दैनिक यूपी ब्यूरो
14/10/2020  :  21:33 HH:MM
लोकमान्य तिलक की यादों को सहेजने में जुटा विदेश मंत्रालय, म्यांमार में लगवाएगा प्रतिमा* मंत्रालय करेगा*
Total View  79

नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय दुनिया के तमाम देशों में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों का जीर्णोद्धार करने के साथ ही भारतीय महापुरुषों की यादों को भी सहेजने में जुटा हुआ है। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रालय ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रदूत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की म्यांमार के मांडले में प्रतिमा लगाने की योजना बनाई है। जिस पर खर्च होने वाले धन का वहन विदेश मंत्रालय करेगा।



नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय दुनिया के तमाम देशों में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों का जीर्णोद्धार करने के साथ ही भारतीय महापुरुषों की यादों को भी सहेजने में जुटा हुआ है। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रालय ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रदूत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की म्यांमार के मांडले में प्रतिमा लगाने की योजना बनाई है। जिस पर खर्च होने वाले धन का वहन विदेश मंत्रालय करेगा।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे 4-5 अक्टूबर को म्यांमार की दो दिवसीय यात्रा पर गए थे। इस दौरान उनकी म्यांमार की स्टेट काउंसलर दाऊ आंग सान सू की और सशस्त्र बलों के प्रमुख कमांडर सीनियर जनरल मिन आंग लैंग ह्लाइंग से मुलाकात हुई।
 
इस दौरान दोनों पक्षों ने लोकमान्य तिलक की 100वीं पुण्यतिथि पर मांडले में उनकी प्रतिमा लगाने की योजना पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि इस चर्चा में म्यांमार ने भी लगभग अपनी सहमति दे दी है। बहुत ही जल्द विदेश मंत्रालय इस योजना पर कार्य भी शुरू कर देगा। 

*मांडले जेल में लिखी थी गीता रहस्य*
गौरतलब है कि मध्य म्यांमार में पड़ने वाले मांडले कारावास में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक छह वर्ष तक बंदी थे। वह लकड़ी के बने कमरे में रहते थे, जो तीनों मौसम के प्रतिकूल था। इसी जेल में उन्होंने 'गीता का रहस्य' लिखी  थी। 

*तिलक के विचारों से अवगत कराना उद्देश्य*

इस विषय में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 'लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उनकी शिक्षा और उनके वचन आज भी हर भारतवासी को जोश से भर देते हैं। ''स्वाराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा'' का नारा देने वाले लोकमान्य तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई ऊर्जा व दिशा प्रदान की थी। इस वर्ष जब तिलक को उनकी 100वीं पुण्यतिथि पर समूचे देश ने नमन किया, मांडले में उनकी प्रतिमा के स्थापना से देश और दुनिया के लोगों को उनके विचारों से अवगत कराने में सहायता प्राप्त होगी।'






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5030056
 
     
Related Links :-
दाे दिसंबर तक बंद हो जाएंगी पूजा स्पेशल ट्रेनें
यूपी के 44 जिलों में 10 लाख और बनाए जाएंगे पीएम आवास
यूपी : 41 लाख ग्रामीणों को हर घर नल योजना की सौगात, पीएम मोदी ने किया वर्चुल शिलान्‍यास
यूपी में एक जनवरी 2021 से वाहनों का प्रदूषण जांच कराना महंगा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना की लहर से किया सतर्क
पीएम मोदी करेंगे मिर्जापुर व सोनभद्र की पेयजल योजना का शिलान्यास, 22 नवंबर को आयोजन
बदल जाएगा ग्राम पंचायत का आरक्षण
गोरखपुर-हटिया के बीच चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के हर यात्री की स्टेशन पर होगी कोरोना जांच
2013 में बंगाल से गिरफ्तार कर वापस भेजे गये 2 बांग्लादेशी अब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार
 
CopyRight 2016 DanikUp.com