दैनिक यूपी ब्यूरो
11/09/2020  :  23:57 HH:MM
जयशंकर - वांग यी वार्ता में तनाव कम करने के लिए पांच सत्रीय फार्मूला
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भारत और चीन के विदेशमंत्री मॉस्को वार्ता में तनाव कम करने के पांच सूत्रीय फार्मूले पर सहमत हुए हैं। जयशंकर - वांग यी वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि तनाव कम करने और मतभेद को विवाद न बनने देने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

दैनिक यूपी

भारत और चीन के विदेशमंत्री मॉस्को वार्ता में तनाव कम करने के पांच सूत्रीय फार्मूले पर सहमत हुए हैं। जयशंकर - वांग यी वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि तनाव कम करने और मतभेद को विवाद न बनने देने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

 * *यथा स्थिति में एकतरफा बदलाव न हो, सेनाओं की समग्र वापसी जरूरी** 
 विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से साफ कहा कि यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का प्रयास नही होना चाहिए। विवादित स्थानों से सेनाओं की समग्र वापसी (डिसइंगेजमेंट) की मांग करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि सेनाओं को परमानेंट पोस्ट में वापस भेजा जाए। जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इस प्रक्रिया के चरण को संयम कमांडर द्वारा तय किया जाना चाहिए।
 *तनाव किसी के हित मे नही* 
दोनो पक्षों ने माना कि सीमा पर तनाव किसी के हित मे नही है। जयशंकर ने बैठक में कहा, पूर्वी लदाख में हुई घटनाओं का दोनो देशो के संबंधों पर असर पड़ा है। इसलिए मौजूदा स्थिति का तुरंत समाधान किया जाना दोनो देशो के हित मे है। उन्होंने कहा कि सीमा के सवाल पर समय और प्रयास की जरूरत है लेकिन ये भी स्पष्ट है कि सीमा पर शांति द्विपक्षीय सम्बंधोंक विकास के लिए जरूरी है।
*तनाव कम करने के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला* 
1- मतभेद को विवाद न बनने दें। नेताओं के बीच  भारत - चीन रिश्तों पर कई बार बनी सहमति से मार्गदर्शन लेकर आगे बढ़े।
2 - सीमा की मौजूदा स्थिति दोनो देशो के हित में नही, इसलिए दोनो देशो की सेनाओं को बातचीत जारी रखना चाहिए। जल्द से जल्द पीछे हटना चाहिए। एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखना चाहिए और तनाव कम करना चाहिए।
3- भारत-चीन सीमा के इलाक़ों में शांति और सौहार्द बनाए रखने और सीमा मामलों को लेकर दोनों पक्ष सभी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। सीमा पर शांति बहाल करेंगे और ऐसा कोई कदम नही उठाएंगे जिससे तनाव बढ़े।
4- भारत-चीन सीमा मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच स्पेशल रिप्रेज़ेन्टेटिव मेकनिज़्म के ज़रिए बातचीत जारी रखी जाए। साथ ही सीमा मामलों में कन्सल्टेशन और कोऑर्डिनेशन पर वर्किंग मेकानिज़्म - डब्लूएमसीसी के तहत भी बातचीत जारी रखी जाएगी।
5- जैसे-जैसे तनाव कम होगा दोनों पक्षों को सीमा इलाक़ों में शांति बनाए रखने के लिए आपस में भरोसा बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

 *भारी संख्या में चीनी सैनिकों की तैनाती पर उठाए सवाल, चीन नही दे पाया जवाब** 

सूत्रों के अनुसार बैठक में चीनी विदेश मंत्री को यह बताया गया कि भारतीय जवानों ने तनाव दौरान भी सीमा से जुड़े सभी समझौतों का पालन किया है। इस द्विपक्षीय बातचीत में भारतीय पक्ष ने एलएसी के पास भारी संख्या में चीनी सैनिक और उपकरणों की तैनाती पर सवाल उठाए। भारत की ओर सेक्कहा गया कि ऐसे कदम साल 1993 और 1996 के समझौते का उल्लंघन हैं। चीनी पक्ष भारत की इस आपत्ति का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया।






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