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खरी खरी

किसानों का भरोसा क्यों डिगा..
देश मे किसान आंदोलित हैं। खासतौर पर पंजाब का किसान सड़को पर निकल आया है। देश की राजधानी की सीमाओं पर किसान जमा हुआ सरकार से गुहार कर रहा है कि नए कृषि कानून वापस ले लो। वे कानून जिन्हें सरकार ने किसानों के लिए क्रांतिकारी बताया है। उनकी आय को बढ़ाने वाला बताया। उनके लिए नई उम्मीदें जगाई। किसान उसी कानून को अपने हक के खिलाफ बता रहा है। आखिर अन्नदाता का भरोसा क्यों टूटा है।
 
इस बार दीपावली बहुत खास है...
दीपावली के पावन पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय।। असत्य से सत्य की ओर और अंधकार से प्रकाश की ओर। यानी आशावादी दृष्टिकोण के संदेश से लबरेज ये त्यौहार हमें जीवन के प्रति अपनी सोच को विस्तार देने की सीख देता है। किस तरह से सत्य के लिए प्रयासरत रहना है। कैसे अंधेरे को उजाले में तब्दील करना है। यही तो आशावाद है। सकारात्मकता है। जीवन की पूंजी है
 
निर्भया से हाथरस तक बेटियों पर सत्ता का मिजाज न बदला
निर्भया के आठ साल बाद हाथरस की बेटी के लिए न्याय मांगा जा रहा है। लेकिन पुलिस प्रशासन, सत्ताधारी दल के प्रवक्ता और खुद सरकार रेप हुआ ही नही इस बात पर जोर देते हुए नाटकीयता के साथ बचाव के सारे तर्क गढ़ रहे हैं। रात के अंधेरे में बेटी का शव परिवार की अनुमति के बिना उपले और पेट्रोल से जला दिया गया। शर्मनाक और घृणित कार्रवाई के वक्त पुलिस का एक अफसर मुस्कराता रहा। लेकिन किसी अफसर पर कोई कार्रवाई नही एक एसआईटी बना दी।
 
चुनौतियां कितनी बड़ी हों, संकल्प उससे भी बड़ा है, देश न थकेगा न रुकेगा....
चौतरफा चुनौती के बीच प्रधानमंत्री के भाषण और आजादी के जश्न पर दैनिक यूपी की एडिटर इन चीफ अंजना शर्मा की त्वरित टिप्पणी।*
 
भारत न कभी झुका है न झुकेगा, प्रधानमंत्री की लद्दाख यात्रा के मायने
अंजना शर्मा गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चीन से जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अचानक लेह लद्दाख जाकर सैनिकों को संबोधित करना चीन को स्पष्ट और सख्त संदेश है। भारत का रुख साफ है कि वह विस्तारवाद की किसी भी मुहिम का डटकर विरोध करेगा।
 
धोखेबाज चीन को सबक सिखाओ हिंदुस्तान
चीन की ओर से गलवान घाटी में की गई हरकत भारत - चीन संबंधों का टर्निंग पॉइंट है। हमारे एक कमांडिंग अफसर और दो जवानों की शहादत से हमारे संबंधों में ऐसा मोड़ आया है जहां हमें अपने स्वाभिमान के लिए कुछ भी करना होगा
 
जाहिलों की जमात, आपराधिक लापरवाही
निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात मरकज का सबक हैरान करने वाला है। पूरी दुनिया त्राहि त्राहि कर रही है। रहस्यमयी कोरोना ने बड़ी बड़ी शक्तियों को नतमस्तक कर दिया है। दुनिया हैरान है परेशान है। लेकिन हैवान नही मान रहे। पूरा देश लॉक डाउन में है। लेकिन धर्म के नाम पर मरकजी निजामुद्दीन में अधर्म का सबसे बड़ा नंगा नाच करते रहे। कई देशों और देश के विभिन्न प्रदेशों के लोग मरकज में शामिल हुए। हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं
 
समझ आया बजट?
समझ आया बजट? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया तो कई तरह के सवाल थे? दशक का पहला बजट किसको राहत देगा? आम आदमी को? बड़े घरानों को, उद्योग जगत को? या फिर अर्थव्यवस्था को? करीब पौने तीन घंटे बाद वित्तमंत्री जब स्वास्थ्य की वजह से कुछ असहज हुईं तो लगा निर्मला बजट से सहानुभूति तो हो सकती है। कोई उत्साह नही हो सकता। शेयर बाजार इसी सेंटिमेंट की वजह से लुढ़का। हां ये सुकून जरूर कि टैक्स का और बोझ नही बढ़ा। राहत के नाम पर विकल्प मिला है। टटोलने के लिए। मोदी सरकार ने मुख्यत: तीन बातों पर फोकस किया है। वित्त मंत्री ने खुद कहा आकांछा का भारत, आर्थिक विकास और केअरिंग सोसाइटी। लेकिन बजट में इसका ठोस मॉडल नही दिखता। विपक्ष ने इसे लिप सर्विस बजट कहा। किसी ने इसे ड्रीम बजट कहा। सत्ता पक्ष ने इसकी सराहना की। लेकिन ज्यादातर लोगों का सवाल यही है बजट समझ आया। दरअसल आंकड़ों की बाजीगरी गजब होती है। जैसा चाहिए व्याख्या कीजिये
 
हैदराबाद की सीख......
हैदराबाद की सीख...... यह सही है कि हम एक सभ्य समाज का हिस्सा हैं। ये भी सही है कि हम जंगलराज नही कानून के राज में जी रहे हैं। इसलिए हैदराबाद में जब चार अपराधियों को पुलिस ढेर कर देती है तो सवाल उठते हैं।
 
उन्मादी पाकिस्तान चीन से मिलकर कर रहा साजिश
उन्मादी पाकिस्तान से सतर्क रहने की जरूरत अंजना पाराशर यूएन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भाषण जिस किसी ने भी सुना होगा उसे इस बात का एहसास जरूर हो गया होगा कि पाकिस्तान की माली हालत इतनी खराब क्यों है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सर्वोच्च वैश्विक मंच से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया उसकी पड़ताल कोई रॉकेट साइंस नही है फिर भी उसकी चर्चा जरूरी है
 
चांद भी अपना होगा चांदनी भी हमारी .....
चांद भी अपना होगा चांदनी भी हमारी ..... अंजना चांद से बस चंद कदम हम दूर रह गए। मगर हमारा हौसला हजारों मील आगे निकल गया। पूरा देश जिस तरह से चंद्रयान मिशन - 2 के साथ खड़ा नजर आया उससे स्पष्ट हो गया है कि न्यू इंडिया की हसरतें नई हैं और वह राष्ट्र के लिए एक साथ एक सुर से बोलने को तत्पर है। शुक्रवार की रात 12 बजे के बाद शनिवार तड़के करीब एक बजकर 50 मिनट पर मेरी भी सांसे थम सी गई थीं बिल्कुल वैसे ही जैसे देश के सवा सौ करोड़ लोगों की।
 
हरियाणा में लड़ाई एकतरफा है?
हरियाणा में चुनावी बिगुल तिथियों के आधिकारिक ऐलान के पहले ही बज चुका है। खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने जिस अंदाज में अभी से अपनी ताकत सूबे में झोंक दी है उससे साफ लगता है कि वे केवल जीत के प्रति आश्वस्त नहीं रहना चाहते बल्कि उनका लक्ष्य केंद्र की तर्ज पर बहुमत का पुराना रिकॉर्ड तोडऩा है।
 
ट्रांसपोर्ट माफिया के दबाव में बढ़ाया कैह्रश्वटन सरकार ने बस किराया : कौर
चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब सरकार द्वारा चुप-चाप बढ़ाए गए बस किराए की तीखी आलोचना करते हुए पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रो. बलजिन्दर कौर और रुपिन्दर कौर रूबी (दोनों विधायक) ने कैह्रश्वटन अमरिन्दर सिंह सरकार पर आरोप लगाया है कि प्राईवेट ट्रांसपोर्ट माफिया के दबाव तले कांग्रेस सरकार ने बसों के किराए में बढ़ौतरी की है।
 
बेबसाइटों पर प्रलोभनों से बचें और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहें : आलोक रॉय
चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में साइबर अपराध और कानूनी जागरूकता पर न्याययिक अधिकारियों एवं लोक अभियोजकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसके समापन अवसर पर हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अम्बाला रेंज के एडीजीपी आलोक कुमार रॉय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इसमें 11 न्याययिक अधिकारियों तथा 10 लोक अभियोजकों ने भाग लिया।
 
संस्कृतियों, भाषाओं और पहचानों को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा : बाजव
चंडीगढ़ केंद्र सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति सम्बंधी जारी किये गए मसौदे संबंधी कई तरह के अंदेशे जाहिर करते हुए पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने आज यहाँ गैर सहायता प्राप्त कॉलेजों की साझी एक्शन कमेटी द्वारा करवाए गए सैमीनार के मौके पर अध्यक्षयीय भाषण देते हुए कहा कि इस नीति के लागू होने से सबसे बड़ा ख़तरा मुल्क की विभिन्न संस्कृ तियों, भाषाओं और पहचानों को नुकसान पहुँचने का खतरा है।
 
गुरुग्राम में जलभराव ने खोली सरकार के जुमलों की पोल : वर्धन यादव
गुरुग्राम बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के मजबूत दावेदार एवं युवा नेता वर्धन यादव ने प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री एवं बादशाहपुर के वर्तमान विधायक राव नरबीर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुरुग्राम की बदहाल व्यवस्था और जलभराव की समस्या पर उन्हें जमकर लपेटा। वर्धन ने कहा कि आये दिन बरसात के मौसम में गुरुग्राम कृत्रिम तालाब के रुप में तबदील हो जाता है।
 
कश्मीर : खस्ता-हाल पाकिस्तान
भारत के विदेश विदेश मंत्री एस जयशंकर बिल्कुल ठीक मौके पर चीन पहुंचे। उनके पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन जाकर खाली हाथ लौट चुके थे लेकिन चीन कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तानी दबाव में आकर कोई अप्रिय रवैया अख्तियार न कर ल,े इस दृष्टि स े जयशकं र की यह यात्रा सफल रही। यो ं 196३ म ें पाकिस्तान ने चीन को अपने कब्जाए हुए कश्मीर में से 5 हजार वर्ग किमी जमीन भेंट कर दी थी।
 
मंदिर बनाने की बात करने वाले संत रविदास का मंदिर ढहाए जाने पर चुप क्यों हैं : निशान सिंह
चंडीगढ़/टोहाना जननायक जनता पार्टी ने राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के मंदिर को ढहाए जाने की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार से इसमें दखल देकर शांतिपूर्वक समाधान करने की मांग की है। जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि संत रविदास गरीबों और पिछड़ें लोगों के मसीहा माने जाते हैं और उनसे प्रेरणा पाकर ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश के लिए समतामूलक संविधान तैयार किया था।
 
हंगामा क्यों है बरपा?
कश्मीर में अफरा-तफरी का माहौल है। आशंका और भय के वातावरण में घाटी के कई हिस्सों में लोग एटीएम पर और राशन की दुकानों पर भीड़ लगाने को मजबरू हएु ह।ंै अमरनाथ यात्रा पिछल े तीस सालो ं म ें पहली बार रोकी गर्इ ह।ै कश्मीर स े लेकर दिल्ली तक सवाल हो रहा है कि आखिर ऐसा क्या होने वाला है।
 
यौन उत्पीडऩ की भयावहता
पॉक्सो कानून (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल ऑफेंस ऐक्ट) में अमल को चुस्त बनाने के लिए गत हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया। उसने उन राज्यों में विशेष अदालत बनाने को कहा, जहां बच्चों के यौन शोषण के ज्यादा मामले हाल में सामने आए हैं। इस कानून में संशोधन कर इसमें नए सख्त प्रावधान जोड़े जा चुके हैं। मगर सवाल है कि उससे कितनी सूरत बदली है? अब तक कानून को लेकर सरकार और पुलिस का रुख उदासीन ही रहा है। मूल कानून को लागू हुए सात साल बीत जाने के बाद भी अभी देश में डाटा प्रबंधन प्रणाली या एमआईएस (प्रबंधन सूचना प्रणाली) दुरुस्त करना बाकी है। श्रेणी के अनुसार डेटा को अगल-अलग किया जाना है।
 
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