दैनिक यूपी ब्यूरो
21/02/2021  :  23:49 HH:MM
संदेह चाहे कितना ही मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट
Total View  530

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संदेह कभी सबूत की जगह नहीं ले सकता, चाहे यह कितना ही मजबूत क्यों न हो। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है।

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संदेह कभी सबूत की जगह नहीं ले सकता, चाहे यह कितना ही मजबूत क्यों न हो। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी औ जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने उड़ीसा हाई कोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ सबूतों की कड़ी इतनी पूर्ण होनी चाहिए कि उसके खिलाफ आरोप को साबित किया जा सके।
उड़ीसा हाई कोर्ट ने बिजली का करंट देकर एक होमगार्ड की हत्या करने के दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। पीठ ने कहा, यह इस न्यायालय की न्यायिक घोषणा द्वारा अच्छी तरह स्थापित है कि संदेह, चाहे यह मजबूत ही क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता। यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है।
गीतांजलि टाडू ने अपनी शिकायत में कहा था कि चंदाबली थाने में तैनात उनके पति बिजय कुमार टाडू को बानाबिहारी महापात्र और उसके बेटे लूजा तथा अन्य ने कुछ जहरीला पदार्थ खिलाकर और फिर बिजली का करंट देकर मार डाला। शीर्ष अदालत ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि मौत बिजली के करंट से हुई, लेकिन इस बारे में कोई निष्कर्षात्मक सबूत नहीं है कि यह हत्या का मामला है।
पीठ ने कहा, महज इस तथ्य से कि मृतक, आरोपी प्रतिवादी-1 के कमरे में पड़ा था और आरोपी प्रतिवादियों ने शिकायतकर्ता को सूचना दी कि मृतक (शिकायतकर्ता का पति) निस्तेज अवस्था में था तथा उसने आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, यह साबित नहीं हो जाता कि आरोपी प्रतिवादियों ने उसकी हत्या की थी।
शीर्ष अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोपियों का दोष साबित करने में विफल रहा और अदालत ने आरोपियों को बरी कर सही फैसला किया। इसने कहा कि पारिस्थितिजन्य साक्ष्य भी ऐसे होने चाहिए जिन्हें साबित किया जा सके और सबूतों की कड़ी ऐसी होनी चाहिए जिनमें संदेह की कोई गुंजाइश न हो। 
पीठ ने कहा कि इस बात की काफी संभावना है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पति को शराब पिलाई हो, जैसा कि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर का मानना है, सोते समय दुर्घटनावश बिजली के तार के संपर्क में आ गया हो।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3417953
 
     
Related Links :-
पीएम किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त के लिए फौरन चेक करें स्टेटस, अगर लिखा है ऐसा तो जरूर मिलेगा पैसा
KCC बनवाने के लिए आपके पास केवल 4 दिन का है मौका, आसानी से मिलता है 3 लाख रुपये तक का कर्ज 4 फीसद ब्याज पर
किसानों को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने खाद कंपनियों को कीमत नहीं बढ़ाने का दिया आदेश
RT-PCR में निगेटिव होने के बाद भी हो सकते हैं कोरोना पॉजिटिव, गुजरात में सामने आ रहे ऐसे कई केस
दिल्ली में एक दिन में 1881 मामले, कोरोना ने पकड़ी रफ्तार
तीन जगहों पर चल रहा जन्मदिन मनाने का अनूठा अभियान प्रसादम
एक डॉगी के मरने पर आ जाता है शोक संदेश, 250 किसानों की मौत पर चुप्पी: सत्यपाल मलिक
यूपीः पंचायत चुनावों के लिए चौपाल से पहले भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की घोषणा, मोदी-राजनाथ स्थायी आमंत्रित सदस्य
संपत्ति उत्तराधिकार के नियम सबके लिए समान क्यों नहीं, SC का केंद्र को नोटिस
केंद्र सरकार ने सदन में माना- अनुमान के अनुरूप नहीं मिल पाता है रक्षा बजट
 
CopyRight 2016 DanikUp.com