दैनिक यूपी ब्यूरो
07/07/2020  :  08:49 HH:MM
ये 2020 का भारत है, चीन को हर तरह से करारा जवाब देने में हम सक्षम - जनरल जी डी बख्शी
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गलवान में 20 सैनिकों की शहादत से देश दुःख और गुस्से में है। जनरल बख्शी की बात देश सुनना चाहता है। गलवान में चीन की हरकत पर मेजर जनरल बख्शी से दैनिक यूपी की एडिटर इन चीफ अंजना शर्मा की खास बातचीत के अंश ----

एक सैनिक कभी मन से रिटायर नही होता। जनरल जी डी बख्शी इसका जीता जागता उदाहरण हैं। उनकी आवाज का दमखम, जोश और उत्साह वैसा ही है जिसके सहारे एक सैनिक दुश्मन को उखाड़ फेंकने का जज्बा लेकर युध्द के मैदान में डटा रहता है। आखिरी सांस तक। देश के लिए जुनून की पराकाष्ठा मेजर जनरल बख्शी में साफ नजर आती है। गलवान में 20 सैनिकों की शहादत से देश दुःख और गुस्से में है। जनरल बख्शी की बात देश सुनना चाहता है। 

प्रश्न-चीन के साथ सीमा पर तनाव है। सबके मन मे एक सवाल है कि सही स्थिति क्या है चीन एलएसी पर कहाँ है। क्या वे हमारी सीमा में घुसे हैं‌?
उत्तर-देखिए क्या वजह कि हमारे प्रधानमंत्री कह रहे है कि चीन हमारी सीमा में नहीं हैं। 19 तारीख को उन्होंने जब ये बयान दिया। कोई भी चीनी सैनिक हमारी सीमा में नहीं था। जो आये थे वे खदेड़े जा चुके थे।

प्रश्न - अभी जो रणनीति हम अपना रहे हैं क्या वह सही है? चीन को कैसे पीछे भेज सकते हैं?
उत्तर- नतीजा आखिरकार क्या होता है। अगर दोनों आर्मी डिसएंगेज हो जाती हैं, पीछे हट जाती हैं। चीन पूर्व की स्थिति में जाने के लिए मान जाता है तो पॉलिसी दुरूस्त रहेगी। अगर नहीं हो जाता तो हमें दवाब चीन के ऊपर बढाना पड़ेगा। राजनीतिक दवाब, कूटनीतिक दवाब, आर्थिक दवाब और सैन्य दवाब। 

प्रश्न - हमारी सेना चीन के मुकाबले कितना सक्षम है?
उत्तर- मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि 1962 और 2020 में जमीन आसमान का अंतर है। लाखों टन पानी ब्रहमपुत्र में बह चुका है। और उसके चलते हमारी सेना बहुत सक्षम है चीन को करारा जवाब के लिए। मैं तो चीन को बिल्कुल सलाह  नहीं दूंगा कि वो किसी हद से आगे जाए।

प्रश्न 4-मोदी जी का लेह जाना कितना बडा संदेश था। क्या असर हो रहा है?
उत्तर- अगर सब ठीक हो गया। चीन अप्रैल वाली स्थिति में वापस चला गया, सेना और साजो सामान जो एलएसी के पास लेकर आया था उसे वापस ले गया तो मानूंगा यह बहुत सही कदम रहा। हमने बिल्कुल सही कदम उठाये हैं। हमने युद्ध के लिए कोई उतावलापन नहीं दिखाया। साथ ही साथ हमें जो एतियाती कदम उठाने की जरूरत थी। काउंटर मोबलाइजेशन करने की जरूरत थी सोल्जर फॉर सोल्जर। गन फॉर गन। टैंक फॉर टैंक हमने चीन का मैच किया है। चीन इससे हैरान रह गया है। चीन को ये बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। चीन को आदत हो गई है छोटे छोटे आसपास साउथ चाइना समु्द्री देशों से डील करने की। जैसे फिलीपींस को दबाया। ऐसा वो भारत के साथ नहीं कर सकता। भारत बहुत बड़ा देश है और चीन को संभलकर चलना होगा।

सवाल-पिछले दिनों लाइव डिबेट के दौरान आपने अपशब्दों का प्रयोग किया। आपका क्या मानना है? क्या आपको अफसोस है? 

उत्तर- बहुत से लोग देश के खिलाफ, सेना के ख़िलाफ़ बोलते रहते हैं। कुछ लोग एक साथ देश के और सेना के खिलाफ बोल रहे थे। एकदम से अचानक आपे से बाहर हो गया, मैं बहुत उत्तेजित हो गया था और वो शब्द निकल गये। मैं आपे से बाहर हो गया था। मगर वो ठीक नहीं थे। स्पष्ट रूप से वह ठीक नही था।






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