दैनिक यूपी ब्यूरो
08/11/2019  :  13:59 HH:MM
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने के लिए बताए मूलमंत्र
Total View  480

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने के लिए बताए मूलमंत्र* • *सकल घरेलू उत्पाद को एक ट्रिलियन डॉलर किए जाने हेतु विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आमंत्रित सुझाव को लेकर लोकभवन में हुआ प्रस्तुतीकरण* • *हर क्षेत्र के लिए बनानी होगी अल्प और दीर्घकालीन रणनीति: मुख्यमंत्री* • *निर्णय एवं अमल में तेजी के साथ टीम वर्क से करना होगा काम : योगी आदित्यनाथ* • *विशेषज्ञों ने कहा: लक्ष्य हासिल करने में क्रियान्वयन की भूमिका 70 फीसद* *8 नवंबर, लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसमें सर्वाधिक आबादी वाले उप्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसा तभी संभव है जब तय समय में उप्र की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर की हो। इसके लिए क्षेत्रवार दीर्घ और अल्पकालीन रणनीति बनानी होगी। सुशासन, तेजी से निर्णय एवं उनका क्रियान्वयन, शीर्षस्थ शैक्षणिक संस्थाओं से सहयोग और टीमवर्क को मूल मंत्र बनाना होगा। शुक्रवार को यहां लोकभवन में प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद को एक ट्रिलियन डॉलर किए जाने हेतु विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों, विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, आईआईएम कंसलटेंट फॉर्म्स, पीडब्ल्यूसी के पीएसजी आदि से आमंत्रित सुझाव के प्रस्तुतीकरण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने आधारभूत संरचना के विकास, कौशल विकास के जरिये रोजगार जैसे कई कदम उठाए हैं। इन कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दो कैबिनेट और एक उच्च स्तरीय समितियां गठित की गयी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र में देश की आबादी के करीब 17 फीसद लोग रहते हैं, पर देश की जीडीपी में इसका हिस्सा सिर्फ आठ फीसद से कुछ अधिक है। इसी गैप के नाते यहां संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने के लिए बताए मूलमंत्र*

*सकल घरेलू उत्पाद को एक ट्रिलियन डॉलर किए जाने हेतु विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आमंत्रित सुझाव को लेकर लोकभवन में हुआ प्रस्तुतीकरण*

*हर क्षेत्र के लिए बनानी होगी अल्प और दीर्घकालीन रणनीति: मुख्यमंत्री*                            

*निर्णय एवं अमल में तेजी के साथ टीम वर्क से करना होगा काम : योगी आदित्यनाथ*

*विशेषज्ञों ने कहा: लक्ष्य हासिल करने में क्रियान्वयन की भूमिका 70 फीसद*

*8 नवंबर, लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसमें सर्वाधिक आबादी वाले उप्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसा तभी संभव है जब तय समय में उप्र की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर की हो। इसके लिए क्षेत्रवार दीर्घ और अल्पकालीन रणनीति बनानी होगी। सुशासन, तेजी से निर्णय एवं उनका क्रियान्वयन, शीर्षस्थ शैक्षणिक संस्थाओं से सहयोग और टीमवर्क को मूल मंत्र बनाना होगा।

शुक्रवार को यहां लोकभवन में प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद को एक ट्रिलियन डॉलर किए जाने हेतु विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों, विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, आईआईएम कंसलटेंट फॉर्म्स, पीडब्ल्यूसी  के पीएसजी आदि से आमंत्रित सुझाव के प्रस्तुतीकरण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने आधारभूत संरचना के विकास, कौशल विकास के जरिये रोजगार जैसे कई कदम उठाए हैं। इन कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दो कैबिनेट और एक उच्च स्तरीय समितियां गठित की गयी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र में देश की आबादी के करीब 17 फीसद लोग रहते हैं, पर देश की जीडीपी में इसका हिस्सा सिर्फ आठ फीसद से कुछ अधिक है। इसी गैप के नाते यहां संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इन संभावनाओं के बेहतर फायदे के लिए निवेशक आगे आएं। इसके लिए हमने हर क्षेत्र में नयी और बेहतर पॉलिसी बनायी है। कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आधारभूत संरचना बेहतर करने के लिए प्रयास जारी हैं। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में हमारी रैंकिंग सुधरी है। ढाई साल में प्रदेश के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। सफलतम इन्वेस्टर्स समिति और दो ग्राउंड ब्रेक्रिंग सरमनी इसका सबूत है। लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरत के अनुसार हम समय-समय पर और भी सुधार करेंगे। 

भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ, बेंगलुरु और अर्नेस्ट यंग ने अपने प्रस्तुतिकरण में यह बताया कि कैसे और किन उपायों से हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। इनके मुताबिक इसे हासिल करने में 70 फीसद भूमिका क्रियान्वयन की होगी। उन राज्यों (गुजरात, महाराष्ट्र) और देशों (चीन, बांगलादेश, मलेशिया और सिंगापुर) से सीख लेनी होगी, जिन्होंने हाल के वर्षों में तेजी से प्रगति की है। मैन्यूफैक्चरिंग, सेवा और कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देना होगा। 

*अन्य सुझाव इस प्रकार हैं*
संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान। 
बड़े शहरों के पास औद्योगिक क्लस्टरों का विकास। 
इन क्लस्टरों के अनुसार कौशल विकास। 
इनमें स्थानीय स्तर के शिक्षण संस्थाओं विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कालेज, प्रबंधन संस्थान और विश्वविद्यालयों का सहयोग एवं सुझाव। 
हर क्लस्टर के लिए एक मेयर या मुख्य कार्यपालक अधिकारी जैसे पद का सृजन।
मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार निगरानी।
हर लक्ष्य के लिए डेडलाइन का निर्धारण। 
अगर लक्ष्य नहीं हासिल हुआ तो कमियों को तलाश कर उनको दूर करना। 
इज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना।
सुशासन, बेहतर आधारभूत संरचना और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करना और प्रभावी क्रियान्वयन आदि।

कार्यक्रम में सरकार के मंत्री सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, महेंद्र सिंह, गोपाल टंडन, श्रीकांत शर्मा संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद थे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3380670
 
     
Related Links :-
प्रदेश में अबतक 2680 एक्टिव केस, 3698 मरीज हुए स्वस्थ्य: प्रमुख सचिव स्वास्थ्य
कॉलेज-यूनिवर्सिटी के सिलेबस में यूपी सरकार करेगी बदलाव
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: अब मॉल में भी खुलेंगी शराब की दुकानें
अम्फान तूफान का UP के किसी भी जिले पर नहीं होगा ज्यादा असर: मौसम विभाग
कांग्रेस विधायक ने की योगी सरकार की तारीफ
कांग्रेस विधायक ने की योगी सरकार की तारीफ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा पर जताया आभार*
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबका सहयोग जरूरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा, मेरठ और कानपुर में कोविड केयर की कमान वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी*
बाहरी राज्यों में फंसे यूपी के हर नागरिक को सुरक्षित घर लाना ही हमारी पहली प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
 
CopyRight 2016 DanikUp.com