Breaking News
आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की बुधवार रात को बेहद नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी हुई। सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर CBI हेडक्वॉर्टर ले गई जहां चिदंबरम को अधिकारिक तौर पर गिरफ्तार किया गया  |   चंद्रयान-२ चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा, ७ सितंबर को सतह पर लैंडिंग  |   रविदास मंदिर गिराने के आदेश को सियासी रंग न दें : सुप्रीम कोर्ट  |   ब्रिटेन के सांसद ने कहा, संवैधानिक तरीके से हटाया गया अनुच्‍छेद 370  |   पड़ोसी देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध : मोदी  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
23/06/2019  :  09:23 HH:MM
विपक्ष का सोया रहना लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं
Total View  139

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी साल अक्टूबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। केंद्र में सरकार बनने के तुरंत बाद ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने चुनावी राज्यों में अपनी निगाहें जमा दीं। हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र, झारखंड आदि राज्यों के लिए भी नेतृत्व ने अपनी कमर कस ली है। इन सभी राज्यों में इसी साल चुनाव होना है।

इसलिए अगर भाजपा नेतृत्व तैयारियां कर रहा है तो कोई अचरज नहीं होना चाहिए। लेकिन पार्टी का विश्वास और रणनीति देखिए, लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद पार्टी ने वहां दीदी का किला उखाड़ फेंकने के लिए अभी से पूरी ताकत झोंक दी है। सही मायने में पार्टी पूरे साल अपनी रणनीतिक तैयारियों को अंजाम देने में जुटी रहती है। शायद यही वजह है कि आज भाजपा देश के कोने-कोने में पहुंच रही है। जहां उनके कार्यकर्ता कभी अपनी सरकार बनाने के बारे में नहीं सोचते थे आज वहां उनका दबदबा
है। जहां सरकारें नहीं बन पाई हैं। वहां वे बड़ी ताकत बन चुके हैं। राजनीतिक बहस में इस बात पर भी चर्चा होना लाजिमी है कि इतनी बड़ी सफलता की वजह क्या है? बहुत से लोग सीधा सपाट जवाब दे सकते हैं कि यह मोदी की लोकप्रियता और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जबरदस्त मेहनत के अलावा मोदी-शाह की साझा, सटीक रणनीति का परिणाम है। उनका कोई भी दांव जल्दी व्यर्थ नहीं जाता। आपको एक नहीं दर्जनों उदाहरण उनकी रणनीतिक सफलता के मिल जाएंगे। हमें मानना होगा मोदी- शाह की जोड़ी ने सही मायने में राजनीति के पुराने नैरेटिव बदल दिए हैं। उन्होंने अपनी पार्टी को देश के ज्यादातार राज्यों के गांव-गांव तक नई सोच और नई रणनीति के सहारे पहुंचा दिया है। हर बूथ दस यूथ से बढक़र उनका कारवां बृहद आकार ले चुका है। पन्ना प्रमुख जैसी उनकी पार्टी की संस्थाएं मजबूत बुनियाद का काम कर रही हैं। समयानुकूल मुद्दों का चुनाव, लोगों तक अपनी बात प्रभावी तरीके से पहुंचाने की कला, विश्वसनीयता ऐसे ही और भी तमाम कारण भाजपा के बढ़ते जनाधार की वजहों में शामिल हो सकते हैं। यहां विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं को मैं बहुत ज्यादा श्रेय नहीं दे रहा। क्योंकि इस आधार पर आकलन कई बार उल्टा पड़ जाता है। हां यह तमाम अन्य चीजों को सरह्रश्वलस जरूर कर देता है और इस मोर्चे पर भी भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड फिलहाल बेहतर नजर आ रहा है। ऊपर गिनाई गईं वजहों से इतर और ऐसा क्या है कि मोदी-शाह की रणनीति अजेय सी लगने लगी है? इसका जवाब अगर सचमुच जानना है तो विपक्ष की ओर भी निहार लीजिए। आज विपक्ष की क्या स्थिति है। लोकसभा चुनाव की जीत के बाद से कांग्रेस पार्टी कोमा से बाहर नहीं निकल पाई है। केंद्रीय स्तर पर भ्रम के चलते राज्यों में चुनाव तैयारी की कोई बात भी क्यों करे। चुनाव के दौरान बची-खुची विपक्षी एकता भी गायब सी हो चुकी है। हरियाणा में तो अपने-अपने दलों को दलदल से निकालने में समूचा विपक्ष ऊर्जा खर्च कर रहा है। कांग्रेस हो या इनेलो या उसके
गर्भ से निकली एक और नई पार्टी सबका हाल खराब है। सभी दिशाभ्रम का शिकार हैं। हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड में स्थिति फिलहाल ऐसी है मानो विपक्ष ने वाकओवर देने का मन बना लिया हो। उन्हें शायद समझ नहीं आ रहा है कि यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक या भोज नहीं है जिसका बहिष्कार करके वे अपनी जिम्मेदारी से बच लेंगे। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष के लिए बड़ी संख्या में समर्थन देने वाले ऐसे नकारा विपक्ष को भला कैसे माफ करेंगे जिसका न नेता नजर आ रहा हो न चुनाव लडऩे की नीयत। अगर विपक्ष की ऐसी ही तैयारियां रहीं तो नतीजे के लिए चुनावों का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। इसलिए मजबूत लोकतंत्र के लिए उम्मीद करना चाहिए कि भगवान विपक्ष को सदबुद्धि दे। हरियाणा में मनोहर लाल, झारखंड में रघुबर दास और महाराष्ट्र में देवेंद्र फणनवीस की निजी ताकत भी विपक्ष पर बीस पड़ रही है। साथ में मोदी का चेहरा भी हो तो विपक्ष हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुए अपनी थाली में जीत की अपेक्षा भला कैसे कर सकता है। इतना जरूर कहूंगा, विपक्ष का ऐसे सोए रहना लोकतंत्र के हित में नहीं है। -जय हिंद






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2792870
 
     
Related Links :-
बेबसाइटों पर प्रलोभनों से बचें और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहें : आलोक रॉय
संस्कृतियों, भाषाओं और पहचानों को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा : बाजव
गुरुग्राम में जलभराव ने खोली सरकार के जुमलों की पोल : वर्धन यादव
कश्मीर : खस्ता-हाल पाकिस्तान
मंदिर बनाने की बात करने वाले संत रविदास का मंदिर ढहाए जाने पर चुप क्यों हैं : निशान सिंह
हंगामा क्यों है बरपा?
यौन उत्पीडऩ की भयावहता
संसद का गौरव बना रहे
संकल्प लें : पानी बचाएंगे, बिन पानी सब सून...
आए दिन हत्या, लूट, महिलाओं पर अत्याचारों का ग्राफ बढता जा रहा है
 
CopyRight 2016 DanikUp.com