दैनिक यूपी ब्यूरो
05/09/2019  :  10:05 HH:MM
अमेरिकन महिला को भारत में मिला चिकित्सा का उपहार
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नई दिल्ली ज्वाइंट रिह्रश्वलेसमेंट सर्जरी में भारतीय विशेषज्ञता और उत्कृष्टता ने एक अमेरिकी महिला को चिकित्सा और गुणवत्तापूर्ण जीवन का उपहार दिया, जो 10 साल की उम्र से घुटने की गंभीर समस्या से पीडि़त थी। अमेरिका में कई सर्जरी उनके दर्द और समस्या को ठीक नहीं कर सकीं। विक्टोरिया रूथ, (56 वर्ष) दर्दनाक घुटने के साथ भारत आईं और बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी से उन्हें राहत मिली।

विक्टोरिया जब 10 साल की थी, तब खेल की चोट के कारण करवाई गई अपनी पहली घुटने की सर्जरी के साथ ही उनका घुटने की समस्याओं का एक इतिहास था। वह अपने जीवन में बाद में चार और सर्जरी से गुजऱीं जो कि इस बात का संकेत था कि एक दिन उन्हें
अपने घुटने बदलवाने पड़ेंगे। जब तक वह संभाल सकती थी, वह संभलकर रहीं, लेकिन धीरे-धीरे उनके जीवन की समग्र गुणवत्ता काफी हद तक गिरने लगी।उन्होंने अंत में घुटने के रिह्रश्वलेसमेंट के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया। डॉ. भूषण नारियानी ने बताया,  सुश्री विक्टोरिया कई सर्जरी के कारण बहुत ही दर्दनाक विकृत घुटने के साथ हमारे पास आईं और ठीक से चल नहीं पा रही थीं। घुटने के गंभीर दर्द और गलत मुद्रा के कारण उन्हें कूल्हे और पीठ में गंभीर दर्द होने लगा था। पूरी जाँच के बाद हमने उनके दाहिने घुटने को पूरी तरह से बदलने की योजना बनाई। कंह्रश्वयूटर की सहायता से की गई नेविगेशन सर्जरी ने उन्हें बेहतर और तेज ठीक होने में मदद की। आम तौर पर, एक सफल कंह्रश्वयूटरसहाय क टोटल नी रिह्रश्वलेसमेंट सर्जरी के बाद, पहले प्रयास में एक मरीज सहायता के साथ एक दिन के भीतर अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।






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