Breaking News
मुश्किल में BSP सुप्रीमो मायावती, HC ने राज्य सरकार से तलब की विजिलेंस जांच स्टेटस  |   UP: बहराइच के जिला अस्पताल में पिछले 45 दिनों में 71 बच्चों की हुई मौत  |   राजा भैया के पिता को इस साल भी नहीं मिली भंडारे की अनुमति, प्रशासन ने किया नजरबंद  |   मौजूदा हालातों कोे देखते हुए भारत-पाक मुलाकात हुई रद्द: सूत्र   |   J&K: शोपियां में SPO समेत 4 पुलिसकर्मी लापता, आतंकियों पर अगवा करने का शक  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
08/12/2017  :  12:43 HH:MM
क्या है FRDI बिल? अगर बैंक डूबे तो जमा धन का कितना हिस्सा आपको मिलेगा?
Total View  85

नए बैंक डिपॉजिट बिल के एक प्रावधान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह अधिकार दिया जा सकता है कि बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में बैंक ये तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करने हैं.

नई दिल्ली: गुजरात चुनाव की राजनीतिक गहमागहमी के बीच बैंकों को लेकर एक नया बिल इस समय मीडिया में काफी चर्चा में है. इस बिल का नाम है फाइनेंशियल रेज़्यूलेशन एंड डिपोज़िट इंन्श्योरेंस बिल(एफआरडीआई). इस नए बैंक डिपॉजिट बिल के एक प्रावधान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह अधिकार दिया जा सकता है कि दिवालिया होने की स्थिति में बैंक खुद ये तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करना है. यानि की अगर बैंक डूबता है तो जमाकर्ता के सारे पैसे भी डूब सकते हैं.

इस बिल के जंगल की आग की तरह फैलने के बाद ऑनलाइन पेटीशन का दौर शुरू हो गया हैजिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली की सफाई आई है कि इससे बिल से कम रकम जमा करने वाले उपभोक्ताओं को कोई नुकसान नहीं होगा. जेटली ने कहा कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि वो जमाकर्ताओं के धन की रक्षा करेगी.

आपको बता दें कि 63% के करीब भारतीयों ने अपना पैसा सार्वजनिक या सरकारी बैंकों में जमा कर रखा है. केवल 18% लोगों ने ही प्राइवेट बैंक में अपना पैसा जमा किया है. मालूम हो कि जब हम बैंक में पैसा जमा करते हैं तो उसके बदले में हमें बैंक से किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं मिलती है. इस तरीके से हम एक असुरक्षित जमाकर्ता हैं. भारत के मुकाबले दुनिया के अन्य देशों में लोग बैंक में कम पैसा रखते हैं.

 

ये बिल अभी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. यह बिल तैयार कर के अगस्त महीने में ही संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया है.

बता दें कि सरकारी बैंकों का एनपीए यानि कि बैड लोन इस समय बढ़ कर छह लाख करोड़ से ज्यादा का हो गया है. भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एनपीए इस साल के जून महीने में एक लाख 88 हजार करोड़ का हो चुका है. ये आंकड़े बैंकों की बदहाली की स्थिति को दर्शाते हैं. ऐसी स्थिति में अगर बैंक डूबते हैं तो वे खुद को दिवालियापन से उबारने के लिए आम जनता के पैसों का इस्तेमाल करेंगे और नए बिल के मुताबिक उन्हें ये अधिकार मिल सकता है कि वे जमाकर्ता को कितना पैसा वापस करेंगे.

 

क्या है मौजूदा नियम

वर्तमान नियम भी कम जनता विरोधी नहीं हैं. मौजूदा नियम के मुताबिक अगर बैंक में आपके 10 लाख रुपये तक की राशि जमा है और अगर बैंक डूबे तो केवल 1 लाख रुपये तक की राशि वापस मिलेगी. बाकी पैसा बैंक खुद को संभालने के लिए आपका पैसा निगल जाएगा. और हां आप किसी कोर्ट कोचहरी में केस भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि सरकार ने बैंक को ये अधिकार पहले ही दे रखा है.

दरअसल, अभी बैंक हरेक जमाकर्ता को एक लाख रुपए तक की गारंटी देता है. गारंटी डिपॉजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) के तहत ये गारंटी मिलती है. यानि अगर जमाकर्ता ने 50 लाख रुपये भी जमा कर रखे हैं और अगर बैंक डूबता है कि सिर्फ एक लाख रुपये ही मिलने की गारंटी है. बाकी रकम असुरक्षित क्रेडिटर्स के क्लेम की तरह डील किया जाता है.

यानि मौजूदा नियम में यह प्रावधान है कि दिवालिया होने की स्थिति में बैंक को एक निश्चित राशि जमाकर्ता को वापस करनी होगी, लेकिन नए नियम को लेकर अफवाह ये है कि बैंक खुद तय करेंगे तो आपको कोई रकम दी भी जाए या नहीं, और अगर दी जाए तो कितनी  रकम दी जाए.

 

 






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   8319051
 
     
Related Links :-
राफेल डील: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का खुलासा, भारत सरकार ने दिया था रिलायंस का नाम
मुश्किल में BSP सुप्रीमो मायावती, HC ने राज्य सरकार से तलब की विजिलेंस जांच स्टेटस
पाक PM इमरान खान का असली चेहरा आया सामने: भारत
मायावती के इस कदम से तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को मिला बल
कश्मीर: शोपियां में 3 पुलिसवालों की हत्या, आतंकियों के खौफ से 7 SPO ने छोड़ी नौकरी
यस बैंक पर भारी पड़ा RBI का फैसला, एक झटके में निवेशकों के डूबे 25 हजार करोड़
नोटबंदी के दौरान कांग्रेस के दफ्तर में किलो के हिसाब से जाता था पैसा: संबित पात्रा
तीन तलाक को ‘राजनीतिक फुटबाल’ बना रही है मोदी सरकार: सुरजेवाला
सरकारी खर्चों को लेकर सख्त हुई योगी सरकार, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
अठावले के बाद योगी के इस मंत्री ने दिया मायावती को BJP में आने का प्रस्ताव
 
CopyRight 2016 DanikUp.com