Breaking News
अखिलेश ने पेश की इंसानियत की मिसाल, कार हादसे में घायल लोगों को पहुंचाया अस्पताल  |   नोडल अधिकारी पहुंचाए सरकार के विकास कार्यक्रम को जन जन तक :योगी ग्रेटर नोएडा इमारत हादसा: CM योगी ने जताया दुख, दिया हर संभव मदद का भरोसा   |   ग्रेटर नोएडा इमारत हादसा: डिप्टी CM केशव मौर्य ने मृतकों के प्रति जताया गहरा दुख ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में 2 इमारतें गिरी, NDRF की टीम ने 3 शवों को मलबे से निकाला  |   दिल्ली-NCR को दहलाने की थी साजिश, हथियारों का जखीरा बरामद  |   LIVE शो के दौरान महिला के साथ मारपीट करने के आरोप में मौलाना गिरफ्तार  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
08/12/2017  :  12:41 HH:MM
क्या है FRDI बिल? अगर बैंक डूबे तो जमा धन का कितना हिस्सा आपको मिलेगा?
Total View  52

नए बैंक डिपॉजिट बिल के एक प्रावधान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह अधिकार दिया जा सकता है कि बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में बैंक ये तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करने हैं.

नई दिल्ली: गुजरात चुनाव की राजनीतिक गहमागहमी के बीच बैंकों को लेकर एक नया बिल इस समय मीडिया में काफी चर्चा में है. इस बिल का नाम है फाइनेंशियल रेज़्यूलेशन एंड डिपोज़िट इंन्श्योरेंस बिल(एफआरडीआई). इस नए बैंक डिपॉजिट बिल के एक प्रावधान के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह अधिकार दिया जा सकता है कि दिवालिया होने की स्थिति में बैंक खुद ये तय करेगा कि जमाकर्ता को कितने पैसे वापस करना है. यानि की अगर बैंक डूबता है तो जमाकर्ता के सारे पैसे भी डूब सकते हैं.

इस बिल के जंगल की आग की तरह फैलने के बाद ऑनलाइन पेटीशन का दौर शुरू हो गया हैजिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली की सफाई आई है कि इससे बिल से कम रकम जमा करने वाले उपभोक्ताओं को कोई नुकसान नहीं होगा. जेटली ने कहा कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि वो जमाकर्ताओं के धन की रक्षा करेगी.

आपको बता दें कि 63% के करीब भारतीयों ने अपना पैसा सार्वजनिक या सरकारी बैंकों में जमा कर रखा है. केवल 18% लोगों ने ही प्राइवेट बैंक में अपना पैसा जमा किया है. मालूम हो कि जब हम बैंक में पैसा जमा करते हैं तो उसके बदले में हमें बैंक से किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं मिलती है. इस तरीके से हम एक असुरक्षित जमाकर्ता हैं. भारत के मुकाबले दुनिया के अन्य देशों में लोग बैंक में कम पैसा रखते हैं.

 

ये बिल अभी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. यह बिल तैयार कर के अगस्त महीने में ही संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया है.

बता दें कि सरकारी बैंकों का एनपीए यानि कि बैड लोन इस समय बढ़ कर छह लाख करोड़ से ज्यादा का हो गया है. भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एनपीए इस साल के जून महीने में एक लाख 88 हजार करोड़ का हो चुका है. ये आंकड़े बैंकों की बदहाली की स्थिति को दर्शाते हैं. ऐसी स्थिति में अगर बैंक डूबते हैं तो वे खुद को दिवालियापन से उबारने के लिए आम जनता के पैसों का इस्तेमाल करेंगे और नए बिल के मुताबिक उन्हें ये अधिकार मिल सकता है कि वे जमाकर्ता को कितना पैसा वापस करेंगे.

 

क्या है मौजूदा नियम

वर्तमान नियम भी कम जनता विरोधी नहीं हैं. मौजूदा नियम के मुताबिक अगर बैंक में आपके 10 लाख रुपये तक की राशि जमा है और अगर बैंक डूबे तो केवल 1 लाख रुपये तक की राशि वापस मिलेगी. बाकी पैसा बैंक खुद को संभालने के लिए आपका पैसा निगल जाएगा. और हां आप किसी कोर्ट कोचहरी में केस भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि सरकार ने बैंक को ये अधिकार पहले ही दे रखा है.

दरअसल, अभी बैंक हरेक जमाकर्ता को एक लाख रुपए तक की गारंटी देता है. गारंटी डिपॉजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) के तहत ये गारंटी मिलती है. यानि अगर जमाकर्ता ने 50 लाख रुपये भी जमा कर रखे हैं और अगर बैंक डूबता है कि सिर्फ एक लाख रुपये ही मिलने की गारंटी है. बाकी रकम असुरक्षित क्रेडिटर्स के क्लेम की तरह डील किया जाता है.

यानि मौजूदा नियम में यह प्रावधान है कि दिवालिया होने की स्थिति में बैंक को एक निश्चित राशि जमाकर्ता को वापस करनी होगी, लेकिन नए नियम को लेकर अफवाह ये है कि बैंक खुद तय करेंगे तो आपको कोई रकम दी भी जाए या नहीं, और अगर दी जाए तो कितनी  रकम दी जाए.

 

 






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3351987
 
     
Related Links :-
फिर बढ़े पैट्रोल-डीजल के दाम, लोगों पर महंगाई की मार
नीरव मोदी की कंपनियों से ज्वेलरी खरीदने वाले अमीरों की ITR जांचेगा आयकर विभाग
अब मुंबई से गोवा पहुंचना होगा आसान, 1 अगस्त से शुरू होगी क्रूज सेवा
वाराणसी के छोटे निर्यातकों के लिए डाक विभाग जल्द खोलेगा IBC
खाद्य तेलों का इंपोर्ट होगा महंगा, सरकार ने क्रूड-रिफाइंड सॉफ्ट इडिबल ऑयल बढ़ाई ड्यूटी
जनरल मोटर्स की पहली महिला CFO बनीं भारतीय मूल की दिव्या सूर्यदेवरा
इंफोसिस मना रहा सिल्वर जुबली, 25 साल में कंपनी ने देखे काफी उतार-चढ़ाव
फोन कंपनि‍यां अब नहीं रख पाएंगी आपके आधार की डि‍टेल, जारी हुए आदेश
चालू खाते का घाटा 2017-18 में तीन गुना से अधिक बढ़ा
जीवन बीमा कंपनियों का नए कारोबार से प्रीमियम संग्रह मई में 9% बढ़ा
 
CopyRight 2016 DanikUp.com