Breaking News
कैबीनेट मंत्री राजभर का दावा, राममंदिर पर अध्यादेश कभी नहीं लाएगी बीजेपी  |   मिशन 2019: बीजेपी की गांव-गांव, पांव-पांव पदयात्रा आज से शुरू।  |   लोकसभा चुनाव से पहले अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक बड़ा तोहफा दे सकते हैं पीएम मोदी।  |   आरएसएस ने फिर रटा राम का नाम कहा 2019 में होगा राम मंदिर का निर्माण, दिल्ली में आज से रथ यात्रा शुरू  |   हनुमान को दलित बताने वाले योगी आदित्यनाथ के बयान पर आजम ने कसा तंज कहा समझ नहीं आ रहा रोएं या हसें  |  
 
 
दैनिक यूपी ब्यूरो
14/11/2017  :  18:39 HH:MM
उत्तर भारत में वायु प्रदूषण, रखें खास ध्यान
Total View  126

जहरीली आबोहवा के कुप्रभावों से बचाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण इस दौर में गर्भवती महिलाओं के जरिये उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण तक को भी नुकसान पहुंच सकता है।

दिल्ली समेत उत्तर भारत का जहरीली आबोहवा के कुप्रभावों से बचाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण इस दौर में गर्भवतीमहिलाओं के जरिये उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण तक को भी नुकसान पहुंच सकता है।ड़ा हिस्सा इन दिनों वायु प्रदूषण का प्रकोप झेल रहा है और लोगों को सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही है। ऐसे में खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखने के साथ ही डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को भी सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं जिससे उनके साथ उनकी कोख में पल रहे बच्चे को भी

इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर की प्रमुख डॉ. रीता बख्शी ने कहा कि इस तरह की मान्यता रही है कि भ्रूण को गर्भाशय चारों ओर से किसी भी तरह के बाहरी नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि पिछले कुछ समय में इस बात के विरोधाभासी तथ्य सामने आये हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं में विषैले रसायनों की मौजूदगी की बात साबित की है जिसका प्रभाव गर्भाशय के अंदर भी पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में जहरीले तत्वों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और सीसा जैसे रसायनों तथा कीटनाशक आदि से लोगों को कल्पना से परे नुकसान पहुंच रहा है।

 अध्ययनों में साबित हुआ है कि जब मां बनने जा रही कोई महिला इन रसायनों और वायु प्रदूषक तत्वों के संपर्क में आती है तो उसकी कोख में पल रहे शिशु के स्वस्थ मस्तिष्क के विकास में अवरोध पैदा होता है। इसके नतीजतन भविष्य में बच्चों के स्वभाव और व्यवहार में असर दिखाई देता है।

 स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज के मुताबिक वायु प्रदूषण के मौजूदा स्तर से गर्भवती महिलाओं को और उनकी कोख में पल रहे बच्चों को काफी जोखिम होता है। दरअसल भ्रूण को ऑक्सीजन का प्रवाह मां से होता है और अगर वह खराब हवा में सांस ले रही है तो अजन्मे बच्चों में जोखिम बढ़ जाता है।

 

नेचर आईवीएफ सेंटर की विशेषज्ञ डॉ. बजाज के अनुसार गर्भवती महिलाओं को पहले तीन महीने में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हवा में मौजूद खराब रासायनिक तत्वों का असर भ्रूण तक पहुंच जाता है तो समय पूर्व जन्म संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं और उनका विकास प्रभावित हो सकता है। बच्चों को बाद में अस्थमा की शिकायत हो सकती है। गौर करने वाली बात है कि वायु प्रदूषण का थोड़े वक्त का भी कुप्रभाव दीर्घकालिक असर डाल सकता है।

 सांस लेने में समस्या की शिकायत लेकर आने वाले अधिकतर रोगी ऐसे हैं जिन्हें कभी बचपन में अस्थमा की शिकायत नहीं रही लेकिन बड़े होकर वे सांस लेने में परेशानी महसूस करने लगे। यह चिंताजनक है। प्रदूषण के इस माहौल में डॉक्टर महिलाओं को पूरी तरह बचने की, बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क पहनने की और किसी भी परेशानी की स्थिति में चिकित्सक से तत्काल परामर्श लेने की सलाह देते हैं।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1392411
 
     
Related Links :-
यूपी में फिर बरपा आंधी-तूफान का कहर, 12 लोगों की दर्दनाक मौत व 28 घायल
पसीने से भीगे उत्तर प्रदेश ने किया पहली बरसात का इस्तकबाल
मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी के इन जिलों में आज आफत बनकर आ सकता है तूफान
उत्तर भारत में गर्मी का कहर जारी, यूपी के इन 13 जिलों सहित कई जगह आंधी-तूफान की संभावना
बस्ती में बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान की नर्सरी लगाने में जुटे
मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी के इन जिलों में आ सकता है भयंकर तूफान
आगरा में तन को झुलसा देने वाली गर्मी, पारा 46 डिग्री से ऊपर
UP में चिलचिलाती धूप से तापमान में हुआ इजाफा
अजूबे से कम नहीं यह खूबसूरत जगह, रहस्य जानकर हो जाएंगे हैरान
अच्छा! तो इसलिए इस जगह को कहा जाता है Sun Moon lake
 
CopyRight 2016 DanikUp.com