दैनिक यूपी ब्यूरो
11/07/2020  :  16:25 HH:MM
पंद्रह साल में जो नही हुआ वो तीन साल में किया - सुनील शर्मा
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सुनील शर्मा का कहना है कि कहने से विकास नही होता काम दिखता है। एक और विकास यानी विकास दूबे पर बोले ऐसे अपराधियों का यही हश्र होता है। दैनिक यूपी की एडिटर इन चीफ अंजना शर्मा से खास बातचीत -

सुनील शर्मा गाज़ियाबाद जिले के साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की थी। तीन साल में इलाके में काफी पैठ बनाई है। उनका दावा है 15 साल में जितना काम नही हुआ उतना तीन साल में हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कहते थे काम बोलता है। सुनील शर्मा का कहना है कि कहने से विकास नही होता काम दिखता है। एक और विकास यानी विकास दूबे पर बोले ऐसे अपराधियों का यही हश्र होता है। दैनिक यूपी की एडिटर इन चीफ अंजना शर्मा से खास बातचीत - 

प्रश्न-बात तो गाजियाबाद,  साहिबाबाद की करनी थी लेकिन शुरू विकास दूबे से करते हैं। विकास दूबे के इनकाउंटर को आप किस रूप में देखते हैं।
उत्तर - पुलिस ने बिल्कुल ठीक किया है। एक दुर्दांत अपराधी था। लंबे समय से अपराध का रहा था। उज्जैन में पकड़ा गया, यूपी पुलिस लेकर आ रही थी। हथियार छीनकर भागने का प्रयास कर रहा था। मारा गया। उसको पकड़ा जाना मारा जाना जरूरी था। ऐसे अपराधियों का यही हश्र होगा।

 प्रश्न -लेकिन जिंदा रहता तो कई राज बाहर आते? 
 उत्तर - जिसने गोलियां चलाई, सिपाही घायल हुए हैं। पुलिस पर हमला किया उसका क्या करते। आत्मरक्षा में मारा। कोई जानबूझकर तो मारा नही।

 प्रश्न -कोरोना का दौर चल रहा है। गाजियाबाद में बहुत ज्यादा केस अभी भी आ रहे हैं? क्या वजह?
 उत्तर -गाजियाबाद में जांच भी ज्यादा हो रही है।  कैम्प लगाकर जांच की जा रही है। मोहल्ले -  मोहल्ले जाकर जांच की जा रही है। दिल्ली से सटा हुआ है। एनसीआर का हिस्सा है। लोग दिल्ली आ जा रहे हैं। उससे संक्रमित होते हैं। लेकिन जांच का दायरा बढ़ा है इसलिए केस भी ज्यादा नजर आ रहे हैं।

 प्रश्न -आपको लगता है कोरोना से लड़ने की रणनीति कारगर रही है। या कुछ और करने की जरूरत है? 

 उत्तर -बिल्कुल कारगर रणनीति रही है। योगी जी के नेतृत्व की माननीय प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की है। योगी जी के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश सरकार, पूरी टीम बहुत अच्छे से काम कर रही है। संगठन के कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग है।  बहुत ही प्रभावी तरीक़े से कोरोना से जंग हो रही है।

 प्रश्न -कोरोना काल मे इलाके के लोगों तक आप कैसे पहुंचे। किस तरह से मदद की?
 उत्तर -जब जैसी आवश्यकता हुई वैसे काम किया। जब लॉक डाऊन लागू हुआ तो हमने 40 दिन तक दस हजार लोगों को लगातार भोजन वितरण किया। सूखा राशन बांटा। अब अनलॉक हुआ तो ज्यादा टेस्ट करवा रहे हैं। पूरे इलाके पर हमारी दृष्टि है। जगह जगह स्वास्थ्य विभाग का कैम्प लगाकर जांच की जा रही है। मैं खुद अपने इलाके में टेस्टिंग पर नजर रखता हूँ। 

 प्रश्न -लोग किस तरह से संकट से बाहर निकलें। कैसे मदद करेंगे कि लोग चरणबध्द तरीके से बाहर निकले काम करें?
 उत्तर -अनलॉक 2 चल रहा है। लेकिन बहुत जरूरत हो तभी निकले। कोरोना खत्म नही हुआ। अनलॉक - 2 का मतलब ये नही है कि कोरोना खत्म हो गया। कोरोना से बचते हुए हमें सारे काम करना है। बहुत जरूरी हो तो निकलें। निकले तो सारी सावधानी करें। घर मे रहें तो काढ़ा पिये। आयुष मंत्रालय का काढ़ा पियें। सावधानी से काम करें। इम्युनिटी बूस्ट  अप करें।

 प्रश्न -मेरा सवाल इसलिए है कि यूपी में अनलॉक के बीच तीन दिन का लाकडाउन फिर हो गया? क्या वजह है।दो -  तीन दिन में क्या होगा?
 उत्तर -मुझे नही पता। मैं निर्णय करने वालों में नही हूँ।निर्णय उच्च स्तर पर अधिकारियों ने, मुख्यमंत्री कार्यालय ने परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया होगा। बहुत जरूरत महसूस हुई होगी तभी ऐसा फैसला हुआ।

 प्रश्न -दिल्ली जाने वाले कैब बुक करें तो उन्हें टोल का 100 रुपया अतिरिक्त देना पड़ता है। कम्पनी कस्टमर के बिल में जोड़ती है। दिल्ली - एनसीआर के लिए एक नीति परिवहन की क्यों नही है? 
 उत्तर -दिल्ली आने जाने में कोई दिक्कत नही हैं। आम आदमी को कोई टोल नही देना। कामर्शियल वाहन पर लगता है। उन्हें देना चाहिए।टोल का पैसा दिल्ली सरकार लेती है। अगर वे माफ कर दें तो अच्छा रहेगा।

 प्रश्न -गाज़ियाबाद -  साहिबाबाद विधानसभा के इलाके में विकास किस तरह से हो रहा है। क्या कोरोना का असर पड़ा है? 
 उत्तर - गाज़ियाबाद में जितना 15 वर्ष में काम नही हुआ उतना तीन साल में हुआ है। विकास कहने से नही होता विकास दिखता है। सब काम सड़क पर दिख रहा है। कोई व्यक्ति लंबे समय बाद बाहर से आता है तो देखता है कि बहुत डेवलपमेंट हुआ है । चौतरफा विकास हुआ है।महामारी से थोड़ी रूकावट हुई है।  लेकिन भारी तादाद में सड़क बनी है। एलिवेटेड रोड रुकी थी चालू हुई है। एयरपोर्ट बना है। कैलाश मानसरोवर हाउस बना है। नाले, पार्क बने हैं। इतने काम हुए हैं। गिनाना शुरू कर दूं तो बहुत लंबा हो जाएगा।

 प्रश्न -कोरोना के वक्त बहुत कुछ परिवर्तन हुआ। आपके काम के तरीके में क्या बदलाव महसूस किया।
 उत्तर -बदलाव तो आया ही है। हर छेत्र में बदलाव हुआ है।  उद्योग जितने मजदूरों के साथ काम करते थे, उससे कम लोगो से चल रहा है। सरकारी दफ्तर में भी कम लोग चल रहे हैं। लेकिन धीरे धीरे सब पटरी पर आ जायेगा। बस सावधानी पूर्वक काम करना है। हम भी सावधानी के साथ काम कर रहे हैं। लोगों की मदद कर रहे हैं।

 प्रश्न -कोविड टेस्ट को लेकर सवाल उठे। लोगों ने कहा कि जितनी जरूरत है उतने टेस्ट नही हो रहे? 
 उत्तर -बहुत अच्छी संख्या में टेस्टिंग हो रही है। कोई भी व्यक्ति जिसे जरूरत है टेस्ट करा सकता है। इंदिरापुरम में,  वैशाली में स्थायी बूथ बना दिया है। संजय नगर में बूथ बना हुआ है। इसके अतिरिक्त हर दिन कैम्प लगाकर टेस्ट किये जा रहे हैं। जांच भारी मात्रा में हो रही है, इसीलिए केस ज्यादा नजर आ रहे हैं।

 प्रश्न -क्या संदेश छेत्र के लोगों को देना चाहेंगे जिससे उनमें भरोसा बढ़े?
 उत्तर -अपील करूंगा कोरोना खत्म नही हुआ है। सावधानी बरतनी है। दो ग़ज़ की दूरी रखनी है। कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी है। मास्क लगाना है। सैनिटाइजर या साबुन से हाथ धोते रहना है। सब सावधानी बरतते हुए काम करते हुए आगे बढ़ना है।

 प्रश्न -आखिरी सवाल। प्रधानमंत्री ने नवम्बर तक राशन देने का एलान किया। बड़ी संख्या में बिना राशन कार्ड वाले लोग भी हैं उनको कैसे मदद मिलेगी? 
 उत्तर -सभी जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाई गई है। कोई जरूरतमंद नही बचा जिसको मदद न पहुंचाई गई हो। सबको मदद मिलेगी उसका इंतजाम किया गया है।






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