Breaking News
चीन ने चांद पर उगाया कपास का पौधा अब आलू की बारी  |   कर्नाटक में सियासी सरगरमी तेज, 2 निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन  |   उत्तर प्रदेश महागठबंधन, माया-अखिलेश के बाद अब अजीत चाैधरी भी होगें शामिल   |   कांग्रेस की मांग जल्द हो सीबीआई निदेशक की नयुक्ति  |   कुंभ में आज पहला शाही स्नान, महानिर्वाणी और अटल अखाड़े ने संगम तट पर डुबकी लगाई  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
08/12/2017  :  12:51 HH:MM
वासेनर का सदस्य बना भारत, एनएसजी में सदस्यता का दावा और हुआ मजबूत
Total View  148

भारत के वासेनर अरेंजमेंट का 42वां सदस्य बनने से अप्रसार क्षेत्र में देश का कद बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के शामिल किए जाने का दावा मजबूत होगा।

नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उत्कृष्ट निर्यात नियंत्रण व्यवस्था देखनेवाली संस्था वासेनर आरेंजमेंट (डब्ल्यूए) ने गुरुवार को भारत को अपना नया सदस्य बनाया है।

भारत के वासेनर अरेंजमेंट का 42वां सदस्य बनने से अप्रसार क्षेत्र में देश का कद बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के शामिल किए जाने का दावा मजबूत होगा। वासेनार का सदस्य बनने के बाद जहां एक तरफ भारत को महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी मिल पाएगी तो वहीं दूसरी तरफ परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने के बावजूद नई दिल्ली का रुतबा भी बढ़ेगा।

भारत को वासेनर में शामिल करने का फैसला विएना में चली दो दिनों की बैठक में लिया गया है। इससे परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) पर भारत का दावा और भी मजबूत होगा। इसके सदस्य देशों के बीच हथियारों के हस्तांतरण में पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जाता है। चीन इस संस्था का सदस्य नहीं है, फिर भी उसने अड़चन डालने की भरसक कोशिश की।

एक जारी बयान में कहा गया- “वासेनर आरेंजमेंट में शामल देशों ने सदस्यों के लिए आए आवेदनों की समीक्षा की और भारत को 42वें सदस्य देश के तौर पर शामिल करने पर सहमति बनी। जैसे ही इस दिशा में जरुरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी भारत वासेनर का सदस्य बन जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में भारत को मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) की पूर्णकालिक सदस्यता दी गई थी। अमेरिका के साथ परमाणु करार होने के बाद से लगातार भारत इसकी निर्यात नियंत्रण संस्था से जुड़ना चाह रहा है, जैसे- एनएसजी, एमटीसीआर, ऑस्ट्रेलिया ग्रुप, वासेनर। ये सभी  परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियार और प्रोद्यौगिकी को रेगुलेट करता है।

 






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   8972936
 
     
Related Links :-
LoC पर पाकिस्तान की फिर नापाक हरकत, राजौरी में फिर की फायरिंगदेश
केरल में बोले प्रधानमंत्री मोदी- सबरीमाला पर संस्कृति के साथ खड़ी है बीजेपी
'लौह महिला' इंदिरा गांधी की जयंती आज, जानिए-उनके जीवन से जुड़े कुछ खास पहलू
#MeToo: एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमाणी पर ठोका मानहानि का केस
विवादित उपदेशक जाकिर की बढ़ी मुश्किलें, NIA ने संपत्तियां जब्त करने का दिया आदेश
नन बलात्कार मामले के आरोपी बिशप फ्रैंको कोच्चि में गिरफ्तार
तोगड़िया का BJP पर तंज- खुद के लिए 500 करोड़ का बनवाया कार्यालय, रामलला टेंट में विराजमान
माल्या विवाद में जेतली को मिला शिवसेना का साथ, कहा- कांग्रेस के आरोप ‘हास्यास्पद’
तेलंगाना की सभी विधानसभा सीटों पर BJP लड़ेगी चुनाव: शाह
पाक की तारीफ कर घिरे सिद्धू, भाजपा ने कांग्रेस से मांगा जवाब
 
CopyRight 2016 DanikUp.com