दैनिक यूपी ब्यूरो
13/03/2021  :  22:39 HH:MM
नेपाल सीमा पर पैदल आवाजाही की मिली छूट, 11 माह बाद बिटिया को देख मां-पिता की आंखों से छलके आंसू
Total View  638

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के पचपेड़वा ब्लाक अंतर्गत जिगनिहवा निवासिनी पुष्पा पांडेय का मायका नेपाल राष्ट्र के बहादुरगंज कपिलवस्तु में है। कोरोना महामारी काल में दोनों देश की सीमाएं सील थीं। पुष्पा रक्षाबंधन व भाईदूज में मायके नहीं जा सकीं।

बलरामपुर | उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के पचपेड़वा ब्लाक अंतर्गत जिगनिहवा निवासिनी पुष्पा पांडेय का मायका नेपाल राष्ट्र के बहादुरगंज कपिलवस्तु में है। कोरोना महामारी काल में दोनों देश की सीमाएं सील थीं। पुष्पा रक्षाबंधन व भाईदूज में मायके नहीं जा सकीं। वहां रिवाज है कि भाईदूज पर भाई अपनी बहन को हाथ से पानी पिलाते हैं। भाई ने पुष्पा को वीडियो कॉलिंग कर प्रतिकात्मक रूप से पानी पिलाया। सीमा पार करने की ढील मिली तो पुष्पा अपने मायके पहुंच गईं। लगभग 11 माह बाद बिटिया को देख मां-पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। 
पुष्पा ने भाई को राखी बांधी और मिठाई खिलाई। रक्षाबंधन में न मिल पाने का गिला-शिकवा दूर हो गया। पुष्पा की तरह तमाम लोगों की राह लॉकडाउन ने रोक रखी थी। वे विशेष अवसरों पर अपने स्वजनों से नहीं मिल सके। अब पैदल सीमा पार करने में छूट पर एक-दूसरे से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ है। कोरोना संक्रमण काल में एक-दूसरे से न मिल पाने का मलाल दिल में भले ही हो लेकिन रिश्तों की डोर कमजोर नहीं हुई।
भारत-नेपाल के बीच रोटी बेटी का संबंध सदियों पुराना है। 
जिले में लगभग 82 किलोमीटर खुली सीमा है, लेकिन कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, महराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती व अयोध्या सहित तमाम जिलों के हजारों लोग नेपाल में कारोबार करते हैं। अधिकांश लोगों ने नेपाल की नागरिकता प्राप्त कर ली है। उन्हें वहां मधेशी कहा जाता है। कोरोना संक्रमण काल में पिछले साल मार्च माह में दोनों देशों की सीमाएं सील कर दी गई थी। आवागमन ठप हो गया था। करीब एक माह पूर्व सीमा पर पैदल आने-जाने की छूट मिली है। 
प्रारंभिक जांच के बाद सीमा पार करने की मिलती है छूट 
कृष्णा नगर नेपाल के कस्टम चीफ जनार्दन पौडेल ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद भारत-नेपाल के लोगों को कृष्णा नगर सीमा पैदल पार करने की अनुमति दी गई है। नेपाल सीमा पर तस्करों व अराजक तत्वों पर सेना नजर रख रही है। एसएसबी नौवीं बटालियन कोयलाबास चौकी के कमांडेंट लामा सिरिंग का कहना है कि नेपाल से आने वाले बीमार व जरूरतमंद लोगों को भारतीय सीमा में आने की छूट जांचोंपरांत दी जाती है। 






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1144736
 
     
Related Links :-
शायद केंद्र सरकार लोगों को कोरोना से मरने देना चाहती है, दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बेइज्जती, हाई लेवल डेलिगेशन को साधारण टावर ऑपरेटर ने नहीं दी लैंडिंग की इजाजत
पीएम मोदी की बांग्लादेश यात्रा का कूटनीतिक और सियासी संदेश
नेपाल सीमा पर पैदल आवाजाही की मिली छूट, 11 माह बाद बिटिया को देख मां-पिता की आंखों से छलके आंसू
अमेरिका ने कर दी पुष्टि, इसी साल के अंत में आमने-सामने मिलेंगे क्वाड देशों के नेता
SC का केंद्र को नोटिस, पूछा- NDA में क्यों नहीं ली जातीं महिला कैडेट?
मेरे 15-16 सांसद बिक गए, मैं विपक्ष में बैठने को तैयार... बेबस इमरान खान ने मान ली हार, पाकिस्तान में बदलेगी सरकार?
चीन को रोकने के लिए भारत के साथ दोस्ती बढ़ाएगा अमेरिका, कहा- 'ड्रैगन' की हरकत चिंताजनक
इरान खान की पैंतरेबाजी नहीं आई काम, FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा
कांग्रेस नेताओं ने सिलेंडर पर बैठकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस, जानिए क्या बताई वजह
 
CopyRight 2016 DanikUp.com