दैनिक यूपी ब्यूरो
16/06/2020  :  20:44 HH:MM
धोखेबाज चीन को सबक सिखाओ हिंदुस्तान
Total View  135

चीन की ओर से गलवान घाटी में की गई हरकत भारत - चीन संबंधों का टर्निंग पॉइंट है। हमारे एक कमांडिंग अफसर और दो जवानों की शहादत से हमारे संबंधों में ऐसा मोड़ आया है जहां हमें अपने स्वाभिमान के लिए कुछ भी करना होगा

अंजना शर्मा 
चीन की ओर से गलवान घाटी में की गई हरकत भारत - चीन संबंधों का टर्निंग पॉइंट है।  हमारे एक कमांडिंग अफसर और दो जवानों की शहादत से हमारे संबंधों में ऐसा मोड़ आया है जहां हमें अपने स्वाभिमान के लिए कुछ भी करना होगा। 
चीन अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर घेराबंदी और भारत की बढ़ती भूमिका से बौखलाया हुआ है। लद्दाख इलाके में उसकी मुहिम भारत पर रणनीतिक बढ़त बनाने के इरादे से प्रेरित है। गलवान घाटी वही इलाका है जहाँ चीन ने भारत को 1962 में भी धोखा दिया था। लेकिन कई दशकों से इस इलाके में कोई हिंसा और टकराव नही हुआ। दशकों बाद चीन उस इलाके में आ गया है जहां से वह भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रख सके। उसने पेंगोंग त्सो के फिंगर 4 तक अपनी उपस्थिति भी भारत को चुनौती देने के लिहाज से ही बनाई है। भारतीय सेना फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करती रही है। लेकिन चीन फिंगर 4 से हटने को तैयार नही।
चीन की दोहरी चाल और बदनीयती लगातार जाहिर हो रही है। वह दोहरी चाल चलकर भारत को धोखा देने की कोशिश कर रहा है। उसने वार्ता की भारत की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया। लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत में उसने एक रैंक जूनियर अफसर को भेजा। समझौते का पालन नही किया। यानी वार्ता का दिखावा और सैन्य स्तर पर दबाव चीन की खतरनाक रणनीति का इशारा कर रहा है। 
जवानों की शहादत के बाद कूटनीति के जरिये शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश होगी या सैन्य तनाव बढ़ेगा परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। निश्चित ही भारत आक्रामकता के बजाय शांति को तरजीह देगा लेकिन अपने स्वाभिमान की कीमत पर नही।
लेकिन भारत को एक बात जरूर करना चाहिए। चीन को लेकर भारत की नीति में पूरे बदलाव की जरूरत है। व्यापार के स्तर पर चीन के साथ संबंध अगर खत्म नही हो सकते तो बहुत ही सीमित हो जाने चाहिए। आयात की आदत और मजबूरी दोनो को एक साथ तिलांजलि देना होगा। चीन को अगर आर्थिक रूप से तोड़ने में हम सफल हो गए तो चीन की कमर टूट जाएगी। ये संकल्प तो आज से हमे लेना ही होगा। ये ऐसा वक्त है जब सरकार फैसला करे न करे चीन से आमजनों का मोहभंग होना तय है। चीनी सामान का बहिष्कार बड़े पैमाने पर हो। 
अमेरिका सहित दुनिया के प्रमुख देश आज चीन से परेशान हैं। कोरोना संक्रमण का जनक बना ड्रैगन सबका भरोसा खो चुका है। ऐसे वक्त में हमे एक भी इंच झुकने के बजाय शातिर पड़ोसी की हेकड़ी खत्म करने के लिए हर कदम उठाना होगा। आइये संकल्प लें चीन को सबक सिखाकर  दम लेंगे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   4461664
 
     
Related Links :-
भारत न कभी झुका है न झुकेगा, प्रधानमंत्री की लद्दाख यात्रा के मायने
धोखेबाज चीन को सबक सिखाओ हिंदुस्तान
जाहिलों की जमात, आपराधिक लापरवाही
समझ आया बजट?
हैदराबाद की सीख......
उन्मादी पाकिस्तान चीन से मिलकर कर रहा साजिश
चांद भी अपना होगा चांदनी भी हमारी .....
हरियाणा में लड़ाई एकतरफा है?
ट्रांसपोर्ट माफिया के दबाव में बढ़ाया कैह्रश्वटन सरकार ने बस किराया : कौर
बेबसाइटों पर प्रलोभनों से बचें और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहें : आलोक रॉय
 
CopyRight 2016 DanikUp.com