Breaking News
48 साल के हुए राहुल गांधी, पीएम मोदी ने बधाई देते हुए कहा-लंबी हो आपकी उम्र  |   लखनऊ: चारबाग स्टेशन के निकट 2 होटलों में लगी भीषण आग, 5 की मौत  |   UP पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 का आगाज, 23 लाख 67 हजार अभ्यर्थियों ने किया आवेदन  |   BJP प्रदेश अध्यक्ष का सपा पर पलटवार, कहा- अखिलेश का टोंटी खोलना बच्चों वाली हरकत  |   राजीव कुमार के बाद काैन हाेगा यूपी का अगला मुख्यसचिव ?  |  

लाइफस्टाइल

गर्मियों में हर रोज पीएं 8 गिलास पानी
पानी की यह मात्रा कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि लिंग, उम्र, शारीरिक गतिविधियों का स्तर और पार्यावरण।
 
गर्मियों में दस्त का पानी ही इलाज
गर्मियों में लगने वाले दस्त अक्सर पानी जैसे पतले, बिना दर्द के होते हैं और इनमें बलगम या रक्त नहीं आता।
 
गर्मियों में कैसे करें आंखों की देखभाल
आंखों के बारे में सदियों से कवि व शायर लिखते रहे हैं। आंखों को नयन, लोचन, नयन, नैना जैसे कई नाम दिए गए हैं। ये आखें अभिव्यक्ति का माध्यम भी है,
 
मधुमेह से बचने के लिए करें तिल के तेल का प्रयोग : विशेषज्ञ
विशेषज्ञों ने तिल के तेल के प्रयोग की सिफारिश की है। भारत में 2014 और 2015 में 20-70 साल के आयु समूह के बीच मधुमेह के मामले क्रमश: 6.68 करोड़ और 6.91 करोड़ पाए गए हैं।
 
डाक्टरों की सलाह-गर्मी में चाट पकौडी से करें परहेज
गर्मी का असर चौतरफा देखने को मिल रहा है।दोपहर में सडकों और बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है ।अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
 
भारतीय महिलाओं में बढ़ रहा कैंसर : विशेषज्ञ
ऐसे समय में जब अनुवांशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली के कारकों के कारण दुनियाभर में कैंसर पैर पसार रहा है, भारत में भी कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। खासतौर पर ज्यादा से ज्यादा महिलाएं कैंसर की चपेट में आ रही हैं। शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) के मुताबिक, दुनिया में कैंसर का हर 13वां नया रोगी भारतीय है और देश में स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा फैल रहा है। एनसीआई 'यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसिजस' (यूएसडीएचएच) का हिस्सा है।
 
50 की उम्र के बाद सिर्फ उच्च रक्तचाप पर दें ध्यान
मरीजों को केवल अपने उच्च रक्तचाप पर ध्यान देना चाहिए और निम्न ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज कर देना चाहिए। 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए सिस्टॉलिक प्रेशर अगर 140 एएएचजी या ज्यादा हो तो इसे हाई माना जाता है। यह जानकारी हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने दी।
 
घर की बनी स्मूदीज से करें गर्मी से मुकाबला
घर की बनीं कुछ स्मूदीज की मदद से आप गर्मियों के दुष्प्रभावों से मुकाबला कर सकते हैं। ये स्मूदीज आपकी त्वचा के लिए भी लाभदायक साबित होंगी और आपके शरीर के चयापचय को नियंत्रित रखेंगी।
 
फैटी लीवर रोग से कैसे बचें
लीवर में फैट (वसा) जमा हो जाती है। वैसे तो लीवर में फैट होना आम बात है, लेकिन पांच से 10 प्रतिशत ज्यादा फैट होना बीमारी कहलाता है
 
उप्र में महिलाओं व नवजात शिशुओं की सेहत की मुफ्त जांच
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत का पूरा ख्याल रखने की कवायद शुरू की गई है।
 
हृदय के लिए मक्खन से बेहतर नहीं वनस्पति तेल
मक्खन छोड़कर वनस्पति तेल के सेवन का निर्णय लिया है, तो ठहरिए। एक नए शोध से पता चला है कि वनस्पति तेल हृदय रोग के जोखिमों को कम करने के लिए खास मददगार नहीं है।
 
मोटापा ग्रस्त लोग इस तरह रखें वजन पर नियंत्रण
नए शोध से पता चला है कि अगर कोई व्यक्ति एक साल तक वजन काबू में रखता है तो उसका शरीर कम वजन के अनुकूल हो जाता है।
 
हाथ धोंए, गंभीर बीमारियाें से बचें
विशेषज्ञों के अनुसार हाथों की अच्छी प्रकार से सफाई करके ही हम कई गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आने से बच सकते हैं।
 
पर्किं सन रोगियों के लिए फायदेमंद डीप ब्रेन स्टिमुलेशन
गतिविधियों और प्रभावी विकारों को ठीक करने के लिए प्रत्यारोपित इलेक्ट्रोड के माध्यम से मस्तिष्क के विशिष्ट हिस्सों (मस्तिष्क केंद्र) में विद्युत आवेग पहुंचाते हैं।इस प्रक्रिया के दौरान चिकित्सक व्यक्ति की खोपड़ी में छेद कर ब्रेन पेसमेकर स्थापित करते हैं।
 
हृदय रोग में नाशपाती लाभकारी
पीड़ित मध्य आयु वर्ग के व्यक्ति नियमित तौर पर नाशपाती का सेवन करते हैं, तो उनमें रक्तचाप और संवहनी क्रियातंत्र दुरुस्त रहता है।
 
मधुमेह की दवा से होता मोटापा कम!
इलाज में बड़े पैमाने पर प्रयोग की जानेवाली इंजेक्टेबल दवाई के साथ खान-पान पर नियंत्रण और व्यायाम के जरिए स्वास्थ्य बेहतर किया जा सकता है।
 
जीवाणुरोधी साबुन नवजात के लिए हानिकारक
जीवाणुरोधी साबुन का प्रयोग गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिला की संतान के लिए हानिकारक हो सकता है।
 
आंख की रोशनी खोने वालों का बीएचयू अपने खर्चे पर एसजीपीजीआई में कराये इलाज
न्यायालय ने इन पीडि़तों के इलाज का खर्च काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी को उठाने को कहा है।बीएचयू में डाक्टरों की लापरवाही के चलते सात मरीजों की आंख की रोशनी चली गयी।याची का कहना है
 
धूम्रमान से हो सकता है इम्फीसेमा
बीमारी का प्रमुख कारण धूम्रमान माना जाता है। भारत के एक तिहाई लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। शहरी क्षेत्रों में सिगरेट और चबाने वाला तंबाकू आम बात है
 
एचाआईवी रोगियों के लिए मददगार एंजाइम
हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पूरी दुनिया में लगभग 3.7 करोड़ लोग एचआईवी से ग्रस्त हैं।
 

CopyRight 2016 DanikUp.com