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दैनिक यूपी ब्यूरो
22/05/2016  :  15:22 HH:MM
पूर्व सांसद,भाजपा नेता रमेश चंद्र तोमर का मोदी सरकार के दो साल पर विशेष आलेख
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दो साल होने को आए लेकिन मानसून की बेरुखी का जो असर देश के किसान और खेती पर होना चाहिए था वह बेहद नगण्य रहा। भले ही कृषि क्षेत्र की विकास की रफ्तार वह नहीं रह पाई जो अपेक्षित थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों ने किसानों पर होने वाले दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर दिया।

नए भारत की नींव

दो साल होने को आए लेकिन मानसून की बेरुखी का जो असर देश के किसान और खेती पर होना चाहिए था वह बेहद नगण्य रहा। भले ही कृषि क्षेत्र की विकास की रफ्तार वह नहीं रह पाई जो अपेक्षित थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों ने किसानों पर होने वाले दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर दिया। यह इसलिए भी हुआ क्योंकि पिछली सरकारों की तुलना में मोदी सरकार ने किसानों से जुड़ी हर समस्या पर त्वरित फैसला लिया। चाहे वह सूखे की स्थिति में राहत देने का मामला हो या फिर किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना लाने का फैसला। बीते दो साल में एक के बाद एक लिए गए फैसलों ने किसानों और उनकी खेती को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

इस बात में किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि खेती किसानी ही इस देश की बुनियाद है। जब तक इस देश का किसान खुशहाल नहीं होगा देश समृद्ध नहीं होगा। आजादी के इतने वर्ष बीतने के बाद भी अब तक किसानों के समग्र विकास के बारे में न तो कुछ किया गया और न ही इस बारे में व्यापकता से कुछ विचार किया गया। यह पहला मौका है जब मोदी सरकार किसानों की समृद्धि को लेकर काम कर रही है। किसानों का भविष्य और उनकी समृद्धता सीधे उनकी फसल की सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए किसान की फसल सुरक्षित रहेगी तो किसान समृद्ध बनेगा। यही वजह है कि किसानों को कम बीमा प्रीमियम पर अधिक लाभ देने वाली योजना सरकार की तरफ से लायी गई है। पहले जहां किसानों को अपनी फसल के बीमा के लिए बीमा राशि का 15प्रतिशत तक प्रीमियम चुकाना होता था उसे इस योजना के तहत बेहद कम कर दिया गया है। रबी फसलों के लिए प्रीमियम की राशि डेढ़ फीसद और खरीफ फसलों के लिए दो फीसद देना होगी। इसके अलावा इस योजना में से सरकार ने कैपिंग का प्रावधान भी पूरी तरह हटा लिया है। इसका पूरा लाभ किसानों को मिलेगा। कम प्रीमियम में ज्यादा जोखिम कवर होगा और किसानों को ज्यादा सहायता मिलेगी।

यह योजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके दायरे में खेत से लेकर खलिहान तक को समेटा गया है। पोस्ट हार्वेस्टिंग में होने वाले नुकसान को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। सरकार ने इस बात का भी इंतजाम किया है कि बीमा के क्लेम के लिए किसानों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। प्राकतिक आपदा के तुरंत बाद 25 प्रतिशत क्लेम संबंधित किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के साथ इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाते हुए इसमें स्थानीय आपदाओं को भी जोड़ लिया गया है। ओलावृष्टि और बेमौसम की बारिश या फिर आंधी तूफान से स्थानीय स्तर पर होने वाले नुकसान पर भी बीमा का भुगतान होगा। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, बुंदेलखंड और तटीय ओडिशा के किसानों को मिलेगा। इस तरह वो किसान जिनकी खेती किसानी ज्यादा जोखिम में रहती हैवह पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी।

यही नहीं बात चाहे किसानों को उनकी फसल के लिए मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य का विषय हो या फिर गन्ना किसानों के बकाये का मामला। मोदी सरकार ने हमेशा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लिए। गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान जल्द हो इसके लिए चीनी उद्योग के लिए विशेष पैकेज लाया गया। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बीते दो साल में जितनी वृद्धि की गई है उतनी पहले कभी नहीं हुई थी। इतना ही नहीं सरकार ने विश्व व्यापार संगठन में अमेरिका और यूरोपीय देशों की शर्तों को केवल इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से किसानों का नुकसान होता। इसलिए यह तो सुनिश्चित है कि राजग सरकार में किसानों के हित पूरी सुरक्षित हैं।

केवल किसान ही नहीं सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में अपनी नीतियों में गरीबों के उत्थान को भी पूरी तवज्जो दी है। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे पांच करोड़ परिवारों की रसोई में स्वच्छ ईंधन पहुंचा देना भी कोई कम महत्व का काम नहीं है। मोदी सरकार की नीति प्रारंभ से ही गरीबों की स्थिति को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने की रही है। जन-जन के हितों के अनुरूप नीतियां बनाकर देश की गरीब जनता के जीवन की कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास ही प्रधानमंत्री मोदी की सरकार करती रही है। फिर चाहे वह प्रधानमंत्री जनधन योजना हो या फिर मुद्रा योजना अथवा किसान बीमा योजना। यह पहली सरकार है जिसने लोगों की सामाजिक सुरक्षा के लिए पहल की और बारह रुपये में बीमा योजना लाकर जन जन के जीवन को सुरक्षित बनाने का काम किया है। इसके अतिरिक्त देश से बेरोजगारी दूर करने और युवाओं को रोजगार सक्षम बनाने के लिए स्किल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत भी की है।

पिछले दो वर्षों में इन सभी स्कीमों की सफलता खुद ब खुद मोदी सरकार के प्रदर्शन की कहानी कह रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28अगस्त 2014 को जनधन योजना की शुरुआत की थी जिसका लक्ष्य था हर घर में एक बैंक खाता। दो साल से भी कम समय में सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी है। देश भर में अब तक इस योजना के तहत करीब 22 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि इन खातों में 36760 करोड़ रुपये की राशि जमा भी है। और खाते खोलने का यह सिलसिला अभी जारी है। इतने कम समय में इतने अधिक खाते खोलना वास्तव में एक अनोखा काम है और इसीलिए इसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में स्थान मिला है। इसी के साथ साथ सरकार ने आधार कार्ड बनाने पर भी जोर दिया और सरकार से मिलने वाली सब्सिडी पाने के लिए बैंक खातों को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया।







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