दैनिक यूपी ब्यूरो
04/07/2019  :  09:50 HH:MM
अमरनाथ यात्रा और उसका महत्व
Total View  225

बाबा भोलेनाथ के दर्शनों के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू हो गयी है। इस वर्ष करीब डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोगों ने अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। 26 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के पहले जत्थे में 2000 से भी ज्यादा यात्रियों को बाबा के दर्शनों के लिए भेजा गया है। श्रद्धालुओं को अनंतनाग जिले के 36 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदेरबल जिल के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से अमरनाथ दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। अब तक देश भर से करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने 46 दिन चलने वाली इस यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।

सूत्रों के मुताबिक बालटाल मार्ग से गुरजने वाले पहले जत्थे में करीब 1051 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 793 पुरुष, 203 महिलाएं, 10 बच्चे और करीब 45 साधुस ंत शामिल हैं। तीर्थयात्रियों की सुविधा और यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां सुरक्षा के
कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर पहलगाम मार्ग से होकर अमरनाथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 1183 बताई जा रही है। यात्रियों की सूची में 1046 पुरुष, 130 महिलाएं और करीब 7 बच्चे शामिल हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले जत्थे में साधु संत शामिल  नहीं है। बता दें कि श्रद्धालु 15 अगस्त तक बाबा अमरनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

ठोस बर्फ का बना होता है शिवलिंग : पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा में मां पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। इस गुफा में एक हैरान करने वाली बात यह है कि गुफा में शिवलिंग ठोस बर्फ का बना होता है जबकि नीचे फैला बर्फ कच्चा होता है।
कहते हैं यहां पर भगवान शिव साक्षात विराजते हैं। साथ ही यहां पर देवी का एक शक्तिपीठ भी है। 51 शक्तिपीठों में से महामाया शक्तिपीठ इसी गुफा में स्थित है क्योंकि यहां देवी सती का कंठ गिरा था।

शक्तिपीठ भी होना एक दुर्लभ संयोग : अमरनाथ में भगवान शिव के अद्भुत हिमलिंग दर्शन के साथ ही माता सती का शक्तिपीठ होना एक दुर्लभ संयोग है। ऐसा संयोग कहीं और देखने को नहीं मिलता। इस गुफा में केवल शिवलिंग ही नहीं बल्कि माता पार्वती और गणेश के रूप में दो अन्‍य हिम लिंग भी बनते हैं। माना जाता है कि इस दर्शन के पुण्य से मनुष्य मुक्ति का अधिकारी बन जाता है। अमरनाथ यात्रा का मार्ग : अमरनाथ यात्रा जाने के लिए दो रास्ते हैं। पहला पहलगाम और दूसरा बालटाल होकर जा सकते हैं। पहलगाम या बालटाल
तक बस से पहुंचा जाता है। आगे के रास्तों पर श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ता है। पहलगाम से होकर जाने वाला रास्ता थोड़ा सरल है इसलिए लोग इसी रास्ते से जाना पसंद करते हैं।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2346219
 
     
Related Links :-
अयोध्या का होगा सौंदर्यीकरण, डिजीटल म्युजियम के साथ भगवान श्रीराम की लगेगी भव्य प्रतिमा*
मानव कल्याण के हर संभव प्रयास किये जाएंगे - सीए विष्णु मित्तल
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकली भव्य शोभा यात्रा, सड़क पर उमड़ी हजारों की भीड़*
आर के पुरम में भव्य रामलीला का मंचन
कन्याओं के पैर पखार योगी ने लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को दी दुर्गा अष्टमी की बधाई*
मुख्यमंत्री योगी के निर्भीक निर्णयों को अखबारों में देखता हूं तो बहुत प्रसन्नता होती है- मोरारी बापू*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में गोरखपुर में आयोजित मोरारी बापू जी द्वारा राम कथा का किया शुभारंभ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ नयति आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन*
एक शाम बाबा श्याम के नाम भजन संध्या आज
 
CopyRight 2016 DanikUp.com