दैनिक यूपी ब्यूरो
22/07/2020  :  18:29 HH:MM
यूपी में खुलेगी रोजगार की राह, कई जापानी कंपनियां निवेश को उत्सुक
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कोरोना संकट के बीच कंपनियां निवेश से बच रही हैं। आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में के लिए गुड न्यूज है। यहां आधे दर्जन से ज्यादा जापानी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है।

लखनऊ, कोरोना संकट के बीच कंपनियां निवेश से बच रही हैं। आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में के लिए गुड न्यूज है। यहां आधे दर्जन से ज्यादा जापानी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है। अंग्रेजी अखबार फाइनैंशल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक Miyachi Corp और Tokachi Corp जैसी जापानी कंपनियों ने निवेश के लिए उत्सुकता जाहिर की है।

के मुताबिक निवेश प्रस्ताव के तहत मछली पालन की पांच यूनिट, सिंचाई के लिए 100 मेगावॉट क्षमता वाला सोलर पार्क के साथ-साथ एग्री प्रॉसेसिंग पार्क की योजना है। बताया जा रहा है कि ये प्रस्ताव उत्तर प्रदेश एमएसएमई, सूक्ष्म लघु और मध्य उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और जापानी कंपनियों के बीच मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सामने आया। इस कॉन्फ्रेंस में जापान में भारतीय राजदूत संजय वर्मा ने भी हिस्सा लिया।

 

यूपी सरकार अलग-अलग हिस्सों में मौजूद जीआईएस मैपिंग (ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम) वाली एक लाख एकड़ जमीन में निवेश कराने की कवायद में जुटी है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे और एयर कनेक्टिविटी के बड़े नेटवर्क का भी निवेश में बेहतर इस्तेमाल करने की जुगत है। मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस के बीच दूसरे देशों की मल्टि नैशनल कंपनियां चीन से से हटना चाहती हैं। ऐसे में इस कवायद के जरिए विदेशी कंपनियों से निवेश कराने की तैयारी है।

 घर लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए योजना

यूपी में 30 लाख से अधिक प्रवासियों की वापसी लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने से बेरोजगार हुए कामगारों के समायोजन के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा था। योगी सरकार ने मनरेगा, एमएसएमई, ओडीओपी, निर्माण परियोजनाओं ग्राम्य विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को केंद्रित कर 1.25 करोड़ लोगों के रोजगार का रास्ता तलाशा है। इसी योजना को अमलीजामा पहनाने की शुरुआत शुक्रवार से की जाएगी।

एमएसएमई इकाइयों को 9100 करोड़ रुपये का कर्ज

पीएम इससे जुड़कर यूपी सरकार की हौसला अफजाई करेंगे साथ ही लखनऊ, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर और जालौन के लाभार्थियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में केंद्र के गरीब रोजगार कल्याण अभियान के साथ ही गरीब कल्याण पैकेज के तहत एमएसएमई इकाइयों को 9100 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा। वहीं, स्किल मैपिंग में चिह्नित किए गए कामगारों में से 1.25 लाख को कपंनियां औपचारिक नियुक्ति पत्र देंगी।

यूपी के 31 जिले अभियान का हिस्सा

गरीब कल्याण रोजगार अभियान में यूपी के 31 जिलों की 32,300 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इन जिलों में सिद्धार्थनगर, प्रयागराज, गोंडा, महराजगंज, बहराइच, बलरामपुर, जौनपुर, हरदोई, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, सुलतानपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बांदा, अम्बेडकरनगर, सीतापुर, वाराणसी, गाजीपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अयोध्या, देवरिया, अमेठी, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, श्रावस्ती, फतेहपुर, मीरजापुर, जालौन और कौशाम्बी शामिल हैं।

1 दर्जन विभाग संभालेंगे अभियान की जिम्मेदारी

अभियान के तहत 25 तरह के कार्यों को चिह्नित किया गया है, जिनमें प्रवासियों को समायोजित किया जाएगा। इसके लिए 1 दर्जन विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सकड़ परिवहन, खनन, रेलवे, पेयजल स्वच्छता, पर्यावरण वन, पेट्रोलियम नेचुरल गैस, वैकल्पिक ऊर्जा, रक्षा, टेली कम्युनिकेशन और कृषि विभाग शामिल हैं। केंद्र प्रदेश दोनों ही आपस में समन्वय कर 31 जिलों में रोजगार अभियानों को गति देंगे।

ऐसी होगी कार्यक्रम की रूपरेखा

1.25 करोड़ कामगारों के नियोजन की शुरुआत2.40 लाख इकाइयों को आत्मनिर्भर भारत के तहत रु. 5900 करोड़ के कर्ज का वितरण1.11 लाख नई इकाइयों को रु. 3226 करोड़ का ऋण वितरण1.25 लाख कामगारों को निजी निर्माण कंपनियों से नियुक्ति पत्र5000 कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान ओडीओपी के तहत किट का वितरण

मंत्री का कहना है कि हम अलग-अलग देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं। जापानी कंपनियों के साथ कॉन्फ्रेंसिंग में कुछ ठोस प्रस्ताव मिले हैं, हमें उम्मीद है कि ये जल्द फलीभूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों के साथ एक्सपोर्ट बढ़ाने बढ़ाने के प्रति राज्य सरकार गंभीर है और इसे सुनियोजित तरीके से अमल में लाया जाएगा।

जापान से एक्सपोर्ट बढ़ने की संभावना पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अभी चीन जापान में सालाना 173 अरब डॉलर का निर्यात करता है। इसके मुकाबले भारत अभी जापान में सालाना 4.8 अरब डॉलर का ही निर्यात करता है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश का जापान में 103 मिलियन डॉलर से ज्यादा का एक्सपोर्ट है। इसमें मशीन पार्ट्स, जरूरी तेल, गारमेंट, फुटवियर और कालीन शामिल हैं।

मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि सभी देशों के साथ चर्चा के दौरान कंपनियों की तरफ से मुख्य सवाल था कि क्या जमीन उपलब्ध है। मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर हमने निवेशकों को बड़े लैंड बैंक ऑफर (बड़े क्षेत्रफल की जमीन) किए। हमने राज्य के पूर्वी इलाके में उद्योगों के लिए पहले ही 85 हजार एकड़ जमीन चिह्नित की है। सेंट्रल रीजन में 3 हजार एकड़ रेडी टू मूव जमीन निवेशकों के लिए उपलब्ध है। जो कंपनियां डिफेंस कॉरिडोर में इंवेस्ट करना चाहती हैं उनके लिए 3 हजार एकड़ जमीन हमारे पास है। पश्चिमी क्षेत्र में मेरठ






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