दैनिक यूपी ब्यूरो
18/02/2021  :  23:15 HH:MM
किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में बीजेपी को नहीं मिले वोट? कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दिया जवाब
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पंजाब के निकाय चुनावों में कांग्रेस का चलवा रहा तो अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। देश के अधिकतर चुनावों में चुनावी सफलता हासिल कर रही बीजेपी का प्रदर्शन यहां बेहद खराब रहा है।

नई दिल्ली | पंजाब के निकाय चुनावों में कांग्रेस का चलवा रहा तो अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। देश के अधिकतर चुनावों में चुनावी सफलता हासिल कर रही बीजेपी का प्रदर्शन यहां बेहद खराब रहा है। इसके लिए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन और किसानों की नाराजगी को अहम वजह बताया जा रहा है तो कृषि मंत्री ने इसे खारिज किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि म्यूनिसिल कॉर्पोरेशन के चुनाव नतीजों को किसान आंदोलन से जोड़ना ठीक नहीं है।
चुनावी राज्य असम पहुंचे कृषि मंत्री ने कहा, ''म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव नतीजों को किसान आंदोलन से जोड़ना ठीक नहीं है। हम पंजाब में कमजोर थे और अकाली दल के साथ चुनाव लड़ते रहे हैं। लेकिन इस बार हम अलग से लड़े, जिसकी वजह से हमें नुकसान हुआ।'' तोमर असम में बीजेपी के चुनाव प्रभारी हैं। यहां बीजेपी की सरकार है और फिर से सत्ता में आने की चुनौती है। 
तोमर ने यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि सरकार तीनों कृषि कानूनों पर प्रावधान-दर-प्रावधान चर्चा के लिये तैयार है। तोमर ने कहा, ''हम प्रदर्शनकारी किसानों से नियमित संपर्क में हैं। भारत सरकार कानूनों पर प्रावधान-दर-प्रावधान चर्चा के लिये तैयार है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र दिल्ली की सीमा पर करीब तीन महीने से डटे प्रदर्शनकारी किसानों से अब भी बातचीत का इच्छुक है, मंत्री ने जवाब दिया, हां। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत फिर कब शुरू होने की संभावना है। 
पंजाब के सात नगर निगमों में से छह में प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जीत हासिल की है और वह सातवें नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके अलावा पार्टी ने 109 नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में भी अधिकतर पर जीत प्राप्त की है और इस तरह उसने शहरी निकाय के चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया है।
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में नगर निगमों के प्रदेश में हुए चुनाव में कांग्रेस ने बठिंडा, होशियारपुर, कपूरथला, अबोहर, बटाला एवं पठानकोट में जबरदस्त जीत दर्ज की है। मोगा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और बहुमत से वह छह सीट पीछे रह गई है।
विपक्ष को 109 नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी अधिकतर सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इस स्तर पर 1,817 वार्ड में से कांग्रेस ने 1,102 वार्ड पर जीत हासिल की। शिअद ने 252, आप ने 51, भाजपा ने 29 और बसपा ने पांच सीटें जीतीं। इसके अलावा 374 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।






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