दैनिक यूपी ब्यूरो
23/10/2019  :  21:03 HH:MM
उत्तर प्रदेश की स्थिति अपराध नियंत्रण में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में काफी अच्छी है : महेंद्र सिंह
Total View  108

उत्तर प्रदेश की स्थिति अपराध नियंत्रण में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में काफी अच्छी है : महेंद्र सिंह* • *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पिछले ढाई साल में प्रदेश में शांतिपूर्वक कार्य हुए* • *लोकसभा चुनाव, प्रयागराज में कुंभ और पर्व व त्योहार सदभाव और उल्लास के साथ बिना किसी दंगा फसाद के संपन्न हुए हैं* • *एनसीआरबी के आंकड़ों में कुल अपराधिक मामलों में उत्तर प्रदेश का 24वां स्थान है, ये अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी कम है* • *आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 की तुलना में 2017 में अपराधों में कमी आई है* • *बुलंदशहर के मंदिर मुद्दे पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश को सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है : अपर मुख्य सचिव गृह* *23 अक्टूबर, लखनऊ।* उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पिछले ढाई साल में शांतिपूर्वक कार्य हुआ है।

*उत्तर प्रदेश की स्थिति अपराध नियंत्रण में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में काफी अच्छी है : महेंद्र सिंह*

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पिछले ढाई साल में प्रदेश में शांतिपूर्वक कार्य हुए*

*लोकसभा चुनाव, प्रयागराज में कुंभ और पर्व व त्योहार सदभाव और उल्लास के साथ बिना किसी दंगा फसाद के संपन्न हुए हैं* 

*एनसीआरबी के आंकड़ों में कुल अपराधिक मामलों में उत्तर प्रदेश का 24वां स्थान है, ये अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी कम है*

*आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 की तुलना में 2017 में अपराधों में कमी आई है*

*बुलंदशहर के मंदिर मुद्दे पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश को सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है :  अपर मुख्य सचिव गृह*

*23 अक्टूबर, लखनऊ।* उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पिछले ढाई साल में शांतिपूर्वक कार्य हुआ है। वह चाहे चुनाव का समय रहा है, चाहे प्रयागराज में आस्था का कुंभ हो या फिर पर्व और त्योहार, बड़े ही सदभाव और उल्लास के साथ बिना किसी दंगा फसाद के संपन्न हुए हैं। 

लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेंद्र सिंह ने कहा है कि एनसीआरबी के 2017 के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश की स्थिति अपराध नियंत्रण में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में काफी अच्छी है। अपराध दर प्रदेश की प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर निकाली जाती है। जिस प्रदेश में जनसंख्या अधिक होगी, वहां अपराध की संख्या भी अधिक होगी। जाहिर है, क्राइम रेट ही अपराधों की सही स्थिति समझने के लिए वास्तविक संकेतक है।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों पर गौर करें तो लूट के मामलों में उत्तर प्रदेश 16वें स्थान पर (क्राइम रेट- 1.8), हत्या के मामलों में 22वें स्थान पर (क्राइम रेट- 1.9), नकबजनी के मामलों में 31वें स्थान पर (क्राइम रेट-4.2), बलात्कार के मामलों में 22वें स्थान पर (क्राइम रेट-4.0) हैं। ऐसे में कुल अपराधिक मामलों में उत्तर प्रदेश का 24वां स्थान है। ये रैंकिंग बाकी प्रदेशों की तुलना में काफी कम है।

उन्होंने कहा कि एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित क्राइम इन इंडिया - 2017 के अनुसार देश में कुल 30,62,579 आई0पी0सी0 के अपराध पंजीकृत हुए, जिनमें से 3,10,084 आई0पी0सी0 के अपराध उत्तर प्रदेश में घटित हुए जो कि देश में ऐसे पंजीकृत अपराधों का 10.1 प्रतिशत है। जबकि जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश की आबादी देश की आबादी का 17.65 प्रतिशत है। उक्त रिपोर्ट के आधार पर कुल अपराधों की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में विभिन्न शीर्षक के अन्तर्गत अपराधों का अधिक होना या बढ़ा हुआ बताया जा रहा है, जो गलत है।

महेंद्र सिंह ने कहा कि अपराध की स्थिति को समझने के लिए क्राइम रेट एक बेहतर एवं विश्वसनीय संकेतक है। एनसीआरबी के मुताबिक सम्बन्धित वर्ग की प्रति एक लाख जनसंख्या के सापेक्ष अपराधों की संख्या को अपराध दर (क्राइम रेट) के रूप में परिभाषित किया गया है। यह एक स्थापित वास्तविक संकेतक है, जो राज्य के आकार और जनसंख्या में वृद्धि के प्रभाव को संतुलित करता है। अतः क्राइम रेट ही अपराधों की सही स्थिति समझने के लिए एक प्रामाणिक संकेतक है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो नई दिल्ली के अध्याविधिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में विभिन्न अपराध शीर्षकों में देश के राज्यों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति, डकैती में 26वां, लूट में 16वां, हत्या में 22वां, नकबजनी में 31वां, बलात्कार में 22वां तथा महिला सम्बन्धी अपराध में 16वां स्थान, कुल 24वां स्थान है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए महेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो नई दिल्ली के अध्याविधिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही में देश के अन्य राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति भादवि के अपराधों में गिरफ्तारी में तीसरा, गिरफ्तार अभियुक्तों में से दोषसिद्ध में तीसरा, महिला सम्बन्धी अपराधों में दोषसिद्ध में पहला, साइबर अपराधों में दोषसिद्ध में पहला, शस्त्रों का जब्तीकरण में पहला, जाली मुद्रा के जब्तीकरण में अपराध पंजीयन में पहला तथा सम्पत्ति की बरामदगी में 5वां स्थान है।

उन्होंने बताया कि अपराधों के सम्पूर्ण आंकड़ों के साथ में यह भी देखना आवश्यक है कि हिंसात्मक अपराधों की स्थिति क्या है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में राज्य में 65,090 हिंसात्मक अपराधों की तुलना में वर्ष 2017 में 64,450 दर्ज हुए हैं, जो कमी दर्शाता है। जबकि वर्ष 2015 के सापेक्ष वर्ष 2016 में हिंसात्मक अपराधों में 27 प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि हुई थी। अपराधों के अलग-अलग मदों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2017 में वर्ष 2016 के सापेक्ष हत्या में 11.5%, डकैती में 7.4%, लूट में 9%, उगाही में 54%, फिरौती हेतु अपरहण में 29.2% की उल्लेखनीय कमी हुई है। 

महेंद्र सिंह ने कहा है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जनहित में शत-प्रतिशत मामले दर्ज किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मामलों को दर्ज किया जा रहा है, उसके बाद भी गम्भीर अपराधों में उपरोक्तानुसार गिरावट आयी है तथा पुलिस की कार्रवाई में भी तेजी आयी है। पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध की गयी कार्रवाई एवं अपराधियों को सजा दिलाये जाने में देश के अन्य राज्यों तथा केन्द्रशासित प्रदेशों से उत्तर प्रदेश काफी बेहतर है। सरकार के निरन्तर प्रयासों द्वारा जनसामान्य में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

महेंद्र सिंह ने कहा कि 2016 की तुलना में 2017 में अपराध काफी कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2016 में 4889 हत्याएं हुई थीं, जबकि 2017 में 4324 हत्याए हुईं। इसी तरह 2016 में जहां 284 डकैती के मामले सामने आए, वहीं 2017 में 263 डकैती हुई। वहीं 2016 में 4502 लूट के मामले दर्ज हुए, जो 2017 में घटकर 4089 रह गए। इसी तरह 2016 में धमकी और ब्लैकमेलिंग के 1893 मामले दर्ज हुए, जबकि 2017 में इस तरह के मामले घटकर 855 रह गए। 2016 में अपहरण और फिरौती की 65 घटनाएं हुईं, जबकि 2017 में ये घटकर 46 रह गई हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बुलंदशहर के मंदिर के मुद्दे पर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश को सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। जबकि माननीय उच्चतम न्यायलय ने मंदिर के प्रशासनिक कमेटी को लेकर सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह से भड़काऊ बयानबाजी पर सरकार सख्त कार्यवाही करेगी। प्रेस कांफ्रेंस में सूचना निदेशक शिशिर, एडीजी कानून व्यवस्था पी.वी. रमाशास्त्री भी मौजूद थे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5881917
 
     
Related Links :-
पिछली सरकारें चीनी मिलों को बेचती एवं बंद कराती थीं, हम नई मिलें लगाते और रोजगार देते हैं: योगी आदित्यनाथ*
अगले वर्ष गोरखपुर में खाद कारखाने की होगी शुरुआत
प्रदीप हत्याकांड मे पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए गुरु जी ने बनाया दबाव
सौहार्द की बुनियाद है अयोध्या का फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने के लिए बताए मूलमंत्र
भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात दलों के नेताओं का योगी सरकार पर टिप्पणी करना शर्मनाक है: ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा*
पिछली सरकारों के कार्यकाल में बेईमानी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थीं परीक्षाएं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
एयरपोर्ट बनने से लग जाएंगे जेवर के विकास में चार चांद : योगी आदित्यनाथ*
पटेल के आदर्शों और मूल्यों को जीवन में उतारें :योगी*
आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल, 3 साल के बच्चों को पहली कक्षा में मिलेगा प्रवेश : मुख्यमंत्री योगी
 
CopyRight 2016 DanikUp.com