दैनिक यूपी ब्यूरो
29/05/2019  :  09:32 HH:MM
शपथ में इमरान को बुलाएं या नहीं ?
Total View  278

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी विजय पर बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने की पेशकश की है। भारत की तरफ से कहा गया कि बातचीत और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते। इसका मतलब क्या हुआ ?

शायद यही कि 30 मई को होने वाले शपथसमारोह में इमरान को नहीं बुलाया जाएगा ? यदि इमरान को नहीं बुलाएं और सभी पड़ोसी देशों के नेताओं को बुलाएं तो क्या यह अटपटा नहीं लगेगा ? जब नवाज शरीफ को 2014 में बुलाया गया था, तब भी आतंकवाद चल रहा था या नहीं ? यह ठीक है कि इमरान खान पाकिस्तानी फौज के ज्यादा करीब हैं लेकिन इमरान जबसे प्रधानमंत्री बने हैं, वे भारत के साथ ताल्लुकात सुधारने की बात बार-बार करते रहे हैं। करतारपुर का मामला उन्होंने ही सुलझाया है। हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को किरगिजिस्तान जाने के लिए पाकिस्तान की वायु-सीमा में से उडऩे की सुविधा उन्हीं की सरकार ने दी है। चुनाव के पहले इमरान खान ने खुले-आम यह बयान दिया था मोदी अगर जीत गए तो भारत-पाक रिश्ते जरूर सुधरेंगे। किरगिजिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुए सम्मेलन में भारत और पाक विदेशमंत्री एक-दूसरे से काफी अच्छे ढंग से पेश आए। इन घटनाओं से ऐसा लगता है कि दोनों देशों में बात शुरु होना चाहिए। इमरान-सरकार ने प्रमुख आतंकियों पर काफी बंदिशे भी लगाई हैं। उन्होंने पश्चिमी राष्ट्रों को आश्वस्त किया है कि वे पाकिस्तान से आतंकवाद को खत्म करके ही रहेंगे। जाहिर है कि उनकी अपनी सीमाएं हैं। उनकी घोषणाओं पर विश्वास करके यदि उनके शपथ-समारोह में मोदी ने बुला लिया तो विपक्ष के द्वारा पुलवामा के हत्याकांड को जबर्दस्त ढंग से उछाला जाएगा। यह दुविधा तो है। यह भी हो सकता है कि इस बार शपथसमारोह में सिर्फ पांच महाशक्तियों के नेताओं को ही बुलाया जाए लेकिन इतनी अल्प-सूचना पर उनका आना बहुत मुश्किल है। इस सब उहा-पोह के बीच मोदी थोड़ी हिम्मत दिखा सकते हैं और इमरान को बुलाकर उनसे आतंकियों के विरुद्ध
स्पष्ट और कठोर घोषणाएं करवा सकते हैं। इस बार के शपथ समारोह को पहले से भी अधिक भव्य और प्रचारात्मक होना चाहिए लेकिन पाकिस्तान की फांस निकाले बिना वह कैसे होगा ?






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2578999
 
     
Related Links :-
हैदराबाद की सीख......
उन्मादी पाकिस्तान चीन से मिलकर कर रहा साजिश
चांद भी अपना होगा चांदनी भी हमारी .....
हरियाणा में लड़ाई एकतरफा है?
ट्रांसपोर्ट माफिया के दबाव में बढ़ाया कैह्रश्वटन सरकार ने बस किराया : कौर
बेबसाइटों पर प्रलोभनों से बचें और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहें : आलोक रॉय
संस्कृतियों, भाषाओं और पहचानों को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा : बाजव
गुरुग्राम में जलभराव ने खोली सरकार के जुमलों की पोल : वर्धन यादव
कश्मीर : खस्ता-हाल पाकिस्तान
मंदिर बनाने की बात करने वाले संत रविदास का मंदिर ढहाए जाने पर चुप क्यों हैं : निशान सिंह
 
CopyRight 2016 DanikUp.com