दैनिक यूपी ब्यूरो
09/06/2021  :  21:23 HH:MM
कांग्रेस के जितिन प्रसाद बने भाजपाई, पीयूष गोयल ने सदस्यता दिलाई
Total View  10

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान प्रसाद को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान गोयल ने कहा कि प्रसाद के पार्टी में शामिल होने से भाजपा को मजबूती मिलेगी.

नई दिल्ली, (दैनिक यूपी ब्यूरो)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान प्रसाद को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान गोयल ने कहा कि प्रसाद के पार्टी में शामिल होने से भाजपा को मजबूती मिलेगी.

वहीं, जितिन प्रसाद ने कहा कि 'आज कोई वास्तव में संस्था के तौर पर काम करने वाला दल है तो वह भाजपा है. बाकी दल, व्यक्ति विशेष और क्षेत्रीयता तक सीमित रह गए हैं. पीएम मोदी नए भारत का जो निर्माण कर रहे हैं, उसमें मुझे भी छोटा सा योगदान करने का मौका मिलेगा.' कांग्रेस का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि अगर आप किसी पार्टी में रहकर अपने लोगों के काम नहीं आ सकते हैं तो वहां रहने का क्या फायदा. मुझे उम्मीद है कि भाजपा समाजसेवा का माध्यम बना रहेगा.

भाजपा में शामिल होने से पहले प्रसाद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. गौरतलब है कि जितिन प्रसाद उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस में सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक चुनाव की मांग को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी. पत्र से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसे लेकर विवाद भी हुआ था.

जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं, जिन्होंने पार्टी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं. जितिन ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की. इसके बाद उन्होंने संप्रग सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाले जितिन प्रसाद को 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में तिलहर सीट से हाथ आजमाया लेकिन इसमें भी उन्हें निराशा ही मिली. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी धौरहरा से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
ब्राह्मण वोट साधने की कवायद!
यूपी में अगर आबादी के हिसाब से देखा जाए तो ब्राह्मण वोट महज 10/11 फीसदी है, लेकिन राजनीतिक रूप से रसूख रखने की वजह से उनके वोट की अहमियत काफी है. नब्बे के दौर से पहले या यूं कहे कि मंडल दौर से पहले तो यूपी की राजनीति में ब्राह्मण राजनीति की धुरी हुआ करती थी. उस दौर में कुछ ब्राह्मण मुख्यमंत्री भी हुए. उत्तर प्रदेश की राजनीति को देखे तो मोदी काल के शुरू होने के बाद ब्राह्मण वोट बैंक ने खुलकर और पूरी तरह से बीजेपी का साथ दिया. बीजेपी की कोशिश है कि आने वाले विधानसभा चुनाव यानी 2022 और 2024 में यूपी से बीजेपी को वही सफलता मिले, तो 2014 में और उसके बाद मिली थी.






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5402860
 
     
Related Links :-
केजीएमयू का शोध : वैक्सीन लगवाने के बाद बनी एंटीबॉडी ज्यादा प्रभावी
उत्तर प्रदेश में तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस लेना हुआ अनिवार्य
यूपी पंचायत उपचुनाव: रिक्त पदों पर निर्वाचन के लिए बढ़ चढ़कर मतदान कर रहे हैं लोग
शादी में थूक लगाकर नान बनाने का आरोपी नौशाद जेल से रिहा
आगरा : हाईवे पर खड़े कैंटर से टकराई बस, 4 लोगों की मौत
यूपी : कोरोना काल में जनता को मिल सकती है बिजली बिलों से छूट
कांग्रेस के जितिन प्रसाद बने भाजपाई, पीयूष गोयल ने सदस्यता दिलाई
23 लाख निर्माण श्रमिकों को सीएम योगी की सौगात, खाते में भेजे 1-1 हजार रुपये
सात माह से गायब किशोरी को नहीं ढूंढ पाई आगरा पुलिस
यूपी ने कोरोना को पछाड़ा, अब सिर्फ चार जिलों में कोरोना कर्फ्यू
 
CopyRight 2016 DanikUp.com