दैनिक यूपी ब्यूरो
16/05/2019  :  09:40 HH:MM
क्या 2009 वाली जीत दोहरा पायेगी कांग्रेस?
Total View  277

चंडीगढ़ हरियाणा में लोकसभा चुनाव ने विधानसभा चुनावों का गणित बदल दिया है। सीएम की कुर्सी के रेस में लगे अधिकतर दिग्गजों को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में टिकट देकर उन्हें एक क्षेत्र में समेट दिया। हरियाणा के रण में इस बार के चुनाव मे एक अजीब बात देखने को मिली।

इस बार के चुनाव में कांग्रेस के दिग्गजों ने पार्टी के बजाय अपने खुद के दम पर लोकसभा चुनाव लड़ा है। हरियाणा के रण में ऐसा कोई दिग्गज नहीं बचा जिसे कांग्रेस हाईकमान ने रण में न उतारा हो. चुनाव में प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज दूसरे उम्मीदवारों की मद्द करने की जगह पर खुद के लिए प्रचार करते दिखाई दिए, प्रदेश कांग्रेस का तकरीबन हर दिग्गज किसी ना किसी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ रहा था। ऐसे में सभी दिग्गजों का पूरा फोकस अपने लोकसभा क्षेत्रों पर ही रहा। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में प्रदेश की एकमात्र रोहतक सीट कांग्रेस के कब्जे में रही। हरियाणा की हॉट सीट कहे जाने वाली रोहतक से पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा चुनाव लड़ रहे हैं. दीपेंद्र रोहतक सीट से 3 बार से सांसद बनते आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (सोनीपत), हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर (सिरसा), राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा (अम्बाला), पूर्व मंत्री कैह्रश्वटन अजय यादव (गुरुग्राम), पूर्व मंत्री चौधरी निर्मल सिंह (कुरुक्षेत्र), पूर्व मंत्री अवतार सिंह भड़ाना (फरीदाबाद), निवर्तमान सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (रोहतक), चौधरी भजन लाल के पोते और कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई (हिसार) और कुलदीप शर्मा (करनाल) को टिकट दिए. इसमें से अधिकतर प्रत्याशी मुख्यमंत्री की दौड़ में है, वही जींद उप चुनाव में हारने की वजह से कांग्रेस ने इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला को किसी भी सीट से टिकट नहीं मिला।

प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर की जिम्मेदारी सभी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने की बनती थी, लेकिन खुद की चुनावी व्यस्तता की वजह से तंवर सिरसा के अलावा कहीं भी समय नहीं दे पाए। वहीं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद सोनीपत से चुनाव लडऩे के साथ बेटे दीपेंद्र के
लिए रोहतक, कुरुक्षेत्र से निर्मल सिंह, हिसार से भव्य बिश्नोई, अंबाला से कुमारी शैलजा और करनाल से कुलदीप शर्मा के लिए प्रचार करने के लिए गए थे. शुरुआती दिनों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना क्षेत्र को जनता और कार्यकर्ताओं के ऊपर छोड़ दिया था। वे बीच में कई बार दूसरी जगहों पर भी प्रचार के लिए गए, लेकिन मोदी और शाह के दौरे के बाद हुड्डा ने भी पूरा ध्यान सोनीपत पर लगा दिया. साथ ही प्रदेश भर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कई जनसभाएं और रोड शो किए। वहीं रणदीप सुरजेवाला ने अपना ज्यादा समय कुरुक्षेत्र से प्रत्याशी निर्मल सिंह के प्रचार में लगाया। जबकि कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी अपनी बेटी श्रृति चौधरी, गुरुग्राम से चुनाव लड़ रहे कैह्रश्वटन अजय यादव, अंबाला से कु. सैलजा खुद के लिए ही प्रचार करते रहे, तो हिसार से कुलदीप बिश्नोई अपने अपने बेटे भव्य बिश्नोई के लिए प्रचार करते रहे। इसी बीच कांग्रेस के सभी उम्मीदवार गुटबाजी के शिकार रहे हैं। इन सभी की निगाह मुख्यमंत्री पद पर टिकी हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इन सभी को लोकसभा चुनाव में टिकट थमा दिया। जिसके बाद सभी नेता प्रदेश के दौरे छोड़ कर अपनी सीट बचाने तक ही सीमित हो गए।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1729778
 
     
Related Links :-
हैदराबाद की सीख......
उन्मादी पाकिस्तान चीन से मिलकर कर रहा साजिश
चांद भी अपना होगा चांदनी भी हमारी .....
हरियाणा में लड़ाई एकतरफा है?
ट्रांसपोर्ट माफिया के दबाव में बढ़ाया कैह्रश्वटन सरकार ने बस किराया : कौर
बेबसाइटों पर प्रलोभनों से बचें और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहें : आलोक रॉय
संस्कृतियों, भाषाओं और पहचानों को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा : बाजव
गुरुग्राम में जलभराव ने खोली सरकार के जुमलों की पोल : वर्धन यादव
कश्मीर : खस्ता-हाल पाकिस्तान
मंदिर बनाने की बात करने वाले संत रविदास का मंदिर ढहाए जाने पर चुप क्यों हैं : निशान सिंह
 
CopyRight 2016 DanikUp.com