दैनिक यूपी ब्यूरो
19/04/2020  :  09:24 HH:MM
*ई - टेक के जरिये सार्क देश साझा कर रहे कोविड नियंत्रण के तरीक़े*
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नई दिल्ली। सटीक इलाज के अभाव में बेहतर प्रबंधन ही कोविड - 19 से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है। ई प्लेटफार्म पर सार्क देशों के स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ प्रबंधन और रणनीति से जुड़े इन्ही मुद्दों पर साझा छमता निर्माण की मुहिम भारत ने शुरू की है। *जानकारी कर रहे साझा* अधिकारियों ने बताया कि सार्क व अन्य पड़ोसी देशों के साथ कोविड - 19 के इलाज, बचाव और प्रबंधन की जानकारी साझा की जा रही है। ठीक हुए लोगों पर अपनाए गए अनुभव साझा हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय को बड़ी संख्या में पड़ोसी देशों से स्वास्थ्य पेशेवरों के आवेदन इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मिले हैं। फिलहाल निष्कर्ष यही है सटीक इलाज अभी भी उपलब्ध नही है, फिलहाल जो उपाय अपनाए जा रहे हैं वे मरीजों के अलग अलग लक्षणों पर आधारित हैं। दवाइयां या टीका के अभाव में संपर्क से दूर रहना,लक्षणों पर तत्काल प्रतिक्रिया व देखभाल आदि प्रबंधन को ही बेहतर तरीका बताया जा रहा है।



नई दिल्ली। 

सटीक इलाज के अभाव में बेहतर  प्रबंधन ही कोविड - 19 से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है। ई प्लेटफार्म पर सार्क देशों के स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ प्रबंधन और रणनीति से जुड़े इन्ही मुद्दों पर साझा छमता निर्माण की मुहिम भारत ने शुरू की है।
 *जानकारी कर रहे साझा* 
अधिकारियों ने बताया कि सार्क व अन्य पड़ोसी देशों के साथ कोविड - 19 के इलाज, बचाव और प्रबंधन की जानकारी साझा की जा रही है। ठीक हुए लोगों पर अपनाए गए अनुभव साझा हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय को बड़ी संख्या में पड़ोसी देशों से स्वास्थ्य पेशेवरों के आवेदन इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मिले हैं। फिलहाल निष्कर्ष यही है सटीक इलाज अभी भी उपलब्ध नही है, फिलहाल जो उपाय अपनाए जा रहे हैं वे मरीजों के अलग अलग लक्षणों पर आधारित हैं। दवाइयां या टीका के अभाव में संपर्क से दूर रहना,लक्षणों पर तत्काल प्रतिक्रिया व देखभाल आदि प्रबंधन को ही बेहतर तरीका बताया जा रहा है।

 *बढ़ते मामलों के मद्देनजर पहल* 
 विदेश मंत्रालय का मानना है कि ये पहल बहुत ही सामयिक है क्योंकि जिस तरह से सार्क देशों में मामले बढ़ रहे हैं उसके मद्देनजर साझा छमता निर्माण की तत्काल जरूरत है। 
 *वेब आधारित मुहिम* 
अधिकरियों ने बताया कि स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए  विदेश मंत्रालय ने अपने आईटीईसी (भारतीय तकनीकी और आर्थिक कार्यक्रम) पोर्टल के माध्यम से वेब आधारित मुहिम शुरू की है। रायपुर एम्स के नेतृत्व में इसकी शुरुआत हुई है। सत्रह तारीख को पहला सत्र आयोजित हुआ। इसमे कोविड - 19 संक्रमण के प्रबंधन रणनीतियों और संबंधित पहलुओं पर सार्क और अन्य पड़ोसी देशों में स्वास्थ्य सेवा पेशेवर  वेब ​​आधारित  लाइव वेबिनार से जुड़े।
अधिकारियों ने कहा, सार्क देशों के लिए मुफ्त और इंटरैक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रमों की एक श्रृंखला उपलब्ध कराई जा रही है। 
 *सवाल जवाब से समाधान की तलाश* 
 बुनियादी कोविड -19 प्रबंधन पर प्रशिक्षण के लिए ई-आईटीईसी वेबिनार 45 मिनट से 1 घंटे का इंटरेक्टिव सत्र है।  इसमें सवाल जवाब के जरिये हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन,प्लाज्मा तकनीक, टीका आदि से जुड़े कई मुद्दों पर जिज्ञासाओं का समाधान किया जा रहा है। चर्चा में  कोविड, संक्रमण रोकथाम के उपाय, निदान और कोविड रोगियों और संपर्कों के नैदानिक ​​प्रबंधन, फील्ड निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। मौजूदा संकट से निपटने के उपाय और अन्य उभरते मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
 *जरूरत के मुताबिक कई सत्र* 
एम्स रायपुर  द्वारा कोविड -19 महामारी, रोकथाम और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर के लिए प्रबंधन दिशानिर्देश विषय पर चार सत्र के बाद अब ​​प्रबंधन के अन्य संबंधित पहलुओं पर पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स भुवनेश्वर के नेतृत्व में सत्र आयोजित होंगे। पूरी श्रंखला जरूरत को देखकर आगे बढ़ाई जाएगी।
 *बनेगा संस्थागत मॉडल* 
 विदेश मंत्रालय का मानना है कि
ये सत्र दो तरह की प्रक्रिया होगी जहां देशों को कोविड चुनौती से निपटने पर नए तरीके सीखने को मिलेंगे। वहीं एक दूसरे की मदद से समस्या को हल करने के प्रयास पर जोर होगा।
 भारत ने कहा है कि भविष्य में क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों से निपटने के लिए इस तरह के मॉडल को संस्थागत बनाया जा सकता है।
 *पड़ोसी देशों को प्राथमिकता* 
गौरतलब है कि भारत वैश्विक महामारी  का मुकाबला करने के लिए सार्क देशों के बीच सहयोग और सहयोग का नेतृत्व कर रहा है। पड़ोसी देशों को उपकरण और दवा उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी गई है। सार्क देशों के सहयोग के लिए 10 मिलियन अमरीकी डालर का फंड देने के अलावा डॉक्टरों, विशेषज्ञों और परीक्षण उपकरणों की रैपिड रिस्पांस टीमों, चिकित्सा आपूर्ति के जरिये विभिन्न देशों की मदद की जा रही है।






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