन करेंगे और लोगों, खासकर बच्चों की तंबाकू से रक्षा करेंगे।”

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को एक एडवाइजरी लेटर भेजकर तंबाकू विक्रेताओं की लाइसेंसिंग नगर निगम से कराने की सिफारिश की है। इसमें कहा गया है कि लाइसेंस में यह शर्त / प्रावधान शामिल करना उपयुक्त होगा कि तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानें गैर तंबाकू उत्पाद जैसे टॉफी, कैन्डी, चिप्स, बिस्कुट, शीतल पेयर आदि नहीं बेच पाएंगी।

इनमें खासतौर से ऐसी चीजें हैं जो तंबाकू का उपयोग करने वालों के लिए नहीं हों और खासतौर से बच्चों के लिए हों। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने भी भविष्य की पीढ़ी की रक्षा के लिए ऐसी ही एडवाइजरी सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को भेजी है और तंबाकू उत्पाद बेचने वाली ज्यादा दुकानें खोलना हतोत्साहित करने के लिए कहा है।

भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा करवाए गए ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 35.5% वयस्क (15 साल और ऊपर) किसी न किसी रूप में तंबाकू का उपयोग करते हैं। तंबाकू के उपयोग के कारण होने वाली बीमारी की कुल प्रत्यक्ष और परोक्ष लागत 182,000 करोड़ रुपए है जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का करीब 1.8% है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2014889
 
     
Related Links :-
यूपी में कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई एक हजार से कम, डेल्टा प्लस वैरिएंट भी नहीं मिला
आतंक का फ्रूट बम : खरबूजे में गेंद, गेंद में विस्फोटक और फिर यूपी में तबाही का था प्लान
कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार, देगी 4 हजार रुपये महीना
लोकसभा में पीएम के बोलने पर हुआ हंगामा, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
समाधान दिवस पर गढ़मुक्तेश्वर तहसील में 16 शिकायतें प्राप्त 4 का निस्तारण
यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची की जाएगी अद्यतन
राम मंदिर निर्माण की समय सीमा तय, साल 2023 खत्म होने से पहले कर सकेंगे दर्शन
यूपी सरकार के विभागों में बंपर तबादले, दो साल बाद कार्मिकों को किया गया इधर से उधर
यूपी पंचायत चुनाव में धांधली और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सपा का हल्ला बोल
अखिलेश यादव ने जनता से की टीका लगवाने की अपील , बोले- कोरोना प्रबंधन में सरकार फेल
 
CopyRight 2016 DanikUp.com