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दैनिक यूपी ब्यूरो
14/06/2018  :  01:00 HH:MM
JNU में ऑनलाइन एग्जाम का विरोध
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एंट्रेंस एग्जाम में मल्टिपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाएंगे, हालांकि अब तक जेएनयू में एंट्रेंस का फॉर्म सब्जेक्टिव है। जेएनयूएसयू की प्रेजिडेंट गीता कुमारी का कहना है कि ऑब्जेक्टिव एग्जाम का आइडिया सब्जेक्टिव पेपर को चेक करने के दौरान देख जा रहे मापदंडों को पीछे छोड़ता है।

नई दिल्ली, जेएनयू इस साल से एंट्रेंस एग्जाम को ऑनलाइन एग्जाम करने का प्लान बना रहा है। ऐकडेमिक सेशन 2019-20 के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम को ऑनलाइन मोड में लाने के लिए जेएनयू ने कमिटी तैयार की है, जिसने यह प्रस्ताव दिया है। अगर प्रस्ताव पास होता है तो दिसंबर में सभी कोर्सों में ऑनलाइन एंट्रेंस यानी कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम होगा। हालांकि, इस प्रस्ताव का जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन ने विरोध करते हुए कहा है कि इस प्लान पर ना ही टीचर्स और ना ही स्टूडेंट्स से प्रशासन ने बात की है। यह प्रशासन का एक और गलत तरीके से बढ़ाया जा रहा प्रपोजल है। साथ ही, यह आइडिया ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले स्टूडेंट्स को अच्छी एजुकेशन से दूर करेगा। जल्द ही यूनियन प्रशासन के सामने इस मुद्दे पर अपना विरोध जाहिर करेंगे।

प्रस्ताव के मुताबिक, एंट्रेंस एग्जाम में मल्टिपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाएंगे, हालांकि अब तक जेएनयू में एंट्रेंस का फॉर्म सब्जेक्टिव है। जेएनयूएसयू की प्रेजिडेंट गीता कुमारी का कहना है कि ऑब्जेक्टिव एग्जाम का आइडिया सब्जेक्टिव पेपर को चेक करने के दौरान देख जा रहे मापदंडों को पीछे छोड़ता है। एमए या एमफिल-पीएचडी में जानकारी भी चाहिए और लिखने का हुनर भी। जेएनयू प्रशासन ने इसे लेकर सोशल साइंस, आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज के सेंटर, स्कूल ओर टीचरों से इसे लेकर राय भी नहीं ली है।

 

यूनियन का यह भी कहना है कि इस कमिटी में जो दो मेंबर हैं, उन पर साहित्यिक चोरी का आरोप भी है। स्टूडेंट्स का यह भी कहना है कि हाल-फिलहाल ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट में सीबीएसई, एसएससी समेत कई एग्जाम स्कैम सामने आए हैं। जेएनयू बिना किसी की सलाह लिए गैर कानूनी तौर पर इस प्रस्ताव को लागू नहीं कर सकता। सब्जेक्टिव के बजाय ऑब्जेक्टिव पेपर मोड पर कई प्रफेसर भी ऐतराज जता चुके हैं।

 

बताया जा रहा है कि 28 को हुई इस बैठक के बाद मंजूरी लगभग तय मानी जा रही है। अगर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो अगले सेशन के लिए इसी दिसंबर मे होने वाले एंट्रेंस (169 कोर्स के लिए) ऑनलाइन होंगे। दूसरी ओर, प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि यह कमिटी का प्रस्ताव है और इस पर अभी कई पहलुओं पर बातचीत की जा रही है। इस पर अभी ज्यादा कहना सही नहीं होगा। पिछले साल जेएनयू में एंट्रेंस एग्जाम मई के बजाय दिसंबर में करवाने का फैसला लिया गया






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