दैनिक यूपी ब्यूरो
05/12/2018  :  12:22 HH:MM
गांव-गांव में तैयार करूंगा देशभक्त सैनिक-राजपूत
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अपने काम और बयानों से अलग पहचान बनाने वाले भारतीय जनता पाटी के युवा विधायक ब्रिज भूषण राजपूत परंपरागत वोटगत राजनीति से इतर इनोवेशन के लिए जाने जाते है। एक पांच साल के दिव्यांग बच्चे को एक दिन का विधायक बनाकर वे चर्चा में रहे। जानिए कैसे हैं सबसे अलग चरखारी के युवा विधायक। दैनिक यूपी की एडिटर अंजना पाराशर से सीधी बात।

सवाल-आपने अपने इलाके में युवाओ को रोजगार से जोड़ने की मुहिम किस तरह से शुरू की है?


 जवाब-सेना, अर्धसैन्य बल, पुलिस भर्ती के लिए प्रशिक्षण कैम्प चलवा रहा हूँ। सुबह 5 बजे 10 किलोमीटर दौड़ के साथ सिलसिला शुरू होता है। फिर कैम्प के युवा जिम में जाते है। उन्हें लिखित परीक्षा, हिंदी, इंग्लिश, गणित सभी जरूरी चीजें सिखाई जाती हैं। मोउंटेनियरिंग के लिए पहाड़ है।


सवाल- क्या ट्रेनिंग मॉड्यूल है?


जवाब-हम वही ट्रेनिंग दिलवाते है जो सेना के लिए जरूरी है। इसके लिए रिटायर्ड फौजियों की सेवा ले रहे है। हमारे इलाके के जो लोग एनएसजी, कोबरा कमांडो टीम, सेना या अर्ध सैन्य बल में है वे भी अच्छा काम देखकर बीच बीच मे ट्रेनिंग के लिए आ जाते हैं।


 


सवाल-इस तरह की मुहिम की प्रेरणा कहाँ से मिली। सेल्फ मोटिवेटेड है या फिर किसी के कहने पर आइडिया आया?


जवाब-मैं जनता के बीच रहता हूँ। मेरी बुंदेलखंड जनता सेना है। लोगो की जरूरत मुझे पता है। जनता ने मुझे विधायक बना दिया अब मुझे उनका काम करना है। मैंने सेना की ट्रेनिंग का फैसला इसलिए किया क्योंकि सेना से ज्यादा राष्ट्रभक्त संगठन कोई नही है। इजरायल में हर नागरिक के लिए सैन्य ट्रेनिंग जरूरी है। मेरी इच्छा है कि नौजवान सेना से जुड़े, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति उनमे भर जाए। 


 सवाल-कितने नौजवान कैम्प में हैं? रोजगार की कितनी संभावना है?


जवाबअभी तक 27 - 28 लोगों को नौकरी मिल गई है। कुछ सेना में तो कुछ पुलिस या प्राइवेट सेक्टर में। 5 महीने हुए है। एक साल का


सवाल - किसी सरकारी सहायता से प्रोग्राम चल रहा है। कोई फंडिंग या शुल्क?


- नही अभी सीमित स्तर पर शुरू किया है। इसलिए कोई सरकारी सहयोग नही लिया। पूरा फ्री कैम्प है। आवासीय व्यवस्था भी है। अभी चरखारी में कर रहा हूँ। मेरा सपना है पूरे बुंदेलखंड में करूँ। जिस बुंदेलखंड को किसानों की आत्महत्या, सूखा, पिछड़ेपन के लिए जाना जाता है उसकी अलग पहचान बने।


सवाल - महिलाओ के लिए क्या कर रहे है?

- महिलाओं को हमने टैडी बियर बनाने के काम से जोड़ा है। उन्हें प्रशिक्षण दिलवाया है। कच्चा माल उन्हें दे रहे है। टैडी बियर बन जायेगा तो हम उनसे पूरा खरीद लेंगे। मार्केटिंग का काम लड़को का होगा। बेटी बनाए बेटे बेंचे। बेटे बेटियों को जोड़ने की भी मुहिम समझ लीजिए। सब मिलकर काम करें। अपनी आय सुनिश्चित करे। इसके अलावा स्लीपर पैरों में पहने जाने वाले, उसकी मैनुफैक्चरिंग के लिए मशीन देंगे महिलाओं को। वे स्लीपर बनाएंगी हम छेत्र के लोगो को ही जोड़कर उसकी मार्केटिंग कराएंगे।


सवाल-  दिव्यांगों के लिए आपकी पहल सुनने में आई है क्या कर रहे है?


- दिव्यांगों के लिए सरकार बहुत कुछ कर रही है। उन तक सही तरीके से योजना पहुंच जाए ये जरूरी है। हमने एक दिव्यांग बच्चे को एक दिन का विधायक बनाया। उसकी खुशी देखकर, आत्मविश्वास देखकर बहुत संतुष्टि हुई। इन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है।


सवाल- आप इतना अच्छा काम कर रहे है। लेकिन मुकदमे भी है आप पर। कैसे छवि का तालमेल होता है?

- हम जनता का काम करते है। कट्टरपंथी तत्वों से हमारी लड़ाई है। कोई ऐसा मुकदमा नही है। जनता के काम के साथ, हिन्दुओ के हक की बात करना बुरा नही है। हर वर्ग अपने हक की बात करता है। करना चाहिए उनका अधिकार है। लेकिन हिन्दू मांग उठाये तो सवाल क्यों। 


सवाल - राममंदिर पर क्या कहना है?


- मन्दिर हर हाल में बनेगा। बहुत जल्द अध्यादेश आएगा। ये करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। इतने करोड़ लोग कई देश के बराबर है। आप उनकी उपेक्षा कैसे कर सकते हैं।


सवाल -

लेकिन मामला कोर्ट में है। अमित शाह ने भी कहा है जनवरी तक इंतजार करना चाहिए। फिर टलेगा नही?


- सुप्रीम कोर्ट पटाखे पर रोक लगा देती है। हमारे लाउड स्पीकर बन्द करा देती है। लेकिन एक वर्ग का लाउड स्पीकर आज भी चलता रहता है। कोर्ट को सबकी भावनाओं का ख्याल करना चाहिए। वैसे अब जनवरी में भी ज्यादा दिन नही हैं।


सवाल-  कानून तो सर्वोपरि है। क्या कानून की अवहेलना करना उचित है?

- संविधान में अगर कोई कमी है तो वो भी बदला जा सकता है। कानून किसके लिए है लोगों के लिए और हम भी लोगों के लिए हैं। इसलिए कानून या संविधान जनता के अनुकूल होना चाहिए।







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