Breaking News
LEARN COMPLETE ETHICAL HACKING COURSE ONLINE. WITH http://harshatech12.blogspot.com  |   LEARN COMPLETE ETHICAL HACKING COURSE ONLINE. WITH harshatech12.blogspot.com  |   राम मंदिर की खबर दिखाने के कारण कनाडा मे अपना रेडियो ऑफ एयर कर दिया   |   मतदान निपटते ही योगी ने राजभर को निपटाया  |   एग्जिट पोल ने क्षेत्रीय दलों की उड़ाई नींद  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
21/05/2018  :  18:24 HH:MM
क्या गठबंधन की 'संजीवनी' से पुनर्जीवित होगी कांग्रेस ?
Total View  191

कांग्रेस अब छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी गठबंधन की संभावनाएं तलाशेगी..? क्या कांग्रेस की वापसी गठबंधन की बैसाखी से होगी..?

कर्नाटक में गठबंधन बनाने के बाद क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समझौता एक्सप्रेस से अपना सियासी सफर आगे भी जारी रखेंगे? क्या कांग्रेस अब छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी गठबंधन की संभावनाएं तलाशेगी..? क्या कांग्रेस की वापसी गठबंधन की बैसाखी से होगी..? यह तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ , राजस्थान और एमपी चुनाव को लेकर अभी से संजीदा हो गए हैं।

राहुल ने कर लिया था छत्तीसगढ़ की तरफ रुख

कर्नाटक में प्रचार समाप्त करने के तीन दिन बाद ही राहुल ने छत्तीसगढ़ का रुख कर लिया था। उन्होंने वहां रैली को सम्बोधित करते हुए जल, जंगल और जमीन के तमाम हक आदिवासियों को दिए का मसला भी प्रमुखता से उठाया। इसी को लेकर वहां रमन सिंह के खिलाफ पत्थरगढ़ी अभियान चला हुआ है। जाहिर है राहुल का अगला निशाना अब यही राज्य हैं जहां पिछली बार मामूली अंत से रमन सिंह दोबारा  सत्ता पर काबिज होने में कामयाब हो गए थे।  उधर मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी इसी के साथ चुनाव होने हैं। राजस्थान में कांग्रेस अपने बूते सरकार बनाने की स्थिति में है। अशोक गहलोत खासे सक्रिय हैं और उपचुनाव में वसुंधरा को अपनी ताकत का एहसास करा चुके  हैं। हालांकि एमपी में भी कांग्रेस ने उपचुनाव जीता है तथापि वहां उसे साथी की जरूरत पड़  सकती है। ऐसे में बहुत हद तक संभव है कि कांग्रेस वहां चुनावपूर्व गठबंधन कर सकती है। किसके साथ यह एक बड़ा प्रश्न हो सकता है।

समाजवादी पार्टी हो सकती है मुफीद साथी साबित

बात अगर मध्य प्रदेश की करें तो वहां समाजवादी पार्टी उसके लिए मुफीद साथी साबित हो सकती है। 2003 में एसपी ने एमपी में सात सीटें जीत कुल छह फीसदी वोट हासिल किए थे। पर उसके बाद मध्य प्रदेश का रुख नहीं किया। अबके अखिलेश यादव मध्य प्रदेश को लेकर सक्रिय हैं।  उन्होंने 200 से अधिक सीटों पर चुनाव लडऩे का फैसला किया है। जाहिर है यह चीजों की सेटिंग का दांव है। अब चूंकि सपा और कांग्रेस यू पी में  साथ मिलकर लड़ चुके हैं लिहाजा यह दोस्ती संभव दिखती है। कोई बड़ी बात नहीं की बबुआ के साथ बुआ यानी मायावती भी जाएं।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2541250
 
     
Related Links :-
जीत के बाद सनी देओल ने निकाला जुलूस
नतीजों का असर कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी, कुछ कतार में
हुड्डा और कांग्रेसियों की हार पर मनोहर लाल की चुटकी लोकसभा चुनाव में कई कांटे निकल गए
मेरी जीत होगी तो मैं लोगों के लिए काम करुंगा : सनी
नवजोत कौर बोलीं-सभी 13 सीटें न मिलीं तो इस्तीफा देना चाहिए कैह्रश्वटन को
चौथे दिन मतगणना कराने पर विपक्षी नेताओं ने खड़ा किया प्रश्नचिन्ह
हुड्डा, तंवर, दुष्यंत, जयहिंद, सैनी का कल तय होगा भविष्य
अमरिंदर सिंह के बाद अब सिद्धू ने किया इस्तीफा देने का ऐलान
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर नवजोत सिद्धू ने लगाई मोहर : भगवंत मान
भारतीय किसान पार्टी की उम्मीदवार रमनीत ने सेक्टर-20 में किया प्रचार
 
CopyRight 2016 DanikUp.com