Breaking News
सार्क देशों के नेताओं ने भी दी अटल को श्रद्धांजलि  |   आज से शुरू होगा मॉरीशस में विश्व हिंदी सम्मेलन  |   अटल की अंतिम यात्रा में योगी, केशव मौर्य सहित यूपी के दिग्गज नेताओ का जमावड़ा  |   अटल की अंतिम यात्रा में पैदल चले मोदी  |   राजकीय सम्मान के साथ विदा हुए अटल  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
07/06/2018  :  23:41 HH:MM
राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रखने में कामयाब होगी सरकारः मूडीज
Total View  29

मूडीज ने 13 साल में पहली बार देश की साख पिछले साल बढ़ाकर स्थिर परिदृश्य के साथ ‘बीएए 2’ कर दिया। उसका कहना था कि निरंतर आर्थिक और संस्थागत सुधारों से वृद्धि संभावना सुधरी है।

नई दिल्लीः मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने आज कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर रखने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यहां तक कि बजटीय लक्ष्य को पाने के लिए पूंजी खर्च में भी कटौती की जा सकती है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि कच्चे तेल के दाम में वृद्धि को देखते हुए पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो भारत की साख पर दबाव पड़ सकता है।

 मूडीज ने 13 साल में पहली बार देश की साख पिछले साल बढ़ाकर स्थिर परिदृश्य के साथबीएए 2’ कर दिया। उसका कहना था कि निरंतर आर्थिक और संस्थागत सुधारों से वृद्धि संभावना सुधरी है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार सरकार धीरे-धीरे राजकोषीय मजबूती तथा बजटीय लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध दिखती है, इस आधार पर 2018-19 के लिए राजकोषीय घाटे के 3.3 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिए जाने की उम्मीद है। मूडीज के उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ साख अधिकारी विलियम फोस्टर ने कहा, ‘‘हालांकि मूडीज को बजट में निर्धारित राजस्व तथा व्यय लक्ष्य से नीचे जाने का जोखिम दिखता है, लेकिन उसे उम्मीद है कि सरकार राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लेगी। लक्ष्य पाने में यदि कुछ कमी नजर आती है तो योजनागत पूंजी व्यय में कटौती कर सकती है जैसा कि पूर्व के वर्षों में भी कई मौकों पर देखा गया।’’

 

राजस्व के बारे में मूडीज ने कहा कि सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पाद शुल्क से राजस्व का जो अनुमान रखा है, उसके कुछ नीचे रहने की आशंका है। रेटिंग एजेंसी का कहना है किइनपुट टैक्स क्रेडिट के समय पर भुगतान समेत जीएसटी क्रियान्वयन तथा अनुपालन को लेकर जारी अनिश्चितता तथा कर की दरों में बदलाव को लेकर जारी प्रक्रिया से राजस्व का कुछ नुकसान हो सकता है। मूडीज ने यह भी कहा, ‘‘अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं, ऐसे में सरकार पेट्रोलियम और डीजल उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर सकती है। इससे देश की साख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।’’






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5728127
 
     
Related Links :-
फिर बढ़े पैट्रोल-डीजल के दाम, लोगों पर महंगाई की मार
नीरव मोदी की कंपनियों से ज्वेलरी खरीदने वाले अमीरों की ITR जांचेगा आयकर विभाग
वाराणसी के छोटे निर्यातकों के लिए डाक विभाग जल्द खोलेगा IBC
खाद्य तेलों का इंपोर्ट होगा महंगा, सरकार ने क्रूड-रिफाइंड सॉफ्ट इडिबल ऑयल बढ़ाई ड्यूटी
जनरल मोटर्स की पहली महिला CFO बनीं भारतीय मूल की दिव्या सूर्यदेवरा
इंफोसिस मना रहा सिल्वर जुबली, 25 साल में कंपनी ने देखे काफी उतार-चढ़ाव
फोन कंपनि‍यां अब नहीं रख पाएंगी आपके आधार की डि‍टेल, जारी हुए आदेश
चालू खाते का घाटा 2017-18 में तीन गुना से अधिक बढ़ा
जीवन बीमा कंपनियों का नए कारोबार से प्रीमियम संग्रह मई में 9% बढ़ा
दिवालिया कानून में बदलाव से घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत
 
CopyRight 2016 DanikUp.com