दैनिक यूपी ब्यूरो
26/02/2021  :  22:57 HH:MM
पांच साल की नौकरी में साढ़े तीन साल तक छुट्टी पर रही टीचर, फिर भी ले ली पूरी सैलरी
Total View  533

यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग में एक और घपला सामने आया है। रामपुर जिले में एक शिक्षिका 1297 दिनों तक गैरहाजिर रही इसके बाद भी उसका वेतन जारी होता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद अब उक्त शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर वेतन की रिकवरी की तैयारी शुरू हो गई है।

रामपुर | यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग में एक और घपला सामने आया है।  रामपुर जिले में एक शिक्षिका 1297 दिनों तक गैरहाजिर रही इसके बाद भी उसका वेतन जारी होता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद अब उक्त शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर वेतन की रिकवरी की तैयारी शुरू हो गई है।
अफसरों और शिक्षिका की सांठगांठ का यह मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के सैदनगर ब्लाक के कुम्हरिया गांव के प्राथमिक स्कूल से जुड़ा हुआ है। यहां प्रीति यादव नाम की एक शिक्षका की तैनाती लगभग 62 माह (2011 से 2015) तक रही है। इस दौरान वह स्कूल से लगातार गैरहाजिर रही। पांच सालों में वह 1297 दिन गैर हाजिर रही। रजिस्ट्रर में उसे गैर हाजिर दिखाया गया है, लेकिन उसके वेतन का भुगतान होता रहा। हैरत की बात यह है कि तत्कालीन बीएसए ने उसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं एबीएसए ने वेतन जारी करने की संस्तुति भी नहीं की थी, इसके बाद भी वेतन जारी हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी ने जांच बैठा दी और बीएसए से रिपोर्ट तलब की थी। बीएसए की रिपोर्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ-साथ रिकवरी के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश के बाद बीएसए न रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। 
फिलहाल बाराबंकी में तैनात है शिक्षिका
 सैदनगर के  कुम्हरिया कलां गांव के स्कूल में तैनात रही शिक्षिका प्रीति यादव 2011 में रामपुर में तैनात हुई थी। वह 2005 से शिक्षिका के पद पर तैनात है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्य लक्ष्मी ने बताया कि प्रीति यादव 15 जुलाई 2011 से रामपुर में तैनात थी। ज्वाइन करने के दो तीन बाद से ही वह गैर हाजिर हो गई। खंड शिक्षाधिकारी ने उसके खिलाफ कार्रवाई को लिखा। वेतन रोकने के आदेश हुए,लेकिन जब बैंक स्टेटमेंट जारी हुआ तो पता चला कि वेतन जारी हो रहा है। तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति को भी लिखा था, लेकिन जब सेवा समाप्ति का नोटिस जारी हुआ तो उक्त शिक्षिका अंतरजनपदीय तबादले के तहत बाराबंकी चली गई। कार्रवाई के लिए बाराबंकी के बीएसए को भी लिखा गया है।
अफसरों की सांठगांठ से निकलती रही सेलरी
स्कूल न जाने वाली शिक्षिका को सेलरी यूं ही नहीं निकलती रही। इसके पीछे अफसरों व लेखा विभाग से जुड़े अफसरों व कर्मियों की सांठगांठ भी कम जिम्मेदार नहीं है। ब्लाक स्तर से बीएसए दफ्तर और लेखा दफ्तर और आला अफसरों तक की सांठगांठ के चलते यह सब हुआ है। इस तरह के कई केस सामने नजर आ चुके हैं






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   6966991
 
     
Related Links :-
सीएम योगी बोले, कोरोना की दूसरी लहर काफी तेज, मेडिकल फैसिलिटी भी तेज करें
यूपी में कोरोना के सभी रिकॉर्ड टूटे, एक दिन में 9695 नए केस मिले
देश भर में होलिका दहन के साथ होली की उमंग,रंग बिरंगी होली मुबारक
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने रिटायरमेंट से पहले जताई राज्य में नई नियुक्ति की इच्छा, राज्य सरकार की सहमति के बाद त्यागपत्र
पीएम मोदी ने की मन की बात, क्या रहा खास?
पीएम मोदी ने की मन की बात, क्या रहा खास?
पीएम मोदी ने की मन की बात, क्या रहा खास?
योगी सरकार ने कोरोना पर जारी की नई गाइडलाइंस
पूरे प्रदेश में मनेगा योगी सरकार के चार साल पूरे होने का जश्न, 19 से 24 तक लगातार आयोजन
यूपी पंचायत चुनाव : नई आरक्षण लिस्ट के लिए आज जारी होगा नोटिफिकेशन
 
CopyRight 2016 DanikUp.com