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खरी खरी

अमेरिका का पिट्ठू न बने भारत
अमेरिका से भारत की बढ़ती साझेदारी के बीच एक चिंता भी है कि कहीं भारत अमेरिका का पिट्ठु तो नही बन रहा है। ईरान से लेकर रूस तक भारत के अरसे पुराने विश्वसनीय दोस्तों की कीमत पर तो कुछ नही पक रहा है। भारत को अमेरिका का साथ चाहिए ये बदली परिस्थितियों का तकाजा है लेकिन क्या व्यापार से इतर दोनों देशों की बॉन्डिंग बन रही है। मेरा मानना है कि भारत के पास विकल्प सीमित हैं। चीन की ब्यूह रचना से बाहर निकलने और मुकाबले के लिए भारत को एक ताकतवर रणनीतिक भागीदार चाहिए जो चीन के चंगुल या प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो। रूस पहले जैसा ताकतवर नही रहा। पूर्वी छेत्र में सीमा विवाद के बावजूद रूस की रणनीतिक भागीदारी चीन के साथ बढ़ी है। पाकिस्तान के प्रति चीन का झुकाव और रूस का संतुलन भारत को एक नए ध्रुव की तलाश को विवश करता है।
 
तिलक तराजू और तलवार..रूठ गए तो
तिलक, तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार। ये नारा कभी कांशीराम की अगुवाई में बसपा के उन कर्णधारों ने दिया था जिन्हें लगता था कि तथाकथित अगड़ी जातियों को गाली देकर दलित समुदाय की लामबंदी से सत्ता का सफर तय किया जा सकता है। मायावती ने बाद में सत्ता का मर्म समझा और जिस वर्ग को गाली देकर उन्होंने सत्ता की सियासत शुरू की थी उसे गले लगाने का सिलसिला भी उन्होंने शुरू किया। वे सर्वसमाज की बात करने लगीं। वक्त का पहिया घूमता है। तिलक तराजू और तलवार का नारा फिर से गूंज रहा है बस साथ में जुड़ गया है रूठ गए तो गई सरकार।
 
क्या सवर्ण होना गुनाह है?
क्या सवर्ण होना गुनाह है ----------------------------------- अंजना पाराशर क्या वर्ण व्यवस्था के मुताबिक सवर्ण होना गुनाह है। क्या प्रतिभा या मेधा हासिल करना और देश को उस प्रतिभा से बहुत कुछ देना अपराध है। अगर नही तो देश को बौद्धिकता, परिश्रम और विजन से आगे बढ़ाने और देश की आन बान और शान के लिए खपाने वाले समुदाय के साथ अत्यंत उपेक्षित भाव क्यों?
 
ये तो बेटी ही सोना है
जीतती रहो बेटियां हर राह तुम्हारी है धरती तुम्हारी है गगन तुम्हारा है। चारो तरफ हो रहा ये शंखनाद आने वाला हर समय तुम्हारा है। आने वाला हर समय तुम्हारा है।
 
स्वतंत्रता पुकारती: जश्न किसलिए?
देश 71 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। लाल किले के प्राचीर से विकास का एक नया सपना। लोगों के सामने उजली तश्वीर। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के सुनहरे सपने। विकास हो रहा है। सचमुच हो रहा है। कोई संशय नही। नए संस्थान बन रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य का नया आधारभूत ढांचा खड़ा हो रहा है। सड़कों, हाईवे का जाल बिछ रहा है। फिर क्या कम है। सबकुछ तो है फिर भी एक अजीब सी हलचल। भरोसे की कमी। घटता जुनून और उत्साह। कहीं कुछ अखर रहा है क्या?
 
चुनावी मौसम में काम करेगा शराबबंदी का शिगूफा!
चुनावी मौसम में काम करेगा शराबबंदी का शिगूफा! महिला मतदाताओं को लुभाने की कवायद, राजस्व के डर से फैसले में हिचकिचाहट नई दिल्ली। अंजना पाराशर विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर एक बार फिर कर्नाटक और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में शराबबंदी का शिगूफा राजनीतिक दलों ने छेड़ दिया है। महिला मतदाताओं को लुभाने के नाम पर कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस शराबबंदी का राग छेड़ रही हैं जबकि छतीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा समिति गठन करने के बाद अब कांग्रेस औऱ अजित जोगी की अगुवाई वाली जनता कांग्रेस इस मुद्दे को जोर शोर से उठा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के वक्त शुरू की जा रही कवायद का मतदाताओं पर कितना असर पड़ेगा कहना मुश्किल है। पहले इस तरह के प्रयोग ज्यादातर राज्यों में विफल ही साबित हुए हैं।
 
खत्म करो जनता का खून चूसने वाला भ्रष्टाचार
खत्म करो जनता का खून चूसने वाला भ्रष्टाचार अंजना पाराशर भ्रष्टाचार से लड़ने के नाम पर सत्ता की सवारी कर रही भाजपा का एजेंडा क्या अब बदल गया है? क्या भ्रष्टाचारी तंत्र अपने भ्रष्टाचार को अंजाम देने में किसी भी तरह का संकोच कर रहा है?
 
प्रद्युम्न हत्याकांड: क्या सीबीआई गढ़ रही है कहानी?
क्या सीबीआई गढ़ रही है कहानी? आरुषि जैसा न हो प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच का हश्र दैनिक यूपी का सटीक विश्लेषण देश को हिला देने वाले प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई जांच के शुरुआती निष्कर्ष ने सबको चौंका दिया है। सारा गणित उलट पुलट। हरियाणा पुलिस की एसआईटी की जांच फेल हुई या सीबीआई जांच ने मामले को उलझा दिया कहना मुश्किल है। लेकिन हमें मानकर चलना चाहिए कि हत्याकांड की गुत्थी सुलझना इतना आसान नही है।
 
पठानकोट और 26/11 के दोषियों पर कार्रवाई करे पाक - भारत,अमेरिका
भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर आतंकवाद को प्रश्रय देने वालों के लिए सख्त संकेत देते हुए कट्टर इस्लामी आतंकवाद को मूल रूप से नष्ट करने का संकल्प लिया है।
 
भारत ने कहा कश्मीर में किसी का दखल मंजूर नही
भारत ने आज स्पष्ट किया कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस को भी भारत के इस रुख से अवगत करा दिया गया है।
 
यह भाजपा की नहीं पीएम मोदी की जीत
उत्तरप्रदेश चुनाव की प्रचंड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीत है। बिल्कुल ठीक कहा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यह भारतीय राजनीति में नए युग की शुरुआत है। और इसे मोदी युग कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। एक समय था जब इंदिरा इज इंडिया। इंडिया इज इंदिरा का नारा गंूजता था। समय बदल गया है। अब हर हर मोदी घर घर मोदी का नारा गंूज रहा है। पंजाब में कांग्रेस जरूर जीती है लेकिन वहां भी राहुल गांधी का कोई योगदान नहीं है।
 
मुलायम की दूसरी पत्नी की जंग का एलान
मुलायम परिवार में रार की असली वजह परदे से निकलकर सामने आ गई हैं। साधना यादव ने खुलकर बगावत का संकेत दे दिया है। लगता है साधना को ये संकेत मिल गया है कि अखिलेश सरकार सत्ता में नहीं आने वाली। या फिर उनकी बहू यानी प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव चुनाव नहीं जीत रही हैं।
 
मां तुझे सलाम
दीपावली वीर सेनानियों के नाम है तो साथ में उन माँओं के नाम भी होना चाहिए जो इन वीर सपूतों को जन्म देती है। पालती है,पोसती है। रात भर जागकर बच्चे को सुख की नींद सुलाती है।
 
शोषण से मिलेगी आज़ादी
तलाक तलाक तलाक और जिंदगी खत्म। भला कैसे? अर्से से हो रहा है इसलिए चलने दो। न तो धर्म इसे मान्यता देता है न समाज में इस मान्यता से भलाई का रास्ता खुलता है। फिर भी चलने दो। क्यों? क्योंकि हमारे चंद मौलवी साहब इसे धार्मिक चोला पहनाये हुए हैं। ये बिल्कुल वैसा है जैसे अर्से तक सती प्रथा चलती रही। जब समाज सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई तो जबरदस्त विरोध हुआ। लेकिन जीत अंततः सत्य की हुई। ये कुप्रथा अपराध के दायरे में आ गई। बाल विवाह अभी भी किसी कोने में होते होंगे लेकिन कानूनन अपराध बनाने के बाद अब ये भी आम नहीं रहा। न जाने कितने बचपन उजड़ने से बच गए।
 
अमेरिका इजरायल की तरह जवाब दे भारत
पाकिस्तान के साथ सिंधु नदी समझौते की प्रधानमंत्री समीक्षा कर रहे हैं। समझौता एक्सप्रेस को लेकर तरह तरह की अटकलें हैं। पाकिस्तान को दी गई तमाम रियायतें भारत ख़त्म कर सकता है। ये चर्चा भी सियासी गलियारे में है। लेकिन लाख टके का सवाल बना हुआ है कि क्या भारत अमेरिका इजराइल जैसे देशों की तरह अपने ऊपर होने वाले हमलों का जवाब देने का साहस जुटा पायेगा। या देशवासियों को एक बार फिर जुबानी जंग देखने के बाद गले मिलने का आडम्बर ही देखने को मिलेगा।
 
धर्म से सीखे स्वच्छता का संदेश
मनु स्मृति में धर्म के दस लक्षण बताये गए। याज्ञवल्क्य ऋषि ने नौ लक्षण बताये। श्रीमद भागवत के सप्तम स्कन्ध में सनातन धर्म के तीस लक्षण बताये गए। इन सभी में एक साझा लक्षण स्वच्छता का है। आप धर्म,पुराण,उपनिषद के पन्नों को उलटिये आपको स्वच्छता का अन्तर्निहित सन्देश जरूर मिलेगा।
 
देशभर में बैंकों की एकदिवसीय हड़ताल
केंद्र सरकार की बैंकिंग क्षेत्र की नीतियों के विरोध में देशभर के निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों के लगभग 10 लाख कर्मचारियों की एकदिवसीय हड़ताल के मद्देनजर शुक्रवार को बैंकों में कामकाज बंद हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच.वेंकटचालम ने चेन्नई में को बताया, "इस हड़ताल को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि इससे देशभर के लगभग 10 लाख कर्मचारी जुड़ गए हैं। अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंक बंद हैं।"
 
जरूर पढ़े बेहद खतरनाक होता आतंक का क्रूर चेहरा
ये पूरी दुनिया के लिए संक्रमण काल है। आतंक का नेटवर्क पहले भी काफी व्यापक था। लेकिन उसके चेहरे स्पष्ट थे। हमें पता था कि अलकायदा कहाँ है। लश्कर कहाँ है। तालिबान कहाँ है। इनके आका कौन हैं। और इनका इन्ट्रेस्ट क्या है। लेकिन आतंक का नया चेहरा बेहद भयावह है। इसके रंग,रूप, आकार का पता लगा पाना बेहद कठिन।
 
पूर्व सांसद,भाजपा नेता रमेश चंद्र तोमर का मोदी सरकार के दो साल पर विशेष आलेख
दो साल होने को आए लेकिन मानसून की बेरुखी का जो असर देश के किसान और खेती पर होना चाहिए था वह बेहद नगण्य रहा। भले ही कृषि क्षेत्र की विकास की रफ्तार वह नहीं रह पाई जो अपेक्षित थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों ने किसानों पर होने वाले दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर दिया।
 
इतिहास बदला राजनीतिक भूगोल भी
भारतीय राजनीति की अद्भुत घटना। असम में भाजपा की जीत। इतिहास करवट बदल रहा है। राजनीतिक दलों का भूगोल बदल रहा है। कभी कन्याकुमारी से कश्मीर तक फैले होने का दावा करने वाली कांग्रेस आज 5 - 6 राज्यों तक सिमटकर छेत्रीय दलों की हैसियत में आती जा रही है। दूसरी तरफ दो लोकसभा सीटों से शुरुआत करके 2014 में भाजपा का लोकसभा में प्रचंड बहुमत और आज नार्थईस्ट के एक राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार। निश्चित ही ये भाजपा और संघ के लिए स्वर्णिम काल है।
 

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