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दैनिक यूपी ब्यूरो
07/03/2017  :  16:16 HH:MM
मुलायम की दूसरी पत्नी की जंग का एलान
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मुलायम परिवार में रार की असली वजह परदे से निकलकर सामने आ गई हैं। साधना यादव ने खुलकर बगावत का संकेत दे दिया है। लगता है साधना को ये संकेत मिल गया है कि अखिलेश सरकार सत्ता में नहीं आने वाली। या फिर उनकी बहू यानी प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव चुनाव नहीं जीत रही हैं।

मुलायम की दूसरी पत्नी की जंग का एलान
क्या हार का अंदेशा है रार की वजह
अंजना पाराशर

मुलायम परिवार में रार की असली वजह परदे से निकलकर सामने आ गई हैं। साधना यादव ने खुलकर बगावत का संकेत दे दिया है।  लगता है साधना को ये संकेत मिल गया है कि अखिलेश सरकार सत्ता में नहीं आने वाली। या फिर उनकी बहू यानी प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव चुनाव नहीं जीत रही हैं। अरसे तक परदे के पीछे से महाभारत की ब्यूह रचना करती हुई साधना ने अपने चहेतों के लिए हर साधन जुटाया। अखिलेश के लिए उन्होंने हर कदम पर रोड़ा खड़ा किया। लेकिन एक के बाद एक प्लान विफल होने की हताशा ही है कि अब वे मुखर होकर अखिलेश की दुखती रग पर वार करने वाली हैं। उन्होंने प्रतीक के लिए राजनीतिक हक़ की मांग की है। 

 एक बात बहुत स्पष्ट है अगर सपा सत्ता से बाहर भी हो जाए तो मुलायम सिंह का सियासी वारिश इन चुनावों में तय हो चुका है। अखिलेश बतौर नेता खुद को स्थापित करने में सफल साबित हुए हैं। खुद मुलायम सिंह भी साधना के पक्ष में खड़े हो जाएं तो भी शायद बात नहीं बनेगी। शिवपाल यादव की भी वो साख नहीं बची जिसके दम पर साधना कोई नया दांव चलें। वैसे भी शिवपाल की खुद अपनी और बेटे आदित्य को लेकर महत्वाकांछा जबरदस्त है।
 रही बात संपत्ति की तो इसका बंटवारा  शायद विवाद की वजह बन सकता है। 
यादव परिवार में ज्यादातर लोग अभी अखिलेश के साथ हैं। लेकिन असली इम्तिहान सत्ता से बाहर होने के बाद होगा। वैसे भी दूसरी पत्नी साधना को ही ज्यादातर लोग कलह की वजह मानते हैं। मुलायम भी शायद सचाई से रूबरू है। इसी संकोच के चलते उन्होंने लंबे समय तक साधना को सामने नहीं आने दिया। अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने साधना को दूसरी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। ज्यादातर लोगों ने साधना को पहली बार इन चुनावों में देखा होगा जब वे मुलायम के साथ सैफई में वोट डालने गईं। मुलायम उस वक्त भी सहज नहीं दिखे।
देखना होगा कि राजनीति में सन्यास आश्रम की ओर जाने को विवश मुलायम अब परिवार में किस भूमिका में नजर आएंगे। 
फिलहाल चुनाव परिणाम आने के पहले ही यादव परिवार में शुरू हुआ नया संघर्ष इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन सियासी रूप से उथल पुथल भरे होंगे।
11 मार्च को नतीजों के बाद यादव परिवार में एक नई जंग शुरू होगी। शायद इस बार आर पार का संघर्ष होगा। नतीजे पर पूरे सूबे की नजर होगी।






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