दैनिक यूपी ब्यूरो
21/02/2021  :  23:49 HH:MM
संदेह चाहे कितना ही मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट
Total View  21

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संदेह कभी सबूत की जगह नहीं ले सकता, चाहे यह कितना ही मजबूत क्यों न हो। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है।

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संदेह कभी सबूत की जगह नहीं ले सकता, चाहे यह कितना ही मजबूत क्यों न हो। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी औ जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने उड़ीसा हाई कोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ सबूतों की कड़ी इतनी पूर्ण होनी चाहिए कि उसके खिलाफ आरोप को साबित किया जा सके।
उड़ीसा हाई कोर्ट ने बिजली का करंट देकर एक होमगार्ड की हत्या करने के दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। पीठ ने कहा, यह इस न्यायालय की न्यायिक घोषणा द्वारा अच्छी तरह स्थापित है कि संदेह, चाहे यह मजबूत ही क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता। यथोचित संदेह से परे दोषी साबित होने तक किसी भी आरोपी को निर्दोष माना जाता है।
गीतांजलि टाडू ने अपनी शिकायत में कहा था कि चंदाबली थाने में तैनात उनके पति बिजय कुमार टाडू को बानाबिहारी महापात्र और उसके बेटे लूजा तथा अन्य ने कुछ जहरीला पदार्थ खिलाकर और फिर बिजली का करंट देकर मार डाला। शीर्ष अदालत ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि मौत बिजली के करंट से हुई, लेकिन इस बारे में कोई निष्कर्षात्मक सबूत नहीं है कि यह हत्या का मामला है।
पीठ ने कहा, महज इस तथ्य से कि मृतक, आरोपी प्रतिवादी-1 के कमरे में पड़ा था और आरोपी प्रतिवादियों ने शिकायतकर्ता को सूचना दी कि मृतक (शिकायतकर्ता का पति) निस्तेज अवस्था में था तथा उसने आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, यह साबित नहीं हो जाता कि आरोपी प्रतिवादियों ने उसकी हत्या की थी।
शीर्ष अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोपियों का दोष साबित करने में विफल रहा और अदालत ने आरोपियों को बरी कर सही फैसला किया। इसने कहा कि पारिस्थितिजन्य साक्ष्य भी ऐसे होने चाहिए जिन्हें साबित किया जा सके और सबूतों की कड़ी ऐसी होनी चाहिए जिनमें संदेह की कोई गुंजाइश न हो। 
पीठ ने कहा कि इस बात की काफी संभावना है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पति को शराब पिलाई हो, जैसा कि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर का मानना है, सोते समय दुर्घटनावश बिजली के तार के संपर्क में आ गया हो।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   8191228
 
     
Related Links :-
कश्मीर से छुट्टी पर लौटने वाले CRPF जवान करेंगे MI-17 की सवारी, पुलवामा जैसे हमले को रोकने के लिए MHA का फैसला
WHO चीफ ने पीएम मोदी की तारीफ की, कहा- आपकी वजह से 60 देशों में टीकाकरण, दूसरे देश आपसे सीखें
रक्षा मंत्रालय ने 118 अर्जुन MK-1A टैंकों सहित 13,700 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद को दी मंजूरी
राज्य सरकारें कोरोना वायरस की आरटीपीसीआर जांच बढ़ाएं: केंद्र सरकार
संदेह चाहे कितना ही मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट
बेनामी संपत्तियों के बारे में ईडी ने गायत्री प्रजापति से पूछे कई सवाल
पेट्रोल-डीजल की कीमतों से चुनाव वाले राज्यों में बीजेपी की दिक्कतें बढ़ीं, जल्द हो सकता है बड़ा फैसला
किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में बीजेपी को नहीं मिले वोट? कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दिया जवाब
चीन के साथ गतिरोध पर देश को बरगला कर भ्रम फैला रहे हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: कांग्रेस
भारत को अतीत से मिली चुनौतियों में सिर्फ बढ़ोतरी ही हुई है: थल सेना प्रमुख
 
CopyRight 2016 DanikUp.com