दैनिक यूपी ब्यूरो
28/09/2019  :  23:11 HH:MM
उन्मादी पाकिस्तान चीन से मिलकर कर रहा साजिश
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उन्मादी पाकिस्तान से सतर्क रहने की जरूरत अंजना पाराशर यूएन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भाषण जिस किसी ने भी सुना होगा उसे इस बात का एहसास जरूर हो गया होगा कि पाकिस्तान की माली हालत इतनी खराब क्यों है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सर्वोच्च वैश्विक मंच से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया उसकी पड़ताल कोई रॉकेट साइंस नही है फिर भी उसकी चर्चा जरूरी है

उन्मादी पाकिस्तान से सतर्क रहने की जरूरत
अंजना पाराशर
यूएन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भाषण जिस किसी ने भी सुना होगा उसे इस बात का एहसास जरूर हो गया होगा कि पाकिस्तान की माली हालत इतनी खराब क्यों है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सर्वोच्च वैश्विक मंच से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया उसकी पड़ताल कोई रॉकेट साइंस नही है फिर भी उसकी चर्चा जरूरी है। दरअसल पाकिस्तान में ऐसा कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री नही बना रह सकता जो सेना और कट्टरपंथियों की कठपुतली न हो। इसलिए आप तय मानिए कि यूएन में इमरान के भाषण की स्क्रिप्ट कट्टरपंथियों ने लिखी और पाकिस्तान सेना ने उसे अप्रूव किया। इमरान तो बस उसे पढ़ रहे थे। लेकिन इस चर्चा की भी पूरी तरह अनदेखी नही करना चाहिए कि इमरान की भाषा और तेवर के पीछे एक तीसरी ताकत भी है और वो है चीन। इमरान का भाषण गौर से सुनिए तो उन्होंने केवल भारत पर आरोप नही लगाए बल्कि अमेरिका को भी एहसास कराने से नही चुके कि उनके यहां आतंकियों की खेप तैयार करने में उनका भी योगदान रहा है। दरअसल सबको एक्सपोज करने की मंशा में इमरान खुद को और अपने देश को एक्सपोज कर गए।
पाकिस्तान जिस राह पर है वह उसके लिए आत्मघाती है। पहले से बदहाली झेल रहा पाकिस्तान अगर भारत मे आतंक फैलाने की कोशिश करता है तो उसे उरी और पुलवामा के बाद का जवाब नही भूलना चाहिए।
हमें पड़ोसी के खतरनाक इरादों को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तय करना चाहिए। अपनी सभी सीमाओं को सुरक्षित रखने में कोई कसर नही छोड़ना चाहिए। वहीं आंतरिक व्यवस्था को इस तरह से चुस्त दुरुस्त रखने की जरूरत है कि कोई भी आतंकी संगठन हमारी जमीन पर अपनी नापाक हरकत को अंजाम न दे पाए। पाकिस्तान खुलेआम आतंकपरस्त ताकतों को संरक्षण दे रहा है। हाफिज सईद को खाते का इस्तेमाल करने की छूट देना पाकिस्तान की उसी रणनीति का हिस्सा है जिसका इस्तेमाल उसने अतीत में किया है। यानी दिखावे की कार्रवाई और अंदर से मिलीभगत। मसूद, दाऊद, लखवी सैकड़ो उदाहरण है नापाक कारस्तानी के। हमें सतर्क और सजग रहना है। क्योंकि कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद से बौखलाया पाकिस्तान हमारी जमीन पर आतंक फैलाने की व्यापक योजना पर काम कर रहा है। तरनतारन में पकड़े गए ड्रोन से स्पष्ट है को वह कई मोर्चे एक साथ खोलना चाहता है। सबसे अहम ये भी कि उसकी इस हरकत में चीन भी उसके साथ है। चीन में पकड़े गए चीनी स्टेल्थ ड्रोन इसका जीता जागता उदाहरण है। पाकिस्तान उन्माद की राह पर है। इमरान खान कश्मीर के बहाने खुद को दुनिया भर के मुसलमानों का मसीहा भी साबित करना चाहते हैं। वो भी उस चीन के साथ मिलकर जिसने अपने यहाँ हजारों मुसलमानों को कैद करके यातना शिविरों में डाल रखा है।






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