दैनिक यूपी ब्यूरो
25/04/2020  :  19:44 HH:MM
कोविड - 19 के चलते लाखों लोग भूख का हो सकते हैं शिकार
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कोविड - 19 महामारी से जूझ रही दुनिया के सामने भूख भयावह समस्या के रूप में सामने आ सकती है। वैश्विक एजेंसियो ने आशंका जताई है कि इस साल के अंत तक दुनिया मे करीब 265 मिलियन लोग भूख की समस्या का शिकार हो सकते हैं।


 दैनिक यूपी। 

कोविड - 19 महामारी से जूझ रही दुनिया के सामने  भूख भयावह समस्या के रूप में सामने आ सकती है। वैश्विक एजेंसियो ने आशंका जताई है कि इस साल के अंत तक दुनिया मे करीब 265 मिलियन लोग भूख की समस्या का शिकार हो सकते हैं।  खाद्य प्रबंधन और भुखमरी दूर करने के लिए कई वैश्विक संस्थाएं गरीब व विकासशील देशों में मदद की योजना पर मंथन कर रही हैं।

 *संसाधन जुटाने पर जोर* 
 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे ने ट्वीट कर तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत बताते हुए संसाधन एकत्र करने में जुटने को कहा है। भारत मे इम्पैक्ट फ़ॉर न्यूट्रिशन जैसी संस्थाओं ने इस समस्या के मद्देनजर अभी से बेहतर योजना की जरूरत बताई है। सरकार,  स्वयं सेवी संस्थाओं , नियोक्ता और निजी सेक्टर को साथ लेकर गरीब व वंचित तबके तक हर हाल में खाना पहुंचाने की योजना पर काम करने का मशविरा दिया गया है। 
 **खाद्य सामग्री की कमी का संकट* 
एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य कार्यक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा है कि पहले से करीब 135 मिलियन लोग खाद्य सामग्री की कमी से जूझ रहे हैं। महामारी के चलते 130 मिलियन लोग इसमे और जुड़ सकते हैं। 
 *भारत भी अछूता नही* 
जिन देशों पर इसका असर होने की बात कही जा रही है उनमें भारत और अफ्रीका जैसे देश भी शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि गरीब व विकासशील देशों पर ज्यादा असर होगा। लेकिन इस बार महामारी की मार ऐसी है कि कई बड़े देश भी इसके सामाजिक साइड इफेक्ट से प्रभावित होंगे।
 **फिलहाल भारत कर रहा बेहतर इंतजाम* 
जानकारों का कहना है कि भारत जैसे देश ने फिलहाल विभिन्न सामाजिक योजनाओं व संस्थाओं के जरिये अब तक बेहतर प्रबंधन किया है। लेकिन जिस तरह की चुनौती है उसके मद्देनजर दीर्घकालिक स्थायी योजना की जरूरत है।
 *सभी पक्ष मिलकर बनाएं प्लान*  - विनीता बाली, चैयरमैन न्यूट्रिशन कमेटी सीआईआई

सीआईआई की नेशनल न्यूट्रिशन कमेटी की चैयरमैन विनीता बाली का कहना है कि लोगों की सुरक्षा का भोजन और बुनियादी पोषण से उतना ही लेना-देना है जितना कोविड के संदर्भ में शारीरिक संपर्क को कम करने के लिए किए जा रहे उपाय। उन्होंने कहा सभी भागीदार पक्षो को मिलकर इस दिशा में काम करने की जरूरत है। क्योंकि गरीब व वंचित तबके तक भोजन पहुंचाना बड़ी चुनौती है। लाखो बच्चे स्कूल बंद होने की वजह से पोषाहार और खाने से वंचित हैं। आदिवासी व पिछडो इलाको पर खास फोकस की जरूरत है। हम पके हुए भोजन की पहुंच पर मिलकर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उन संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा जो हमारे पास मौजूद हैं।  उन्होंने कहा, सबसे कमजोर लोगों तक भोजन नहीं पहुंचा पाना शर्म की बात होगी। भूख की समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर होगा। हमारे पास संसाधन हैं, हमें इसे सुधारना होगा। क्योंकि समस्या आने वाले दिनों में गंभीर होगी।






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